गुरु पूर्णिमा पर सीएम योगी की पाती, जनता को समझाया पर्व का महत्व, बोले - 'गुरुजनों का सदैव करें स्मरण'
आषाढ़ मास की पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने प्रदेश और देशवासियों को एक विशेष पत्र (पाती) लिखकर इस महापर्व की हार्दिक बधाई दी है। सीएम योगी ने अपने संदेश में भारतीय संस्कृति में गुरु-शिष्य परंपरा की महानता और जीवन में गुरु के सर्वोच्च स्थान को रेखांकित किया है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि गुरु केवल शिक्षा देने वाला माध्यम नहीं है, बल्कि वह अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर जीवन को सही दिशा दिखाने वाला मार्गदर्शक है। गोरखपुर के गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर होने के नाते भी सीएम योगी के इस संदेश का धार्मिक और सामाजिक महत्व काफी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि सीएम योगी ने अपनी इस विशेष पाती में जनता से क्या बड़ी बातें कही हैं और सनातन धर्म में गुरु पूजन का क्या महत्व समझाया है।
'गुरु बिन भवनिधि तरइ न कोई': सीएम योगी ने समझाया सनातन परंपरा का सार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश की शुरुआत सनातन संस्कृति के मूल मंत्रों और चौपाइयों से करते हुए कहा कि भारतीय समाज में गुरु को भगवान से भी ऊंचा स्थान दिया गया है। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है, जब-जब समाज संकट में आया है या युवाओं को सही दिशा की आवश्यकता हुई है, तब-तब गुरुओं ने राष्ट्र का मार्गदर्शन किया है। सीएम योगी ने कहा कि चाहे मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के गुरु महर्षि वशिष्ठ और विश्वामित्र हों, या योगेश्वर भगवान श्री कृष्ण के गुरु महर्षि सांदीपनि, स्वयं भगवान ने भी धरा पर आकर गुरु परंपरा का सम्मान किया है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपने जीवन में माता-पिता और गुरुजनों का सदैव आदर और स्मरण करें।
सनातन संस्कृति की रीढ़ है गुरु-शिष्य परंपरा
अपनी पाती में मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमें अपनी प्राचीन गुरु-शिष्य परंपरा को जीवित रखना होगा। उन्होंने कहा कि एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र का निर्माण तभी संभव है जब हमारी भावी पीढ़ी अपने संस्कारों और नैतिक मूल्यों से जुड़ी रहे। गुरु पूर्णिमा केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञता और आभार व्यक्त करने का एक पवित्र दिन है। सीएम योगी ने कहा कि गुरुजनों के आशीर्वाद से ही व्यक्ति के भीतर विवेक, राष्ट्रभक्ति और समाज कल्याण की भावना जाग्रत होती है। उन्होंने सभी से इस दिन अपने गुरुओं का आशीर्वाद लेने और उनके बताए सन्मार्ग पर चलने का संकल्प लेने को कहा।
गोरक्षपीठ में गुरु पूर्णिमा का विशेष आयोजन
मुख्यमंत्री के इस संदेश के साथ ही गोरखपुर के ऐतिहासिक गोरखनाथ मंदिर (Gorakhnath Temple) में भी गुरु पूर्णिमा महोत्सव बेहद धूमधाम से मनाया जा रहा है। महायोगी गोरखनाथ और अपने दीक्षा गुरु ब्रह्मलीन महंत अवैद्यनाथ महाराज की पावन समाधि पर विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री स्वयं इस अवसर पर गोरक्षपीठ में उपस्थित रहकर गुरु पूजन की सदियों पुरानी परंपरा का निर्वहन कर रहे हैं, जहां प्रदेश भर से श्रद्धालु अपने पीठाधीश्वर और गुरु का आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। सीएम योगी ने जनता को संदेश दिया कि इस पावन तिथि पर किया गया गुरु स्मरण और पूजन जीवन के सभी कष्टों को दूर कर सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है।