प्रयागराज जलभराव मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, डीएम और नगर आयुक्त से मांगा गया व्यक्तिगत हलफनामा

प्रयागराज जलभराव मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, डीएम और नगर आयुक्त से मांगा गया व्यक्तिगत हलफनामा

प्रयागराज में हाल ही में हुई भारी बारिश के बाद शहर के कई प्रमुख इलाकों में उत्पन्न हुए गंभीर जलभराव और सड़कों पर जलजमाव की विकट समस्या को लेकर इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बेहद कड़ा और सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए प्रयागराज जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गहरी नाराजगी जताई है। इस जलभराव संकट और प्रशासनिक लापरवाही पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्रयागराज के जिलाधिकारी (DM) और नगर निगम के नगर आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से तलब करते हुए इस पर एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करने का सख्त निर्देश दिया है। अदालत यह सुनिश्चित करना चाहती है कि शहर की चरमराई जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा धरातल पर क्या ठोस और प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

जलभराव और नागरिक सुविधाओं पर अदालत की कड़ी टिप्पणी

सुनवाई के दौरान इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इस बात पर बेहद गंभीर चिंता व्यक्त की कि हल्की या भारी बारिश के बाद भी प्रयागराज के कई व्यस्त चौराहे, प्रमुख रिहायशी इलाके, अस्पताल मार्ग और मुख्य सड़कें कृत्रिम तालाब में तब्दील हो जाती हैं, जिससे आम जनता, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों को भारी परेशानियों व नारकीय जीवन का सामना करना पड़ता है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीवर लाइनों की नियमित सफाई, बड़े नालों के चौड़ीकरण और समय पर जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने में प्रशासनिक स्तर पर जो भारी लापरवाही बरती गई है, वह किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। अधिकारियों से यह कड़ा जवाब मांगा गया है कि मानसून से ठीक पहले नालों की सफाई और ड्रेनेज सुधार के लिए जो करोड़ों रुपये के बजट और योजनाएं कागजों पर बनाई गई थीं, उनका जमीनी स्तर पर आखिर क्या परिणाम निकला।

अधिकारियों से मांगा गया विस्तृत हलफनामा और जवाबदेही

अदालत के इन सख्त और कड़े निर्देशों के बाद अब जिलाधिकारी प्रयागराज और नगर निगम के नगर आयुक्त को आगामी सुनवाई से पहले एक विस्तृत हलफनामा (Affidavit) अदालत के समक्ष पेश करना होगा। इस हलफनामे में यह मुख्य रूप से बताना होगा कि शहर में बारिश के बाद होने वाले जलभराव की समस्या के स्थायी और वैज्ञानिक समाधान के लिए प्रशासन कौन सी दीर्घकालिक और अल्पकालिक कार्ययोजनाओं को लागू कर रहा है। इसके साथ ही, शहर के सीवर और ड्रेनेज सिस्टम को आधुनिक तकनीकों के जरिए बेहतर बनाने के लिए अब तक उठाए गए कदमों की पूरी प्रगति रिपोर्ट भी न्यायालय को सौंपी जानी है, ताकि आने वाले दिनों में आम जनता को जलभराव की इस गंभीर समस्या से स्थायी और पुख्ता राहत मिल सके।