यूपी चुनाव से पहले गुप्त बैठक! अखिलेश के घर पहुंचे कांग्रेस के दिग्गज, जानें क्या है मामला

यूपी चुनाव से पहले गुप्त बैठक! अखिलेश के घर पहुंचे कांग्रेस के दिग्गज, जानें क्या है मामला

उत्तर प्रदेश के चुनावी मैदान में शह और मात का खेल अब बेहद दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है। प्रदेश में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के एक साथ चुनावी मैदान में उतरने की चर्चाओं के बीच अचानक एक ऐसी मुलाकात हुई है जिसने सूबे के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।

कांग्रेस के वरिष्ठ रणनीतिकार और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी अपनी बेटी और विधायक आराधना मिश्रा 'मोना' के साथ सपा मुखिया अखिलेश यादव के लखनऊ स्थित आवास पहुंचे। बंद कमरे में हुई इस गोपनीय बातचीत के बाद दोनों ही खेमों में तरह-तरह के कयास लगाए जाने लगे हैं।

सीटों पर बातचीत से पहले गुप्त मुलाकात, दोनों खेमों में हलचल

सपा और कांग्रेस के बीच औपचारिक तौर पर सीटों के बंटवारे पर मंथन शुरू होना बाकी है, लेकिन उससे ठीक पहले हुई इस शीर्ष मुलाकात ने दोनों दलों के स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं को चौंका दिया है।

हालांकि अखिलेश यादव के नजदीकी सूत्र इसे महज एक सामान्य शिष्टाचार भेंट बता रहे हैं और कह रहे हैं कि इसका किसी बड़े चुनावी फैसले से सीधा वास्ता नहीं है। कांग्रेस का कहना है कि पार्टी का पूरा ध्यान इस समय जमीन पर संगठन को धार देने और जनता से लगातार संवाद बनाए रखने पर है। इसके बावजूद राजनीतिक जानकार यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या इस अहम बैठक की पटकथा राहुल गांधी के स्तर पर तय हुई थी या यह स्थानीय स्तर पर समीकरण साधने की शुरुआत है।

अखिलेश का बड़ा दावा: सहयोगी दलों को साधने में जुटी भाजपा

इस बीच अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की अंदरूनी चुनावी रणनीति को लेकर बड़ा दावा ठोक दिया है। अखिलेश का कहना है कि सत्ताधारी दल अपने पुराने और नए साथियों को साधे रखने के लिए सीटों के नए फॉर्मूले पर काम कर रहा है। उन्होंने सूत्रों के हवाले से कहा कि चुनावी सलाहकारों की राय पर भाजपा जयंत चौधरी की आरएलडी को 73 सीटें, ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा को 39 सीटें, संजय निषाद की निषाद पार्टी को 31 सीटें और अनुप्रिया पटेल के अपना दल को 19 सीटें देने का खाका तैयार कर रही है।

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