राम मंदिर चढ़ावा और जमीन विवाद मामले में SIT का बड़ा एक्शन; AAP सांसद संजय सिंह को सबूतों के साथ लखनऊ बुलाया
अयोध्या के राम मंदिर निर्माण और उससे जुड़े जमीन सौदों व चढ़ावे में कथित वित्तीय गड़बड़ियों के मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिग्गज नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह को एसआईटी ने आधिकारिक तौर पर पूछताछ और पुख्ता सबूत पेश करने के लिए तलब किया है। संजय सिंह को लखनऊ के मण्डलायुक्त (कमिश्नर) कार्यालय में एसआईटी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है। आप सांसद ने खुद सोशल मीडिया के जरिए इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि की है।
25 जून को लखनऊ कमिश्नर ऑफिस में पेश होंगे संजय सिंह, कहा- 'सौंपूंगा सारे दस्तावेज'
राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' (पहले ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश साझा करते हुए इस बात की जानकारी दी। उन्होंने बताया, "मैं देश की जनता के साथ यह महत्वपूर्ण जानकारी साझा करना चाहता हूं कि मुझे 25 जून (गुरुवार) को सुबह 11:00 बजे लखनऊ मण्डलायुक्त के कार्यालय पर एसआईटी के सामने बुलाया गया है। दरअसल, मैंने खुद भी इस मामले में एसआईटी के अध्यक्ष से मिलने का समय मांगा था। मैं कल तय समय पर जाकर चंदा चोरी और जमीन घोटाले से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण कागजात और सबूत एसआईटी को सौंप दूंगा।" उन्होंने अपने वीडियो का अंत 'जय हिंद, जय श्रीराम' के नारे के साथ किया।
चंपत राय पर लगाए गंभीर आरोप, पीएम मोदी की चुप्पी पर खड़े किए सवाल
एसआईटी के सामने पेश होने से ठीक पहले संजय सिंह ने सत्ताधारी दल बीजेपी और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर बेहद तीखे और सीधे हमले किए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर कुछ कथित आंकड़े पेश करते हुए लिखा:
"चंपत राय ने ₹2 करोड़ की जमीन ₹18.5 करोड़ में, ₹3 करोड़ की जमीन ₹24 करोड़ में और ₹9 करोड़ की जमीन ₹55.47 करोड़ के भारी-भरकम दामों में खरीदी है। इन सभी घोटालों के पुख्ता सबूत मेरे पास मौजूद हैं। आखिर चंदा चोरी करने वाले लोग अब तक ट्रस्ट के पदों पर कैसे बने हुए हैं? यह ट्रस्ट प्रधानमंत्री मोदी ने बनाया था और इस लूट का पैसा सीधे तौर पर राजनीतिक फायदे के लिए इस्तेमाल हो रहा है। यही वजह है कि पीएम मोदी इस पूरे चंदा चोरी मामले पर अब तक पूरी तरह खामोश हैं।"
13 जून को हुआ था 3 सदस्यीय SIT का गठन, प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंपी
आपको बता दें कि राम मंदिर के चढ़ावे और जमीन खरीद-फरोख्त में भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने चौतरफा दबाव के बीच बीती 13 जून को एक उच्च स्तरीय तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया था। इस जांच टीम का नेतृत्व लखनऊ के मण्डलायुक्त कर रहे हैं। एसआईटी की टीम ने इस मामले में गहन छानबीन करते हुए अपनी एक प्रारंभिक रिपोर्ट (Preliminary Report) शासन को सौंप दी है, जबकि कयास लगाए जा रहे हैं कि अगले 10 से 15 दिनों के भीतर इस पूरे मामले की फाइनल विस्तृत रिपोर्ट सरकार के सामने पेश कर दी जाएगी। संजय सिंह द्वारा सौंपे जाने वाले दस्तावेज इस जांच की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।