लखनऊ में एसटीएफ का ताबड़तोड़ एक्शन: अवैध कोडीन कफ सिरप के साथ गिरोह का पर्दाफाश

लखनऊ में एसटीएफ का ताबड़तोड़ एक्शन: अवैध कोडीन कफ सिरप के साथ गिरोह का पर्दाफाश

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपराधियों और अवैध कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बहुत बड़ी और सनसनीखेज सफलता हासिल की है। एसटीएफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से प्रतिबंधित कोडीन कफ सिरप (Codeine Cough Syrup) की तस्करी करने वाले एक खतरनाक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस छापेमारी के दौरान टीम ने लगभग 3 करोड़ रुपये मूल्य के अवैध कोडीन सिरप की खेप को बरामद किया है, जो गुप्त गोदामों और वाहनों के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में खपाने के लिए लाई जा रही थी। कोडीनयुक्त कफ सिरप का इस्तेमाल आमतौर पर युवाओं और नशे के आदी लोगों द्वारा गैर-कानूनी तरीके से नशे के विकल्प के रूप में किया जाता है, जिसके अवैध व्यापार पर रोक लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से इस सिंडिकेट की ट टोह ले रही थीं।

उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों में फैला हुआ था इस अवैध नेटवर्क का जाल

जांच में यह बात सामने आई है कि यह संगठित गिरोह केवल लखनऊ तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसका जाल उत्तर प्रदेश के कई अन्य जिलों के अलावा पड़ोसी राज्यों जैसे बिहार, पश्चिम बंगाल और असम तक फैला हुआ था। ये शातिर तस्कर वैध दवाइयों की आड़ में ट्रकों और कंटेनरों के जरिए कोडीन कफ सिरप की खेप को बंगाल की खाड़ी या पूर्वोत्तर राज्यों की सीमाओं के रास्ते अवैध तस्करी के लिए भेजते थे। कागजों में इसे फार्मास्यूटिकल्स और जेनरल मेडिकल सप्लाई दिखाया जाता था, लेकिन धरातल पर इस पूरी खेप को अवैध नशीले पदार्थों के काले बाजार में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। एसटीएफ की खुफिया इकाई पिछले कई हफ्तों से इस गैंग के सरगनाओं के फोन कॉल्स और मूवमेंट को ट्रैक कर रही थी, और जैसे ही इस खेप के लखनऊ में डंप होने की पुख्ता जानकारी मिली, टीम ने बिना एक पल गंवाए सटीक दबिश देकर पूरे सिंडिकेट को दबोच लिया।

युवाओं को नशे के दलदल में धकेलने वाले इस सिंडिकेट के मुख्य चेहरे बेनकाब

इस सनसनीखेज खुलासे के बाद एसटीएफ ने मौके से कई शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पूछताछ में पता चला है कि इस अवैध कारोबार से जुड़े लोग बेहद शातिर तरीके से बिना डॉक्टर के पर्चे के मेडिकल स्टोर्स और तस्करों को कोडीन सिरप की सप्लाई करते थे। कोडीन एक ओपिऑइड श्रेणी का सॉल्ट है, जिसके अत्यधिक सेवन से इंसान का तंत्रिका तंत्र बुरी तरह प्रभावित होता है और यह सीधे तौर पर युवा पीढ़ी को ड्रग्स की लत की ओर धकेल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार द्वारा नशे के कारोबारियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'जीरो टॉलरेंस' अभियान के तहत यह कार्रवाई बहुत अहम मानी जा रही है, क्योंकि हाल के दिनों में नशीली दवाओं की तस्करी के खिलाफ यह सबसे बड़ी बरामदगियों में से एक है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और उनके अन्य सहयोगियों की तलाश तेज कर दी गई है।

ड्रग विभाग और पुलिस प्रशासन का संयुक्त शिकंजा, सप्लाई चेन तोड़ने की तैयारी

इस बड़ी कार्रवाई के बाद अब खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) और स्थानीय पुलिस भी पूरी तरह से हरकत में आ गई है। जिन-जिन दवा कंपनियों और डिस्ट्रीब्यूटरों के नाम इस अवैध सिंडिकेट से जुड़े हुए पाए गए हैं, उनके लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सरकार और प्रशासन यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि इस सप्लाई चेन के अंतिम छोर तक पहुंचकर उन सभी बड़े फार्मा माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा जाए जो कानूनी loopholes का फायदा उठाकर अपनी तिजोरियां भर रहे हैं। आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के सभी मेडिकल गोदामों और संदिग्ध ट्रांसपोर्ट कंपनियों पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा, ताकि राज्य की धरती पर नशे के इस काले कारोबार को पूरी तरह से नेस्तनाबूद किया जा सके। एसटीएफ की इस साहसिक कार्रवाई से अपराधियों में खौफ का माहौल है और यह साबित हो गया है कि कानून से बचकर अवैध साम्राज्य चलाने वालों का अंत बेहद करीब है।