'प्रदेश लूटने वालों ने बाल-बच्चों के लिए जुटा रखी है अकूत दौलत', गोरखपुर में विपक्ष पर बरसे सीएम योगी; बोले- 'दुबई में मिसाइल गिरती है तो दर्द यहां के भ्रष्ट नेताओं को होता है'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के पूर्ववर्ती सत्ताधारियों और विपक्षी दलों के भ्रष्टाचार, परिवारवाद और कुशासन पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के राज्यस्तरीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए विपक्ष को आईना दिखाया। सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन लोगों ने दशकों तक उत्तर प्रदेश के संसाधनों और सरकारी खजाने को दोनों हाथों से लूटा, उन्होंने अपने बाल-बच्चों और आने वाली सात पीढ़ियों के ऐशो-आराम के लिए अकूत काला धन जुटाकर रख लिया है।
मुख्यमंत्री ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इन भ्रष्ट नेताओं को मुगालता है कि जब भी प्रदेश या देश में कोई कानूनी संकट आएगा, वे देश छोड़कर विदेश भाग जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिन्होंने पूरे प्रदेश को माफियाओं और गुंडों के हवाले कर बीमारू राज्य बना दिया था, वे आज जनता के सामने विकास पर ज्ञान देने का ढोंग कर रहे हैं।
'सैफई सिंडिकेट' के विकास तक सीमित थी पिछली सरकारों की सोच: सीएम योगी
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी की सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोगों के एजेंडे में उत्तर प्रदेश का समग्र विकास कभी था ही नहीं। उनका तथाकथित 'समाजवाद' केवल अपने परिवार और 'सैफई सिंडिकेट' के आर्थिक विकास तक सीमित रह गया था।
सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों का मूल मंत्र यही था कि "स्वयं और परिवार का विकास हो, बाकी पूरा प्रदेश भाड़ में जाए"। इसी संकीर्ण और भ्रष्ट मानसिकता के कारण वे राज्य में दंगे, गुंडागर्दी, अराजकता और सरकारी खजाने की संगठित लूटपाट करवाते थे। सत्ता के संरक्षण में पलने वाले संगठित सिंडिकेट ने प्रदेश की सार्वजनिक संपत्तियों, जमीनों और नौकरियों को अपनी निजी जागीर समझकर लूटा, जिससे आम नौजवान और किसान बदहाली के गर्त में चला गया।
'दुबई में मिसाइल गिरती है तो चीख-पुकार इन नेताओं के घरों में मचती है'
अपने चिर-परिचित आक्रामक अंदाज में मुख्यमंत्री ने विदेशी संपत्तियों और बेनामी काले धन को लेकर विपक्षी नेताओं पर जबरदस्त तंज कसा। सीएम ने कहा, "कई भ्रष्ट नेताओं ने प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई को लूटकर दुबई और अन्य विदेशी ठिकानों में रियल एस्टेट में छुपा रखा था। जब अंतरराष्ट्रीय तनाव और अमेरिका-ईरान के टकराव के दौरान दुबई के आसपास मिसाइलें गिरती थीं, तो उस समय सबसे ज्यादा चीख-पुकार और घबराहट उत्तर प्रदेश के इन भ्रष्ट नेताओं के घरों में देखने को मिलती थी।"
मुख्यमंत्री ने व्यंग्य करते हुए कहा कि इनकी घबराहट देश या मानवता को लेकर नहीं थी, बल्कि चिंता इस बात की थी कि उनकी अवैध काली कमाई पर मिसाइलें गिर रही थीं। जनता को लूटने वालों का अंजाम ऐसा ही होता है, उनकी अवैध दौलत कभी उनके काम नहीं आती। जो लोग प्रदेश को केवल अपनी तिजोरी भरने का साधन समझते थे, उनसे राज्य की प्रगति और जन-कल्याण की रत्ती भर भी उम्मीद नहीं की जा सकती थी।
2017 से पहले पहचान के संकट से जूझ रहा था यूपी का युवा, हर तरफ था माफिया राज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले और उसके बाद के उत्तर प्रदेश की तुलना करते हुए राज्य के व्यापक कायाकल्प को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का गंभीर संकट खड़ा हो गया था। राज्य से बाहर जाने पर यूपी के युवाओं को हेय दृष्टि से देखा जाता था और धर्मशालाओं या होटलों में कमरे तक नहीं मिलते थे।
सीएम ने कहा कि उस दौर में गरीब दाने-दाने को मोहताज होकर भुखमरी की कगार पर था, किसान कर्ज के बोझ तले दबकर आत्महत्या करने पर विवश था और प्रदेश की कानून-व्यवस्था का यह हाल था कि हर दूसरे दिन भीषण सांप्रदायिक दंगे होते थे। बहू-बेटियों और व्यापारियों की सुरक्षा पूरी तरह भगवान भरोसे थी। शहरों में हफ्तों तक कर्फ्यू लगा रहता था, सड़कें गड्ढों में तब्दील थीं और बिजली नदारद रहती थी। माफियाओं का ऐसा खौफ था कि वे खुलेआम सत्ता को अपनी उंगलियों पर नचाते थे।
बीमारू राज्य से देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बना नया उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश 2017 वाला बदहाल राज्य नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था का सबसे तेज दौड़ने वाला 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है। उन्होंने ठोस आर्थिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि पिछले नौ वर्षों में सरकार की पारदर्शी नीतियों, सुशासन और कठोर कानून-व्यवस्था के दम पर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना बड़ी हो चुकी है।
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अर्थव्यवस्था का आकार: वर्ष 2016-17 में उत्तर प्रदेश की कुल अर्थव्यवस्था मात्र ₹12 लाख करोड़ के आसपास सिमटी हुई थी, जो आज बढ़कर ₹36 लाख करोड़ के पार पहुंच चुकी है।
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प्रति व्यक्ति आय में तीन गुना वृद्धि: प्रदेश के नागरिकों की प्रति व्यक्ति आय जो 2017 से पहले मात्र ₹43,000 सालाना थी, वह आज बढ़कर लगभग ₹1,20,000 तक पहुंच गई है।
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ऐतिहासिक राज्य बजट: उत्तर प्रदेश का वार्षिक बजट, जो पिछली सरकारों में ₹3 लाख करोड़ के आसपास अटका रहता था, वह आज ₹9 लाख 70 हजार करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को छू रहा है।
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निवेश और औद्योगिकीकरण: ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से प्रदेश में ₹40 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर रहे हैं, जिससे लाखों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिल रहा है।
'दंगाई और माफिया हमेशा के लिए रसातल में समा चुके हैं'
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर बोलते हुए कहा कि भाजपा सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति ने राज्य से माफिया संस्कृति का समूल नाश कर दिया है। आज यूपी में संगठित गिरोह, भू-माफिया और पेशेवर दंगाई पूरी तरह गायब हो चुके हैं और जो बचे हैं वे जेलों की सलाखों के पीछे या हमेशा के लिए रसातल में चले गए हैं।
उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में 24 घंटे निर्बाध बिजली मिल रही है, विश्वस्तरीय 6-लेन और 8-लेन एक्सप्रेसवे का जाल बिछाया जा चुका है, गांव-गांव तक पक्की सड़कें पहुंच चुकी हैं और राज्य में सुरक्षित माहौल पाकर देश-दुनिया के बड़े उद्योगपति निवेश करने के लिए कतार में खड़े हैं। आज किसी भी दंगाई में इतनी हिम्मत नहीं है कि वह किसी बेटी से छेड़छाड़ कर सके या किसी व्यापारी से रंगदारी मांग सके।
'अच्छी सरकारें सबके अच्छे दिन लाती हैं': जवानों और कर्मचारियों का बढ़ा सम्मान
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर में प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के जवानों के लिए बहुमंजिला आधुनिक बैरक भवन के शिलान्यास का उल्लेख करते हुए कहा कि सुशासन का अर्थ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जब संवेदनशील और जवाबदेह सरकार आती है, तो वह समाज के हर वर्ग के लिए 'अच्छे दिन' सुनिश्चित करती है।
सीएम योगी ने याद दिलाया कि पहले पुलिस के जवानों और अधिकारियों के रहने के लिए जर्जर और सीलन भरी बैरकें हुआ करती थीं। आज प्रदेश के 56 जिलों में सबसे ऊंची और आधुनिक इमारतें पुलिस कर्मियों की हाईराइज बैरक के रूप में खड़ी हैं। पुलिस और होमगार्ड्स के बाद अब प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के लिए भी लखनऊ और गोरखपुर में हाईटेक आवासीय सुविधाओं का निर्माण कराया जा रहा है। पीआरडी जवानों के मानदेय को ₹600 प्रतिदिन करने और ₹5 लाख तक का मुफ्त कैशलेस इलाज उपलब्ध कराना इसी समग्र परिवर्तन का जीवंत प्रमाण है।
विपक्ष पर करारा वार: 'जो खुद कुछ कर नहीं सके, वे आज प्रगति पर उठा रहे सवाल'
मुख्यमंत्री ने विपक्ष की बयानबाजी और आरोपों को उनकी हताशा का परिणाम करार दिया। उन्होंने कहा कि आज वही लोग सरकार के कार्यों पर उंगली उठा रहे हैं, जिन्हें जब जनता ने पूर्ण बहुमत से सत्ता की बागडोर सौंपी थी, तब वे भ्रष्टाचार और लूट खसोट में व्यस्त थे।
सीएम ने कहा, "आज जब हमारी सरकार जनता को परिणाम दे रही है, प्रदेश को देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना रही है और गरीबों को उनका हक दिला रही है, तो इन भ्रष्टाचारियों को सबसे ज्यादा तकलीफ यह देखकर हो रही है कि जो काम वे अपने दशकों के शासन में नहीं कर पाए, वह हमने नौ साल में कैसे कर दिखाया।" उन्होंने जनता से आह्वान किया कि वे जातिवाद, परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले विभाजनकारी तत्वों से सतर्क रहें और उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के महायज्ञ में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।