लखनऊ में अवैध कब्जे हटाने के दौरान भड़की हिंसा, दरोगा का दबाया गला और जंजीर से पीटा

लखनऊ में अवैध कब्जे हटाने के दौरान भड़की हिंसा, दरोगा का दबाया गला और जंजीर से पीटा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में इन दिनों अवैध निर्माणों और कब्जों के खिलाफ प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है। ताजा मामला पारा थाना क्षेत्र के बुद्धेश्वर इलाके के बादल खेड़ा का है जहां नगर निगम की टीम जब सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुँची तो हालात पूरी तरह बिगड़ गए।

स्थानीय लोगों द्वारा प्रशासनिक अमले को घेरकर किए गए इस अचानक हमले ने कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस झड़प के दौरान उग्र भीड़ ने न केवल पथराव किया बल्कि ड्यूटी पर तैनात एक दरोगा की जान लेने की नीयत से उसका गला भी दबाया गया। हालात से निपटने के लिए पुलिस महकमे ने तुरंत कड़ा रुख अपनाते हुए डेढ़ दर्जन लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास और बलवे जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज किए हैं।

खाकी पर जानलेवा हमला और सबूतों की जब्ती

प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में उतरा हुजूम इस कदर आक्रामक हो गया कि उसने पुलिस और नगर निगम के कर्मचारियों को खदेड़ने के लिए लोहे की भारी जंजीरों और पत्थरों का इस्तेमाल किया।

पश्चिमी क्षेत्र के पुलिस कमिश्नर कमलेश दीक्षित ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि सड़कों और सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने का अभियान चलाया जा रहा था जिसका विरोध करने के लिए उपद्रवीाम आमने-सामने आ गए।

हमले के दौरान मौके से वह लोहे की जंजीर भी बरामद कर ली गई है जिससे पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया गया था। इस मामले में पुलिस ने तेजी दिखाते हुए दो महिलाओं समेत छह आरोपियों को दबोच लिया है जबकि अन्य फरार लोगों की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।

यूपी में लगातार जारी है भू-माफियाओं के खिलाफ बुलडोजर एक्शन

अवैध अतिक्रमण के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार की सख्ती सिर्फ लखनऊ तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे प्रदेश में इसका असर देखने को मिल रहा है। कुछ समय पहले ही संभल जिले के मढ़न गांव में प्रशासन ने लगभग साढ़े दस बीघा सरकारी और कब्रिस्तान की जमीन को अवैध कब्जों से मुक्त कराया था।