यूपी के जेवर और बुलंदशहर के किसानों की बल्ले-बल्ले, यमुना अथॉरिटी ने जमीन मुआवजा दर में की 6% की वृद्धि; अब ₹4,558 प्रति वर्गमीटर मिलेगा दाम
उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अंतर्गत आने वाले गौतमबुद्ध नगर (जेवर) और बुलंदशहर जनपदों के किसानों के लिए राज्य सरकार और यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने बड़ा तोहफा दिया है। यमुना सिटी में विभिन्न औद्योगिक, संस्थागत, व्यावसायिक और आवासीय परियोजनाओं के विकास के लिए किसानों से आपसी समझौते के तहत खरीदी जाने वाली भूमि की मुआवजा दरों में 6 प्रतिशत की सीधी बढ़ोतरी करने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है।
यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक में किसानों के हित में इस प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है। नए फैसले के बाद अब किसानों को ₹4,300 प्रति वर्गमीटर के स्थान पर ₹4,558 प्रति वर्गमीटर की बढ़ी हुई दर से मुआवजा भुगतान किया जाएगा। डेढ़ साल के भीतर मुआवजा दरों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है, जिससे क्षेत्र के हजारों किसान परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
यीडा की 92वीं बोर्ड बैठक में मुहर: किसानों की पुरानी मांग हुई पूरी
यमुना सिटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्रों में तीव्र गति से हो रहे विकास कार्यों के बीच स्थानीय किसान लंबे समय से सर्किल रेट और भूमि अधिग्रहण की दरों में संशोधन की मांग को लेकर आंदोलनरत थे। बढ़ती महंगाई और क्षेत्र में जमीनों के बढ़ते बाजार मूल्य को देखते हुए किसान संगठनों ने प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष मुआवजा बढ़ाने का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया था।
प्राधिकरण बोर्ड ने किसानों की इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए 6 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दे दी है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी जमीन का उचित और सम्मानजनक मूल्य प्रदान करना है, ताकि वे स्वेच्छा से विकास में भागीदार बनें और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता में कोई अड़चन न आए।
किसानों के सामने होंगे दो आकर्षक विकल्प: ₹4,558 नगद या 7% आबादी भूखंड
यमुना विकास प्राधिकरण ने भूमि समझौते को अधिक पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के लिए दो स्पष्ट विकल्प तय किए हैं, ताकि किसान अपनी सुविधानुसार चयन कर सकें:
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पहला विकल्प (पूर्ण नकद भुगतान): यदि कोई किसान केवल एकमुश्त वित्तीय मुआवजा लेना चाहता है, तो उसे ₹4,558 प्रति वर्गमीटर (लगभग ₹1.84 करोड़ प्रति एकड़) की दर से पूरा पैसा सीधे उसके बैंक खाते में हस्तांतरित किया जाएगा।
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दूसरा विकल्प (नकद राशि + विकसित आबादी भूखंड): यदि किसान भविष्य के लिए आवासीय सुरक्षा चाहता है, तो उसे ₹4,037 प्रति वर्गमीटर के नकद मुआवजे के साथ-साथ अधिगृहीत भूमि के 7 प्रतिशत के बराबर विकसित आवासीय आबादी भूखंड (Developed Residential Abadi Plot) आवंटित किया जाएगा।
यह व्यवस्था उन परिवारों के लिए विशेष रूप से लाभकारी मानी जा रही है जो अपनी कृषि भूमि के बदले प्राधिकरण के विकसित सेक्टरों में अपना पक्का मकान या व्यावसायिक दुकान स्थापित करना चाहते हैं।
डेढ़ साल के भीतर दूसरी बार बढ़ी मुआवजा दरें
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में भूमि की कीमतों का पुनरीक्षण अत्यंत तेजी से हुआ है। उल्लेखनीय है कि पिछले डेढ़ वर्ष के भीतर यह दूसरा अवसर है जब यीडा ने किसानों के पक्ष में मुआवजा दरों को संशोधित किया है। इससे पूर्व प्राधिकरण ने जमीन के रेट ₹3,100 प्रति वर्गमीटर से बढ़ाकर ₹4,300 प्रति वर्गमीटर किए थे।
अब इसमें पुनः 6 प्रतिशत का इजाफा कर इसे ₹4,558 प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस निरंतर वृद्धि से किसानों के मन में यह विश्वास सुदृढ़ हुआ है कि सरकार उनके हितों की अनदेखी किए बिना क्षेत्र का औद्योगिकीकरण कर रही है।
मास्टर प्लान-2041: 75,000 हेक्टेयर में फैलेगा नया औद्योगिक हब
यमुना विकास प्राधिकरण के मास्टर प्लान-2041 के तहत जेवर, बुलंदशहर और मथुरा के बड़े हिस्से को अधिसूचित क्षेत्र के रूप में शामिल किया गया है। इस विस्तृत मास्टर प्लान के प्रमुख आंकड़े निम्नलिखित हैं:
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जेवर और बुलंदशहर का लगभग 75,000 हेक्टेयर क्षेत्र विकास के लिए अधिसूचित किया जा चुका है।
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इसमें से लगभग 38,000 हेक्टेयर क्षेत्र में चरणबद्ध रूप से शहरीकरण, औद्योगिक इकाइयां, लॉजिस्टिक्स हब और आवासीय सेक्टर विकसित किए जाने हैं।
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प्राधिकरण द्वारा अब तक लगभग 15,820 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण और सीधी खरीद सफलतापूर्वक संपन्न की जा चुकी है।
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शेष लगभग 22,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि की खरीद के लिए नई बढ़ी हुई मुआवजा दरें लागू होंगी।
इन बड़ी परियोजनाओं के लिए जमीन खरीद को मिलेगी नई रफ्तार
मुआवजा दरें बढ़ने से यमुना सिटी में प्रस्तावित कई अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय महत्व की मेगा परियोजनाओं के लिए जमीन की रजिस्ट्री की प्रक्रिया में तेजी आएगी। पिछले कुछ महीनों में जमीन के रेट को लेकर चल रहे विवादों के चलते कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों को अपने निर्माण स्थल पर काम शुरू करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। अब नई दरों के लागू होने से निम्नलिखित प्रोजेक्ट्स को सीधा लाभ पहुंचेगा:
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सेमीकंडक्टर पार्क और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर: भारत के महत्वाकांक्षी चिप निर्माण मिशन के तहत स्थापित होने वाली विशाल इकाइयों के लिए भूखंड आवंटन में गति आएगी।
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ताइवान सिटी और कोरियन इंडस्ट्रियल सिटी: वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और हार्डवेयर कंपनियों के विशेष विदेशी औद्योगिक संकुलों का निर्माण तेजी से शुरू हो सकेगा।
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इंटरनेशनल फिल्म सिटी (फेज-1 व फेज-2): बॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय सिनेमा निर्माण के लिए अत्याधुनिक स्टूडियो और थीम पार्क के लिए भूमि विस्तार सुगम होगा।
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मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और कार्गो टर्मिनल: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के कार्गो संचालन को सहायता प्रदान करने वाले विशाल वेयरहाउसिंग और फ्रेट कॉरिडोर का तेजी से विस्तार होगा।
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मेडिकल डिवाइसेज पार्क और डाटा सेंटर हब: स्वास्थ्य उपकरण निर्माण और वैश्विक तकनीकी डाटा स्टोरेज कंपनियों के परिसरों का विकास बिना किसी भूमि विवाद के आगे बढ़ सकेगा।
नोएडा एयरपोर्ट के 3rd-4th फेज की जमीन पर लागू नहीं होंगी नई दरें
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि नई बढ़ी हुई मुआवजा दरों का दायरा किन परियोजनाओं पर लागू होगा और किन पर नहीं।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Jewar Airport) के तीसरे और चौथे चरण के विस्तार के लिए 14 गांवों के किसानों की लगभग 2,054 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले से ही कानूनन अंतिम चरण में है। इस अधिग्रहण के लिए पूर्व निर्धारित ₹4,300 प्रति वर्गमीटर का विशेष पैकेज ही लागू रहेगा।
हालांकि, एयरपोर्ट के अतिरिक्त यमुना सिटी के मास्टर प्लान में शामिल अन्य सभी औद्योगिक क्लस्टर्स, आवासीय सेक्टरों, हेरिटेज कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे लिंक रोड्स और कमर्शियल हब्स के लिए खरीदी जाने वाली जमीन पर किसानों को ₹4,558 प्रति वर्गमीटर की नई दरों का पूरा लाभ मिलेगा।
स्थानीय किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव
मुआवजा दरों में इस 6% की वृद्धि से जेवर, दनकौर, रबूपुरा, झाझर, जहांगीरपुर और बुलंदशहर के सीमावर्ती दर्जनों गांवों के ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति में भारी सुधार होगा। सीधी नकद राशि प्राप्त होने से किसान आधुनिक कृषि उपकरण खरीदने, उच्च शिक्षा, नए उद्यम और सुरक्षित वित्तीय निवेश की ओर अग्रसर होंगे। साथ ही, 7% विकसित आवासीय आबादी भूखंड मिलने से किसानों की आने वाली पीढ़ियों के पास यमुना सिटी के सबसे प्राइम लोकेशनों पर संपत्ति का मालिकाना हक रहेगा, जिसकी बाजार कीमत आने वाले दशकों में कई गुना बढ़ने की उम्मीद है।
रजिस्ट्री और कैंपों का नया शेड्यूल जल्द होगा जारी
यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) ने भू-अर्जन और नियोजन विभाग को निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित गांवों में विशेष समाधान शिविर लगाए जाएं। इन शिविरों में किसानों को नए विकल्पों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी और आपसी सहमति से तत्काल बैनामे (Registry) कराए जाएंगे। किसानों को तहसील या प्राधिकरण कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए सिंगल विंडो व्यवस्था और त्वरित डीबीटी भुगतान तंत्र सक्रिय कर दिया गया है।