सुबह-सुबह बुलडोजर लेकर पहुंची टीम, तोड़ दी एक और मजार

सुबह-सुबह बुलडोजर लेकर पहुंची टीम, तोड़ दी एक और मजार

उत्तराखंड के कुमाऊं द्वार कहे जाने वाले हल्द्वानी शहर और उसके आसपास के इलाकों में सरकारी तथा वन विभाग की जमीनों पर किए गए अवैध अतिक्रमणों के खिलाफ शासन-प्रशासन का सख्त चाबुक लगातार चल रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट निर्देशों के तहत प्रदेश भर में चलाए जा रहे 'एंटी-एंक्रोचमेंट अभियान' के क्रम में शनिवार सुबह-सुबह प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। भारी पुलिस बल, पीएसी की टुकड़ियों और दंगा रोधी वाहनों के साथ तड़के ही मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम ने सरकारी जमीन पर अवैध रूप से निर्मित एक और मजार के ढांचे को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते अवैध निर्माण का नामोनिशान मिटा दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि सार्वजनिक जमीनों, सड़कों के किनारों और रिजर्व फॉरेस्ट एरिया में बिना अनुमति बनाए गए किसी भी धार्मिक या अन्य अवैध ढांचे को बख्शा नहीं जाएगा और यह अभियान बिना किसी दबाव के आगे भी लगातार जारी रहेगा।

उत्तराखंड में अवैध संरचनाओं को ध्वस्त करने का रिकॉर्ड, अब तक कुल 604 अवैध मजारें और निर्माण हटाए गए

उत्तराखंड प्रशासन द्वारा जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में नदी की श्रेणियों, वनों की जमीनों और लोक निर्माण विभाग (PWD) की सड़कों पर अवैध कब्जे कर बनाई गई संरचनाओं पर बुलडोजर कार्रवाई की कुल संख्या अब 604 तक पहुंच गई है। अधिकारियों का कहना है कि लंबे समय से सरकारी जमीनों को कब्जाने के लिए धार्मिक स्थलों की आड़ में इस तरह की जमीनी संरचनाएं खड़ी की जा रही थीं, जिनका कोई ऐतिहासिक या राजस्व रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। शासन की उच्च स्तरीय जांच और राजस्व टीमों के सर्वे के बाद यह पाया गया कि ये निर्माण पूरी तरह से गैर-कानूनी थे और पर्यावरण व यातायात व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बने हुए थे। इसी कड़ी में प्रशासनिक टीमों ने आज हल्द्वानी में कार्रवाई करते हुए 604वें ढांचे को जमींदोज कर दिया। पूरे अभियान की वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है ताकि भविष्य में किसी भी तरह के कानूनी विवाद से निपटा जा सके और पारदर्शी तरीके से सरकारी भूमि को कब्जा मुक्त कराया जा सके।

संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च, ड्रोन कैमरे से निगरानी और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात

कार्रवाई के दौरान शहर की कानून-व्यवस्था पूरी तरह से बनी रहे और किसी भी प्रकार की अफवाह या अराजक स्थिति न पैदा हो, इसके लिए नैनीताल जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। संवेदनशील और अति-संवेदनशील इलाकों में तड़के से ही भारी संख्या में पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी खुद मौके पर मुस्तैद रहकर पूरी प्रक्रिया की निगरानी करते नजर आए। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके को सेक्टरों में बांटकर ड्रोन कैमरों के माध्यम से आसमान से भी कड़ी नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि यदि किसी भी असामाजिक तत्व ने कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने, भ्रामक पोस्ट सोशल मीडिया पर फैलाने या सरकारी काम में बाधा डालने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में और शांतिपूर्ण बनी हुई है, जबकि राजस्व विभाग की टीमें मुक्त कराई गई जमीन की पैमाइश कर उसे अपने कब्जे में लेने की प्रक्रिया पूरी कर रही हैं।