राम मंदिर चढ़ावा चोरी के बाद बदरी-केदारनाथ में मंदिर भी अलर्ट, कड़े नियम लागू
अयोध्या के भव्य राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे की चोरी के सनसनीखेज मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और विशेष जांच दल (SIT) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। इस महाघोटाले और वित्तीय हेरफेर का पर्दाफाश करते हुए एसआईटी ने 8 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने इन आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर चोरी किया गया लाखों रुपये का चंदा भी बरामद कर लिया है। योगी सरकार के सख्त रुख को देखते हुए अब प्रशासन इन आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाने और उनके अवैध घरों पर बुलडोजर ऐक्शन की तैयारी में जुट गया है। वहीं, अयोध्या के इस गंभीर घटनाक्रम से सबक लेते हुए उत्तराखंड की प्रसिद्ध श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने भी अपने यहां दान-दक्षिणा को लेकर बेहद कड़े और ऐतिहासिक गाइडलाइंस जारी कर दिए हैं।
बदरी-केदारनाथ मंदिर समिति ने कड़े किए नियम, पारदर्शिता पर जोर
अयोध्या की इस घटना की गूंज अब उत्तराखंड के चारधाम और अन्य प्रमुख मंदिरों में भी सुनाई दे रही है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता को रोकने के लिए अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मंदिरों में दान, चढ़ावे और आय के प्रबंधन को लेकर बेहद सख्त निर्देश जारी किए हैं। बीकेटीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सोहन सिंह ने एक कड़ा आदेश जारी करते हुए बदरीनाथ, केदारनाथ सहित सभी संबंधित मंदिरों के दान गिनने वाले केंद्रों, अकाउंट्स ब्रांच, ट्रेजरी सेक्शन, गेस्ट हाउस और पूजा काउंटरों पर तैनात सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को 24 घंटे विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
इस नए आदेश के तहत अब नकद दान, भक्तों द्वारा दी गई सामग्री और मंदिर के चढ़ावे के प्रबंधन में किसी भी स्तर पर थोड़ी सी भी लापरवाही या गड़बड़ी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंदिर प्रशासन ने दान इकट्ठा करने से लेकर उसे सुरक्षित रखने और पूरे हिसाब-किताब में शत-प्रतिशत पारदर्शिता बरतने को अनिवार्य कर दिया है, ताकि भविष्य में पवित्र धामों की छवि पर कोई दाग न लग सके।