अखिलेश यादव के 53वें जन्मदिन पर हल्द्वानी में जश्न, सपा प्रभारी ने कार्यकर्ताओं को दिया 2027 का महामंत्र
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 53वां जन्मदिन बुधवार को उत्तराखंड के हल्द्वानी में बेहद धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। इस खास मौके पर हल्द्वानी स्थित सपा के उत्तराखंड प्रभारी हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी के कार्यालय में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ा। कार्यकर्ताओं ने केक काटकर अपने शीर्ष नेता के स्वस्थ जीवन और दीर्घायु होने की कामना की।
विकास कार्यों को याद कर कार्यकर्ताओं में भरा जोश
बधाई और जश्न के सिलसिले के बाद कार्यालय में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए उत्तराखंड प्रभारी हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री काल की ऐतिहासिक उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सरकार ने उत्तर प्रदेश में विश्वस्तरीय एक्सप्रेसवे, शानदार सड़कें, आधुनिक मेट्रो रेल परियोजनाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में ऐसे बेमिसाल विकास कार्य किए हैं, जो आज भी देश के लिए एक नजीर हैं।
हाजी अब्दुल मतीन सिद्दीकी ने हालिया लोकसभा चुनावों का जिक्र करते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) रणनीति को जनता का अभूतपूर्व और व्यापक समर्थन मिला है। इसी सफलता से उत्साहित होकर उन्होंने कार्यकर्ताओं को आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अभी से कमर कसने का आह्वान किया। सिद्दीकी ने कहा कि अब समय आ गया है जब हर कार्यकर्ता को गांव-गांव और घर-घर जाकर समाजवादी पार्टी की जनहितैषी नीतियों और विचारों का आक्रामक प्रचार करना चाहिए, क्योंकि पार्टी 2027 के चुनाव में एक ऐतिहासिक और बेहतर प्रदर्शन का बड़ा लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है।
जश्न में शामिल रहे ये दिग्गज चेहरे
हल्द्वानी के इस गरिमामयी और ऊर्जावान कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और सक्रिय कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें मुख्य रूप से जावेद सिद्दीकी, दीपक अग्रवाल, उमैर मतीन, पार्षद महबूब आलम, अरशद अय्यूब, समीर मिकरानी, अलीम अंसारी, राजेश जायसवाल, जावेद मिकरानी, शकील अंसारी, संजय गुप्ता और अशरफ खान समेत भारी संख्या में स्थानीय पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए, जिन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी को और मजबूत करने का संकल्प लिया।