बोर्ड परीक्षा के टॉपर्स पर बरसी सीएम धामी की ममता: मेधावियों को किया सम्मानित, दिया जीवन में कभी न हारने का 'सफलता मंत्र'!
अपनी कड़ी मेहनत और लगन के दम पर उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा में सफलता का परचम लहराने वाले छात्र-छात्राओं के चेहरे आज गर्व से खिल उठे। राजधानी देहरादून में प्रदेश के मेधावी छात्रों के सम्मान में एक भव्य 'मेधावी छात्र सम्मान समारोह' का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली पल के मुख्य अतिथि रहे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंच से राज्य के टॉपर्स और होनहारों को मेडल, प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। हॉल में जब इन बच्चों के माता-पिता की आंखों में खुशी के आंसू दिखे, तो सीएम धामी ने बेहद आत्मीयता से बच्चों की पीठ थपथपाई और उन्हें जीवन के हर मोर्चे पर फतेह हासिल करने का एक अनमोल सफलता का मंत्र भी दिया।
देवभूमि के होनहारों ने बढ़ाया मान: बेटों और बेटियों ने रचा इतिहास
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के दूरदराज के गांवों और पहाड़ी क्षेत्रों से निकलकर बच्चों ने जिस तरह बोर्ड परीक्षाओं में टॉप किया है, वह पूरे प्रदेश के लिए गौरव की बात है। उन्होंने विशेष रूप से छात्राओं के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि हमारी बेटियां हर क्षेत्र में उत्तराखंड का नाम रोशन कर रही हैं। सीएम धामी ने कहा— "आज सम्मानित होने वाले ये बच्चे हमारे राज्य का भविष्य हैं। इनकी सफलता के पीछे इनके शिक्षकों का मार्गदर्शन और माता-पिता का त्याग छुपा है, जो सबसे ज्यादा वंदनीय है।"
सीएम धामी का 'सफलता मंत्र': असफलता से डरना नहीं, रुकना नहीं
पुरस्कार वितरण के बाद मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया और उन्हें आगे की पढ़ाई व करियर के लिए प्रेरित करते हुए कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा कीं, जिन्हें बच्चों ने डायरी में नोट किया:
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निरंतरता ही असली ताकत है: सीएम ने कहा कि बोर्ड परीक्षा की सफलता सिर्फ एक पड़ाव है, मंजिल नहीं। जीवन में बड़ी ऊंचाइयों को छूने के लिए पढ़ाई और मेहनत की यह निरंतरता (Consistency) हमेशा बनी रहनी चाहिए।
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असफलता से सीखें, घबराएं नहीं: मुख्यमंत्री ने छात्रों को समझाया कि यदि भविष्य में कभी मनमुताबिक परिणाम न मिले, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। हर असफलता अपने साथ एक सीख लेकर आती है, जो हमें और मजबूत बनाती है।
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समय प्रबंधन (Time Management): प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उन्होंने छात्रों को अभी से समय का सही सदुपयोग करने और सोशल मीडिया के सीमित इस्तेमाल की सलाह दी।
डिजिटल शिक्षा और सरकारी स्कूलों के कायाकल्प पर जोर
मुख्यमंत्री ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में कहा कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और वहां डिजिटल क्लासरूम (Smart Classes) की व्यवस्था तेजी से बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री मेधावी छात्रवृत्ति योजना के जरिए गरीब और ग्रामीण परिवेश के होनहार बच्चों को आगे की उच्च शिक्षा के लिए सरकार हर संभव आर्थिक मदद दे रही है ताकि पैसे की कमी की वजह से किसी भी बच्चे की प्रतिभा न दबे।
माता-पिता और शिक्षकों की आंखें हुईं नम
सम्मान समारोह के दौरान जब मंच पर बच्चों के साथ उनके अभिभावकों को भी सम्मानित किया गया, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कई माता-पिता अपने बच्चों की इस बड़ी उपलब्धि पर भावुक नजर आए। मुख्यमंत्री ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि ये बच्चे बड़े होकर देश और देवभूमि उत्तराखंड की सेवा में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।