उत्तराखंड में गृह मंत्री अमित शाह ने फूंका चुनावी बिगुल
देवभूमि उत्तराखंड की राजनीति में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राजधानी देहरादून से राज्य के चुनावी समर का औपचारिक शंखनाद करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं और नेताओं में नई ऊर्जा का संचार कर दिया है। प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर जीत का परचम लहराने की रणनीति के तहत अमित शाह ने साफ तौर पर कहा कि भाजपा का लक्ष्य इस बार उत्तराखंड में केवल सरकार बनाना नहीं, बल्कि 70 में से 65 से भी अधिक सीटें जीतकर ऐतिहासिक 'हैट्रिक' दर्ज कराना है। देहरादून में आयोजित विशाल जनसभा और प्रदेश स्तरीय कार्यकर्ताओं के सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने भाजपा कैडर से बूथ स्तर पर जाकर जनता से सीधा संवाद साधने का आह्वान किया ताकि जन-जन तक डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां पहुंच सकें।
समान नागरिक संहिता (UCC) और सशक्त भू-कानून को बताया देवभूमि का सुरक्षा कवच, कांग्रेस पर साधा सीधा निशाना
अपने संबोधन के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार के ऐतिहासिक निर्णयों का जिक्र करते हुए यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) के सफल क्रियान्वयन को उत्तराखंड की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बना है जिसने स्वतंत्रता के बाद समान नागरिक संहिता लागू कर सामाजिक न्याय और समानता का नया अध्याय लिखा है। इसके साथ ही राज्य में डेमोग्राफी में बदलाव रोकने, अवैध अतिक्रमण हटाने और सख्त भू-कानूनों को लागू करने के लिए राज्य सरकार के कड़े रुख की सराहना की गई। विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा घुसपैठियों को संरक्षण दिया और तुष्टिकरण की राजनीति के दम पर उत्तराखंड के सांस्कृतिक स्वरूप को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। उन्होंने जनता को आगाह किया कि विपक्ष की विकास विरोधी और तुष्टिकरण की नीतियों से राज्य को बचाना ही भाजपा की प्राथमिकता है।
'डबल इंजन' सरकार का विकास मॉडल और भाजपा का बूथ मैनेजमेंट, जीत की हैट्रिक के लिए पूरा रोडमैप तैयार
गृह मंत्री ने 2017 में 57 सीटों और 2022 में 47 सीटों पर मिली जीतों का जिक्र करते हुए कहा कि उत्तराखंड में हर पांच साल में सरकार बदलने के दशक पुराने ट्रेंड को जनता ने पहले ही तोड़ दिया है। अब समय 2017 से भी प्रचंड बहुमत के साथ 65 से अधिक सीटें हासिल करने का है। ऑल वेदर रोड, केदारनाथ-बद्रीनाथ पुनर्विकास परियोजना, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और सीमावर्ती गांवों (Vibrant Villages) के विकास को रेखांकित करते हुए अमित शाह ने कहा कि आज उत्तराखंड इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। पार्टी संगठन को निर्देश देते हुए उन्होंने पन्ना प्रमुख स्तर तक की तैयारियों को अंतिम रूप देने और घर-घर संपर्क अभियान चलाने को कहा। अमित शाह के इस आक्रामक चुनावी शंखनाद के बाद उत्तराखंड भाजपा पूरी तरह से इलेक्शन मोड में आ गई है, वहीं विपक्षी खेमे में भी अमित शाह द्वारा तय किए गए '65 पार' के लक्ष्य से हलचल तेज हो गई है।