बिजली विभाग की लापरवाही से बड़ा हादसा, महिला और उसकी नन्ही बिटिया की मौत; स्थानीय लोगों ने खोला मोर्चा
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर और आसपास के अंचलों से बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही का एक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। विद्युत निगम और स्थानीय वितरण तंत्र की भारी चूक के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें करंट की चपेट में आने से एक मासूम नन्ही बिटिया और उसकी मां की मौके पर ही अकाल मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद से पूरे इलाके में मातम पसर गया है और स्थानीय ग्रामीणों तथा परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा है। आक्रोशित भीड़ ने बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया और लापरवाह अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया।
कैसे घटी यह दर्दनाक घटना और क्या है लापरवाही का पूरा सच?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हृदयविदारक हादसा उस समय हुआ जब इलाके में बिजली के पोल या टूटे हुए तारों से करंट जमीन पर या आसपास के हिस्से में फैल गया था। रखरखाव और मेंटेनेंस के प्रति बिजली विभाग की उदासीनता के कारण समय रहते इन खतरनाक तारों को दुरुस्त नहीं किया गया था। मृतका महिला जब अपनी मासूम बिटिया के साथ घर के पास से गुजर रही थी, तभी वे अचानक इस खुले हुए या प्रवाहित करंट की चपेट में आ गईं। करंट का झटका इतना भीषण था कि दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते दोनों की सांसें थम गईं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग के कर्मचारियों ने जर्जर तारों और लटकती लाइनों को ठीक करने की कोई जहमत नहीं उठाई थी।
स्थानीय लोगों का फूटा गुस्सा, बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन
घटना की सूचना मिलते ही मोहल्ले और गांव के सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली के खिलाफ जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। लोगों का कहना है कि विभाग की लापरवाही आए दिन किसी न किसी की जान ले रही है, लेकिन अधिकारी कुंभकर्णीय नींद सो रहे हैं। आक्रोशित जनता ने दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मृतका के परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए, जो मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने और शांत कराने के प्रयास में जुट गए।
पुलिस और प्रशासन की दखल, जांच के आदेश
हंगामे की सूचना पाकर क्षेत्राधिकारी (CO) और स्थानीय थाने की पुलिस फोर्स भारी अमले के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारियों ने किसी तरह समझा-बुझाकर और उचित कार्रवाई का सख्त आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया तथा दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जिला प्रशासन ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए बिजली विभाग के स्थानीय अभियंताओं से रिपोर्ट तलब कर ली है और जांच के आदेश दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यदि विभाग के कर्मचारी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ विभागीय निलंबन और कानूनी धाराओं के तहत सख्त मुकदमे की कार्रवाई की जा सकती है।