उत्तराखंड ने रचा इतिहास: बना देश का नया ‘पूर्ण साक्षर राज्य’, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने CM धामी को दी बधाई

उत्तराखंड ने रचा इतिहास: बना देश का नया ‘पूर्ण साक्षर राज्य’, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने CM धामी को दी बधाई

देवभूमि उत्तराखंड ने शिक्षा के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने आधिकारिक रूप से 'पूर्ण साक्षर राज्य' (Fully Literate State) का दर्जा प्राप्त कर लिया है। यह उपलब्धि राज्य सरकार की निरंतर कोशिशों और साक्षरता अभियानों की सफलता को दर्शाती है। इस शानदार उपलब्धि पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई संदेश भेजा है और इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताया है।

शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि

उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाए जा रहे साक्षरता कार्यक्रमों, जैसे कि प्रौढ़ शिक्षा मिशन और डिजिटल साक्षरता अभियानों ने इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाई है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य के दुर्गम और पहाड़ी इलाकों में भी शिक्षा की अलख जगाने के लिए विशेष प्रयास किए गए थे। आज राज्य की साक्षरता दर ने उस मानक को छू लिया है, जिसके बाद इसे 'पूर्ण साक्षर' घोषित किया गया है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सराही धामी सरकार की कार्यशैली

केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपने बधाई संदेश में कहा कि, "उत्तराखंड का पूर्ण साक्षर राज्य बनना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'शिक्षित भारत, समर्थ भारत' के विजन को मजबूती देता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जिस तरह से उत्तराखंड में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे और साक्षरता दर में सुधार हुआ है, वह अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक है।"

क्या बदल जाएगा अब?

'पूर्ण साक्षर राज्य' का दर्जा मिलने के बाद उत्तराखंड का फोकस अब सिर्फ बुनियादी साक्षरता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राज्य का लक्ष्य अब 'उच्च स्तरीय डिजिटल साक्षरता' और 'कौशल आधारित शिक्षा' (Skill-based Education) की ओर बढ़ गया है।

  • सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: पूर्ण साक्षरता से राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक बेहतर तरीके से पहुँचेगी।

  • रोजगार के नए अवसर: साक्षरता दर बढ़ने का सीधा असर राज्य में युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर पड़ेगा।

  • सांस्कृतिक व सामाजिक जागरूकता: राज्य की साक्षर आबादी अब अधिक जागरूक और सशक्त होकर समाज के निर्माण में अपना योगदान दे सकेगी।

राज्य के इस गौरवपूर्ण सफर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की जनता, शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश के हर उस व्यक्ति की है, जिसने सीखने की ललक बनाए रखी।