5 हजार सैनिक पहुंच रहे पटाया; शहर में अचानक शुरु हुआ 'सफाई' अभियान

5 हजार सैनिक पहुंच रहे पटाया; शहर में अचानक शुरु हुआ 'सफाई' अभियान

मध्य पूर्व और दुनिया के कई हिस्सों में सुलग रही जंग और भयंकर तनाव के बीच अमेरिकी सेना से जुड़ी एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। एक तरफ जहां वैश्विक कूटनीति और युद्ध के मैदानों में महाशक्तियों के बीच आर-पार की लड़ाई चल रही है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी नौसेना और सेना के लगभग पांच हजार सैनिक छुट्टी मनाने के लिए दुनिया के सबसे मशहूर पार्टी और बीच डेस्टिनेशन, थाईलैंड के पटाया शहर पहुंच रहे हैं। सैनिकों के इस अचानक 'पिकनिक प्लान' और बड़े पैमाने पर आमद की खबर मिलते ही पटाया शहर के प्रशासन में हड़कंप मच गया है। सैनिकों के स्वागत और शहर की साख को बचाने के लिए रातों-रात प्रशासन ने पटाया में एक व्यापक 'सफाई' अभियान शुरू कर दिया है, जिसकी चर्चा इस समय पूरी दुनिया के मीडिया गलियारों में जोरों पर है।

युद्ध के साये में सैनिकों की छुट्टियों का सरप्राइज प्लान

दुनिया भर के रक्षा विश्लेषक इस बात से हैरान हैं कि एक ऐसे समय में जब वैश्विक सुरक्षा खतरे में है और अमेरिका कई मोर्चों पर रणनीतिक उलझनों में फंसा हुआ है, उसकी सेना के हजारों जवान अचानक अवकाश बिताने के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया का रुख कर रहे हैं। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत और सैन्य बेड़े रुटीन डिप्लॉयमेंट के तहत थाईलैंड के बंदरगाहों पर लंगर डाल रहे हैं, जिसके बाद लगभग 5,000 अमेरिकी सैनिक मनोरंजन और विश्राम के लिए पटाया शहर की रंगीन गलियों और खूबसूरत समुद्र तटों पर उतरने वाले हैं। सैनिकों के इस भारी भरकम जत्थे के आने से न सिर्फ स्थानीय पर्यटन व्यवसाय में अचानक उबाल आ गया है, बल्कि सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस और अमेरिकी सैन्य कमांडरों के बीच उच्च स्तरीय बैठकें भी शुरू हो चुकी हैं।

पटाया शहर में शुरू हुआ युद्ध स्तर पर सफाई और सुरक्षा अभियान

जैसे ही स्थानीय प्रशासन को यह सूचना मिली कि पांच हजार अमेरिकी सैनिक एक साथ पटाया पहुंचने वाले हैं, शहर के मेयर और नगर निगम ने युद्ध स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। दशकों से नाइटलाइफ़ और पर्यटकों के लिए मशहूर पटाया में इस समय सड़कों की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट्स को दुरुस्त करने और बीच इलाकों को चमकाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही, स्थानीय पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए शहर के चप्पे-चप्पे पर निगरानी बढ़ा दी है। इस विशेष 'सफाई' अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब अमेरिकी सैनिक अवकाश बिताने के लिए आएं, तो उन्हें किसी भी तरह की असुविधा न हो और शहर की अंतरराष्ट्रीय छवि पर कोई दाग न लगे। बार, होटल, क्लब और रिसॉर्ट्स मालिकों को भी विशेष निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

कूटनीति, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर क्या होगा असर

एक तरफ जहां भू-राजनीतिक मोर्चे पर अमेरिका और उसके विरोधी देशों के बीच तनाव चरम पर है, वहीं दूसरी तरफ इस तरह के 'लिबर्टी विजिट' या सैनिकों के अवकाश कार्यक्रम इस बात की याद दिलाते हैं कि सैन्य जीवन में तनाव मुक्ति कितनी जरूरी होती है। पटाया के स्थानीय व्यापारियों और होटल इंडस्ट्री के लिए यह पांच हजार सैनिकों का पहुंचना किसी जैकपॉट से कम नहीं है, क्योंकि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को करोड़ों रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय नागरिकों के एक वर्ग द्वारा इस बात की चिंता भी जताई जा रही है कि इतनी बड़ी संख्या में विदेशी सैनिकों के आने से शहर में कानून-व्यवस्था और संस्कृति को लेकर कुछ चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। कुल मिलाकर, जंग के इस माहौल के बीच पटाया का यह 'पिकनिक प्लान' और रातों-रात शुरू हुआ सफाई अभियान इस समय सोशल मीडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में छाया हुआ है।