स्क्रैप डीलर की किस्मत का ऐतिहासिक खेल: 13 लाख के दांव ने बनाया अरबपति

स्क्रैप डीलर की किस्मत का ऐतिहासिक खेल: 13 लाख के दांव ने बनाया अरबपति

दुनिया में कभी-कभी ऐसी घटनाएं घट जाती हैं, जो किसी फिल्मी कहानी या परीकथा से भी ज्यादा हैरान कर देने वाली होती हैं। अमेरिका के मध्य-पश्चिम (Midwest) क्षेत्र के एक साधारण कबाड़ी और कबाड़ व्यापारी (Scrap Metal Dealer) के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जिसकी एक मामूली सी खरीदारी ने उसकी पूरी जिंदगी रातों-रात बदल कर रख दी। इस कबाड़ी ने अपने स्थानीय कबाड़ और एंटिक बाजार से पिघलाकर सोना बेचने के इरादे से लगभग 13,300 डॉलर (भारतीय मुद्रा में करीब 13 लाख रुपये) में एक छोटा सा सोने का अंडा खरीदा था। कबाड़ी का शुरुआती प्लान केवल यह था कि वह इस अंडे को किसी सुनार या पिघलाने वाले के पास ले जाकर इसके सोने और रत्नों की कीमत के हिसाब से कुछ मुनाफा कमा लेगा। हालांकि, जब उसने इसकी असली पहचान जानने की कोशिश की, तो विशेषज्ञों के होश उड़ गए और पता चला कि यह कोई साधारण अंडा नहीं, बल्कि जार साम्राज्य का अति-दुर्लभ 'तृतीय इंपीरियल फैबर्जे एग' (Third Imperial Fabergé Egg) है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 33 मिलियन डॉलर यानी करीब 312 करोड़ रुपये से भी अधिक है।

रसोई की शेल्फ पर वर्षों तक पड़ा रहा अरबों का खजाना: सोने के अंडे के पीछे की पूरी दास्तान

कहानी की शुरुआत तब हुई जब कबाड़ी ने एक स्थानीय पुराने सामानों की दुकान या सेल से इस अलंकृत सोने के अंडे को खरीदा। इसके ऊपरी हिस्से में बेहद बारीक नक्काशी की गई थी और उसमें कीमती माणिक (Rubies) और हीरे (Diamonds) जड़े हुए थे। जब कबाड़ी ने इसे किसी व्यापारी को पिघलाने के लिए बेचने की कोशिश की, तो व्यापारियों ने इसकी कीमत उसकी खरीद लागत से भी कम लगाई। निराश होकर उस कबाड़ी ने इस अंडे को कई वर्षों तक अपनी रसोई की शेल्फ पर एक साधारण सजावटी सामान की तरह रखा छोड़ दिया। वह अक्सर सोचता था कि उसने एक बेकार चीज़ में अपने पैसे फंसा दिए हैं। लेकिन एक रात जब उसने इंटरनेट पर अंडे पर उकेरी गई घड़ी और निर्माता के नाम के बारे में सर्च किया, तो उसके सामने एक ऐसा लेख आया जिसमें रूस के लुप्त हो चुके शाही राजवंश के अति-दुर्लभ इंपीरियल फैबर्जे एग्स के बारे में लिखा हुआ था। इसके बाद उसने अपनी किस्मत आजमाने के लिए लंदन के मशहूर एंटिक एक्सपर्ट्स और फैबर्जे विशेषज्ञों से संपर्क करने का फैसला किया।

विशेषज्ञों की जांच में खुला सदी का सबसे बड़ा रहस्य: जार अलेक्जेंडर तृतीय का दुर्लभ उपहार

जब लंदन के प्रसिद्ध कला और आभूषण विशेषज्ञ कीरन मैक्कार्थी (Kieran McCarthy) ने अमेरिका जाकर इस अंडे का प्रत्यक्ष अवलोकन और विस्तृत फॉरेंसिक विश्लेषण किया, तो वे अपनी आंखों पर यकीन नहीं कर पाए। यह अंडा वास्तव में रूसी राजवंश के प्रसिद्ध ज्वैलर पीटर कार्ल फैबर्जे (Peter Carl Fabergé) द्वारा वर्ष 1887 में तैयार किया गया 'थर्ड इंपीरियल ईस्टर एग' था। इसे रूस के सम्राट जार अलेक्जेंडर तृतीय (Tsar Alexander III) ने अपनी पत्नी महारानी मारिया फेडोरोव्ना (Empress Maria Feodorovna) को ईस्टर के पावन अवसर पर उपहार स्वरूप भेंट किया था। इस अंडे की सबसे बड़ी खासियत यह थी कि इसके अंदर एक बेहद बारीक और कीमती घड़ी (Vacheron Constantin watch) छिपी हुई थी। वर्ष 1917 की रूसी क्रांति (Russian Revolution) के दौरान जब बोल्शेविकों ने शाही परिवार की संपत्ति को जब्त किया था, तब कई फैबर्जे एग्स गायब हो गए थे। यह अंडा भी लगभग 122 सालों से दुनिया की नजरों से पूरी तरह ओझल था और कला इतिहासकार इसे हमेशा के लिए खोया हुआ मान चुके थे।

कबाड़ी से अरबपति बनने का सफर: अंतरराष्ट्रीय नीलामी और कला जगत में तहलका

इस ऐतिहासिक खोज की खबर फैलते ही पूरी दुनिया के कला प्रेमियों, संग्रहालयों और अरबपति संग्राहकों के बीच हलचल मच गई। जिस अंडे को पिघलाकर कुछ हजार डॉलर कमाने की सोच रखी गई थी, उसकी असली कीमत का पता चलते ही कबाड़ी की किस्मत पूरी तरह बदल गई। एक निजी अंतरराष्ट्रीय बोली और सौदे के जरिए इस शाही रूसी खजाने को एक गुप्त कला संग्राहक (Private Collector) को लगभग 312 करोड़ रुपये (33 मिलियन डॉलर) में बेच दिया गया। इस बिक्री ने उस साधारण कबाड़ी को रातों-रात दुनिया के सबसे भाग्यशाली व्यक्तियों की सूची में शामिल कर दिया। कला विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया में बनाए गए कुल 50 इंपीरियल फैबर्जे एग्स में से केवल कुछ ही आज सुरक्षित बचे हैं, और यह खोज इतिहास की सबसे बड़ी और अनोखी खजाना खोजों (Treasure Hunts) में से एक के रूप में दर्ज हो चुकी है।