2300 साल पुराने जहाज के मलबे से समंदर के नीचे मिला अनोखा इतिहास

2300 साल पुराने जहाज के मलबे से समंदर के नीचे मिला अनोखा इतिहास

अंडरवाटर आर्किओलॉजी रिसर्च के दौरान समुद्र के गर्भ से एक ऐसा रहस्यमयी और हैरान कर देने वाला खजाना बाहर आया है, जिसने पूरी वैज्ञानिक दुनिया को अचंभित कर दिया है। क्रोएशिया के विस द्वीप (Vis Island) की गंजिल्ना खाड़ी (Gnjilna Bay) के पास एड्रियाटिक सागर में समुद्री शोधकर्ताओं को लगभग 2300 साल पुराने एक व्यापारिक जहाज का मलबा मिला है। इस प्राचीन मलबे (Hellenistic Shipwreck) की खोज ने यह साफ कर दिया है कि आज से 23 से भी ज्यादा सदियों पहले जब नाविक लंबे समुद्री दौरों पर निकलते थे, तब उनकी जीवनशैली, खान-पान और रसोई का तरीका कैसा हुआ करता था।

इस पुरातात्विक खुदाई में पानी के नीचे से जिस तरह के मिट्टी के बर्तन, उपकरण और नाविकों के निजी सामान सही-सलामत मिले हैं, उन्हें देखकर अंडरवाटर आर्किओलॉजिस्ट और इतिहासकार पूरी तरह से हैरान हैं। क्रोएशियाई संरक्षण संस्थान (Croatian Conservation Institute) के गोताखोरों और शोधकर्ताओं की टीम ने जब समुद्र के तलछट पर सदियों से जमी रेत और धूल हटाई, तो उनके सामने ईसा पूर्व चौथी शताब्दी (4th Century BCE) के एक समृद्ध व्यापारिक नेटवर्क और समुद्री जीवन की पूरी तस्वीर साफ होकर आ गई।

प्राचीन नाविकों के बर्तन और उनके खान-पान की दिलचस्प कहानी

शोधकर्ताओं की टीम जब समुद्र में कई मीटर गहराई में उतरी, तो उन्हें शुरुआती दौर में केवल कुछ पुराने मर्तबानों के टुकड़े दिखे थे। लेकिन जैसे-जैसे सतह को साफ किया गया, वहां प्राचीन काल की पूरी रसोई और रसद का सामान बिछा हुआ मिला।

पुरातत्वविदों को इस मलबे से विशेष रूप से कोरिंथियन टाइप-बी एम्फोरा (Corinthian Type B Amphorae) नामक मिट्टी के बड़े-बड़े कंटेनर मिले हैं। प्राचीन काल में इन विशाल बर्तनों का उपयोग शराब (Wine) और जैतून के तेल (Olive Oil) को एक स्थान से दूसरे स्थान तक सुरक्षित ले जाने के लिए किया जाता था। इसके साथ ही, नाविकों द्वारा दैनिक जीवन में भोजन करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले ब्लैक-ग्लेज्ड (Black-glazed ceramic vessels) बर्तन यानी काले रंग के चमकीले फाइन सेरेमिक के कटोरे, उथली प्लेटें और पीने के कप भी प्राप्त हुए हैं। ये बर्तन इतने बेहतरीन और उच्च गुणवत्ता वाले हैं कि 2300 साल तक पानी के भीतर नमक और रेत के भारी दबाव में रहने के बावजूद इनमें से कई आज भी एकदम सुरक्षित स्थिति में हैं।

नाविक रात के अंधेरे में जहाज पर रोशनी के लिए छोटी मिट्टी की दीयों (Oil Lamps) का उपयोग करते थे। मलबे से मिट्टी का बना एक छोटा सा तेल का दीपक भी मिला है, जो इस बात का सबूत है कि उस दौर में भी नाविक रात के समय समुद्री अभियानों में रोशनी की व्यवस्था कैसे करते थे।

समंदर के नीचे लकड़ी के पतवार से लेकर सिक्कों तक की हैरतअंगेज खोज

आमतौर पर इतने पुराने जहाजों की लकड़ी पानी के भीतर सड़कर पूरी तरह खत्म हो जाती है, लेकिन इस खोज में सबसे बड़ा चमत्कार जहाज का बचा हुआ ढांचा है। शोधकर्ताओं ने 3D डॉक्यूमेंटेशन तकनीक के जरिए यह पाया कि जहाज के नीचे की लगभग 6 मीटर लंबी लकड़ी की पतवार (Wooden Hull) आज भी समुद्र की रेत के नीचे दबी हुई और सुरक्षित हालत में मौजूद है।

जहाज के इस अवशेष के साथ पुरातत्वविदों को प्राचीन फारोस (Ancient Pharos) का एक दुर्लभ तांबे का सिक्का भी मिला है, जो चौथी शताब्दी ईसा पूर्व का बताया जा रहा है। इस एक सिक्के ने इतिहासकारों के लिए उस दौर के समुद्री रास्तों, व्यापारिक मंडियों और द्वीपों के बीच होने वाले आर्थिक लेन-देन को समझने में एक बहुत बड़ी कड़ी जोड़ने का काम किया है। इसके अलावा जहाज के मलबे से जानवरों की हड्डियां भी मिली हैं। इन हड्डियों से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि नाविक अपने लंबे सफर के दौरान ताजे मांस की आपूर्ति के लिए जीवित जानवरों को साथ लेकर यात्रा करते थे या फिर वे सुखाए हुए मांस का सेवन करते थे।

इतिहास की सबसे बड़ी समुद्री व्यापारिक क्रांति की झलक

यह पुरातात्विक स्थल प्राचीन ग्रीक (Hellenistic Period) और भूमध्यसागरीय व्यापारिक संस्कृति का एक बेहद अमूल्य दस्तावेज है। विस द्वीप (जिसे प्राचीन काल में 'इसा' या Issa के नाम से जाना जाता था) अपनी बेहतरीन वाइन के उत्पादन और व्यापार के लिए पूरे एड्रियाटिक सागर क्षेत्र में प्रसिद्ध था।

पुरातत्वविदों का मानना है कि यह जहाज माल लादकर ग्रीस, इटली और डालमेटियन तटबंधों के बीच यात्रा कर रहा था। अचानक किसी भयंकर समुद्री तूफान या चट्टान से टकराने के कारण यह जहाज हादसे का शिकार होकर समुद्र की गहराई में समा गया होगा। आज 2300 साल बाद जब यह मलबा दुनिया के सामने आया है, तो इसने केवल मिट्टी के बर्तन ही नहीं लौटाए, बल्कि प्राचीन मानव सभ्यता, उनके साहस और समुद्री तकनीक के ऐसे पन्नों को खोला है जो अब तक इतिहास की किताबों में भी सही तरीके से दर्ज नहीं थे। आधुनिक वैज्ञानिक अब इस मलबे के हर एक टुकड़े की रेडियोकार्बन डेटिंग और केमिकल जांच कर रहे हैं ताकि ईसा पूर्व की इस व्यापारिक यात्रा का सटीक विवरण तैयार किया जा सके।