रूस के साथ हो रही बहुत बड़ी डील', पुतिन के दूत से मिलकर बोले ट्रंप

रूस के साथ हो रही बहुत बड़ी डील', पुतिन के दूत से मिलकर बोले ट्रंप

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। वाशिंगटन स्थित व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के वरिष्ठ दूत किरिष दिमित्रीव (Kirill Dmitriev) के बीच एक बेहद अहम और हाई-प्रोफाइल मुलाकात हुई है। इस मुलाकात के तुरंत बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए एक बड़ा दावा कर दिया है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका और रूस के बीच एक "बहुत बड़ी डील" (Big Agreement) आकार ले रही है, जो न केवल रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, बल्कि इसका दायरा इतना व्यापक होगा कि इसमें पूरा यूरोप शामिल हो सकता है।

ओवल ऑफिस की बैठक और ट्रंप का बड़ा ऐलान: क्या रुक जाएगी जंग?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बात करते हुए साफ कहा कि रूस के साथ एक ऐतिहासिक समझौता लगभग तय हो चुका है। उन्होंने कहा, "यह एक बहुत बड़ा और बेहद खूबसूरत समझौता होने जा रहा है, जिसमें केवल यूक्रेन ही नहीं बल्कि पूरा यूरोप शामिल हो सकता है। जब यह समझौता सामने आएगा, तो हर कोई खुश होगा।" यद्यपि ट्रंप ने इस समझौते के नियम, समय-सीमा या विशिष्ट शर्तों का फिलहाल पूरी तरह से खुलासा नहीं किया है, लेकिन उनके इस बयान ने वैश्विक राजनीति और कूटनीतिक गलियारों में भारी हलचल पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वार्ता यूरोप के संपूर्ण सुरक्षा ढांचे को एक नया रूप दे सकती है।

पुतिन के दूत किरिल दिमित्रीव से बातचीत, लेकिन यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल से दूरी

इस पूरी वार्ता में एक रणनीतिक मोड़ तब देखने को मिला जब राष्ट्रपति ट्रंप ने पुतिन के विशेष दूत किरिल दिमित्रीव के साथ तो अलग से विस्तृत चर्चा की, लेकिन व्हाइट हाउस आए यूक्रेनी प्रतिनिधिमंडल से उन्होंने व्यक्तिगत रूप से मुलाकात नहीं की। रूसी दूत दिमित्रीव, जिन्हें राष्ट्रपति पुतिन का बेहद करीबी और शांत कूटनीति का माहिर खिलाड़ी माना जाता है, इस समय अमेरिका-रूस के बीच मानवीय सहायता और युद्धविराम वार्ताओं में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। बैठक के दौरान दिमित्रीव ने राष्ट्रपति पुतिन का संदेश ट्रंप तक पहुंचाया और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप द्वारा हाल ही में ओलेश्की (Oleshky) क्षेत्र में छह दिवसीय स्थानीय युद्धविराम करवाने में निभाई गई भूमिका की सराहना की।

'यूक्रेन ही नहीं, पूरे यूरोप की सुरक्षा पर बनेगा नया खाका': क्या हैं कूटनीतिक मायने?

डोनाल्ड ट्रंप का यह बयान कि यह समझौता केवल यूक्रेन तक सीमित न रहकर पूरे यूरोप को अपने दायरे में लेगा, इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन और मॉस्को के बीच नाटो (NATO) के विस्तार, पूर्वी यूरोप में सैन्य तैनाती और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा जैसे बड़े मुद्दों पर गुप्त बातचीत चल रही है। माना जा रहा है कि आबू धाबी में होने वाली आगामी त्रिपक्षीय बैठक से पहले यह मुलाकात दोनों महाशक्तियों के बीच बर्फ पिघलने का बड़ा संकेत है। हालांकि, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की और यूरोपीय देशों के नेताओं की इस संभावित समझौते पर क्या आधिकारिक प्रतिक्रिया होती है, इस पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हुई हैं।