बांग्लादेश में फिर दिखा भारत विरोध- गुरुदेव की तस्वीर पर पोती गई स्याही

बांग्लादेश में फिर दिखा भारत विरोध- गुरुदेव की तस्वीर पर पोती गई स्याही

बांग्लादेश में एक बार फिर भारत विरोध की आग भड़क उठी है। इस बार निशाना बने हैं महान कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर। जानकारी के मुताबिक, कुछ अज्ञात लोगों ने टैगोर की तस्वीर पर स्याही पोत दी है। यह घटना बांग्लादेश के चटगांव जिले की है। घटना के बाद से ही इलाके में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, चटगांव के सातकनिया उपजिले में स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय में रवींद्रनाथ टैगोर की एक तस्वीर लगी हुई थी। कुछ अज्ञात लोगों ने इस तस्वीर पर स्याही पोत दी है। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और इस घटना का विरोध करने लगे। लोगों ने पुलिस से इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की है।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार कर लेंगे। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में निष्पक्ष जांच करेंगे।

बांग्लादेश में बढ़ता भारत विरोध चिंता का विषय है। इससे पहले भी बांग्लादेश में भारत विरोध की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पिछले साल दुर्गा पूजा के दौरान बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों और पंडालों पर हमले हुए थे। इसके बाद भी बांग्लादेश में भारत विरोध की कई घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं से भारत और बांग्लादेश के संबंधों पर भी असर पड़ सकता है।

भारत ने बांग्लादेश में बढ़ती भारत विरोध की घटनाओं पर चिंता जताई है। भारत ने बांग्लादेश सरकार से इन घटनाओं के दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। भारत का कहना है कि बांग्लादेश में बढ़ती भारत विरोध की घटनाएं दोनों देशों के संबंधों के लिए ठीक नहीं हैं।

बांग्लादेश सरकार ने भी रवींद्रनाथ टैगोर की तस्वीर पर स्याही पोतने की घटना की निंदा की है। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि वे इस मामले में जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार कर लेंगे। बांग्लादेश सरकार का कहना है कि वे बांग्लादेश में बढ़ती भारत विरोध की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएंगे।

रवींद्रनाथ टैगोर और बांग्लादेश का गहरा रिश्ता है। बांग्लादेश का राष्ट्रगान 'अमार शोनार बांग्ला' टैगोर ने ही लिखा है। टैगोर की कई रचनाएं बांग्लादेश के स्कूलों में पढ़ाई जाती हैं। टैगोर को बांग्लादेश में भी बहुत सम्मान दिया जाता है। ऐसे में टैगोर की तस्वीर पर स्याही पोतने की घटना से बांग्लादेश में भी लोगों में गुस्सा है।