ईरान की इस खतरनाक चाल से कच्चे तेल में लगेगी भयंकर आग, सऊदी अरब पर मंडरा रहा है सबसे बड़ा खतरा
पश्चिम एशिया का तनाव अब एक बेहद खतरनाक मोड़ लेने वाला है। वैश्विक अर्थव्यवस्था का पहिया चलाने वाले सऊदी अरब को घेरने की एक बड़ी सैन्य योजना तैयार की गई है। खुफिया एजेंसियों ने एक ऐसे भयानक दोतरफा हमले का अलर्ट जारी किया है जो न केवल इस देश को भारी नुकसान पहुंचाएगा बल्कि पूरी दुनिया में तेल के दामों में आग लगा सकता है। यमन के हूती और इराक के चरमपंथी गुट ईरान की शह पर इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाले हैं।
कैंची की तरह काटने वाला 'पिंसर अटैक'
सैन्य रणनीति में दो अलग दिशाओं से एक साथ होने वाले वार को 'पिंसर अटैक' का नाम दिया जाता है। इस रणनीति में दुश्मन को संभलने का बिल्कुल भी मौका नहीं मिलता। सऊदी अरब को उत्तर और दक्षिण दिशा से एक ही समय पर निशाना बनाने की तैयारी चल रही है। जब आसमान से एक ही वक्त पर मिसाइलें और घातक ड्रोन बरसेंगे तो किसी भी रक्षा प्रणाली के लिए उन्हें रोकना नामुमकिन हो जाएगा। यह एक ऐसी घातक चाल है जो कैंची के दोनों हिस्सों की तरह काम करती है और अपने लक्ष्य को बीच से चीर देती है।
ईरान का मास्टरप्लान और चरमपंथियों का गठजोड़
इस पूरी घेराबंदी के पीछे ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का दिमाग बताया जा रहा है। अलग-अलग चरमपंथी गुट अब एक साझा मंच पर आ चुके हैं। यमन के हूती लड़ाके इराकी उग्रवादियों को उन्नत ड्रोन तकनीक सिखा रहे हैं। वहीं इराक के विद्रोही सऊदी की उत्तरी सरहद पर हूतियों को सुरक्षित ठिकाने और हथियार मुहैया करा रहे हैं। यह नया गठजोड़ क्षेत्रीय शांति के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन चुका है। सीएनएन की एक रिपोर्ट में सऊदी अधिकारियों ने भी ऐसे ही समन्वित हमले की प्रबल आशंका जताई है।