फ्लाईदुबई के भारतीय पायलट को मिला सर्वोच्च 'ऑर्डर ऑफ जायद II' सम्मान
आसमान में मौत को मात देकर सैकड़ों बेकसूर जिंदगियां बचाने वाले फ्लाईदुबई (Flydubai) के भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machhar) को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकार ने अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा है। यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने राजधानी अबू धाबी में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार से मुलाकात की, उन्हें स्नेह से गले लगाया और देश के प्रतिष्ठित 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' (First Class Order of Zayed II) सम्मान से सम्मानित किया। इस दौरान दुबई के क्राउन प्रिंस और शाही परिवार के कई वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे, जिन्होंने क्रू के अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा की जमकर सराहना की।
क्या थी वह डरावनी घटना और कैसे बची 170 से अधिक यात्रियों की जान
यह पूरी साहसिक घटना गत 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 के दौरान पेश आई थी। यह विमान दुबई से इजरायल के तेल अवीव शहर के लिए रवाना हुआ था और इसमें क्रू सदस्यों समेत 174 से अधिक लोग सवार थे। विमान जब हवा में था, तभी कॉकपिट के भीतर एक बेहद चौंकाने वाली स्थिति पैदा हो गई। विमान के को-पायलट ने अचानक कथित तौर पर आपातकालीन स्थिति में इस्तेमाल होने वाली कुल्हाड़ी (Crash Axe) से कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला कर दिया। इस अचानक हुए हमले में कैप्टन स्मित गंभीर रूप से लहूलुहान और घायल हो गए। शुरुआती जांच और रिपोर्ट्स के अनुसार, इस हमले का उद्देश्य विमान को गंभीर क्षति पहुंचाना था।
गंभीर जख्मों के बावजूद कैप्टन स्मित ने दिखाई असाधारण सूझबूझ
हमले में बुरी तरह घायल होने और अत्यधिक खून बहने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने अपने होश नहीं खोए। उन्होंने अपनी शारीरिक पीड़ा को दरकिनार करते हुए अदम्य मानसिक दृढ़ता का परिचय दिया और समय रहते कॉकपिट का दरवाजा खोलकर क्रू मेंबर्स व अन्य सहयात्रियों को अंदर आने का संकेत दिया। यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों ने त्वरित सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया और हमलावर को-पायलट को दबोचकर पूरी तरह काबू में कर लिया। इसके बाद घायल कैप्टन और उनकी टीम ने अपनी पेशेवर दक्षता का परिचय देते हुए विमान का रुख बदला और उसे सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतार लिया। इस सूझबूझ भरे और त्वरित फैसले के कारण विमान में सवार सभी 174 यात्रियों की जान बाल-बाल बच गई।
यूएई नेतृत्व ने की मुक्तकंठ से सराहना, मिला देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
इस हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए यूएई के शीर्ष नेतृत्व ने इसे बेहद बारीकी से लिया। जांच एजेंसियों और अटॉर्नी जनरल कार्यालय द्वारा की गई शुरुआती पड़ताल के बाद इसे एक गंभीर सुरक्षा चुनौती व आतंकी मंशा से जुड़ा कृत्य माना गया। संकट के इस चक्रवात में कैप्टन स्मित मच्छार द्वारा दिखाई गई असाधारण बहादुरी, नेतृत्व क्षमता और विमानन सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए यूएई के राष्ट्रपति ने उन्हें 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' पदक प्रदान किया। इस सम्मान समारोह के दौरान जब घायल हाथ में ब्रेस पहने कैप्टन स्मित मंच पर पहुंचे, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और राष्ट्रपति ने खुद आगे बढ़कर उन्हें गले से लगा लिया। इस साहसिक और प्रेरणादायक घटना ने पूरी दुनिया में भारत का मान बढ़ा दिया है तथा हर भारतीय के दिल में कैप्टन स्मित मच्छार के लिए गर्व की भावना भर दी है।