भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी का मुख्य वकील लंडन में गिरफ्तार, दो महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला आया सामने

भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी का मुख्य वकील लंडन में गिरफ्तार, दो महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला आया सामने

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के 13,500 करोड़ रुपये के महाघोटाले के मुख्य आरोपी और भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी की कानूनी मुश्किलें और अधिक बढ़ गई हैं। मेहुल चोकसी का प्रतिनिधित्व करने वाले भारतीय आपराधिक मामलों के प्रमुख वकील विजय अग्रवाल को लंदन में ब्रिटिश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। विजय अग्रवाल पर दो अलग-अलग महिलाओं के साथ चार बार यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) करने का गंभीर आरोप लगा है। इस बड़ी कानूनी कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले की पूरी अंदरूनी कहानी।

लंदन के लग्जरी टाउनहाउस में हुई गिरफ्तारी

मेट्रोपॉलिटन पुलिस को लंदन के मेफेयर इलाके स्थित ब्रिक स्ट्रीट पर एक लग्जरी सर्विसड टाउनहाउस में यौन उत्पीड़न की घटनाएं होने की शिकायत मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 57 वर्षीय वकील विजय अग्रवाल को उसी पते से हिरासत में ले लिया। पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि इस प्रॉपर्टी पर एक अन्य भारतीय नागरिक और वकील की पर्सनल असिस्टेंट मनप्रीत कौर भी मौजूद थीं।

पुलिस के अनुसार, विजय अग्रवाल पर दो अलग-अलग पीड़िताओं की सहमति के बिना उनके साथ जबरन शारीरिक संपर्क बनाने और यौन उत्पीड़न करने के तीन मामले दर्ज किए गए हैं, जो इसी साल मई और अगस्त के महीनों के दौरान हुए। पुलिस ने पर्याप्त सबूत मिलने के बाद दोनों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

पर्सनल असिस्टेंट पर भी लगे गंभीर आरोप और फर्जी जॉब विज्ञापन का खुलासा

इस सनसनीखेज मामले में केवल मुख्य वकील ही नहीं, बल्कि उनकी पर्सनल असिस्टेंट मनप्रीत कौर (41) की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मनप्रीत कौर ने कथित तौर पर एक फर्जी जॉब का विज्ञापन सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर पोस्ट किया था। इस झूठे विज्ञापन के जरिए महिलाओं को इंटरव्यू या काम के बहाने उस लग्जरी टाउनहाउस में बुलाया जाता था।

मनप्रीत कौर पर आरोप है कि उसने जानबूझकर और साजिश के तहत उन दो महिलाओं को विजय अग्रवाल के पास लाकर यौन उत्पीड़न के अपराध को बढ़ावा दिया और इसमें सहायता की। इस मामले में अदालत ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिका खारिज करते हुए उन्हें कस्टडी में ही भेज दिया है और आगे की सुनवाई के लिए मामला साउथवार्क क्राउन कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया है।

मेहुल चोकसी के प्रत्यर्पण और कानूनी मामलों पर पड़ेगा असर

गौरतलब है कि विजय अग्रवाल लंबे समय से भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी के अंतरराष्ट्रीय मामलों और प्रत्यर्पण (Extradition) से जुड़ी कानूनी लड़ाई की पैरवी कर रहे थे। मेहुल चोकसी पर भारत के पंजाब नेशनल बैंक के साथ अरबों रुपए की धोखाधड़ी करने और देश छोड़कर भागने के संगीन आरोप हैं। पिछले साल अप्रैल 2025 में भारतीय एजेंसियों के रेड कार्तर नोटिस और प्रत्यर्पण अनुरोध पर बेल्जियम पुलिस ने चोकसी को गिरफ्तार किया था, जहां वह वर्तमान में जेल में बंद है और भारत वापसी से बचने के लिए कानूनी रास्ते तलाश रहा है। अब मुख्य वकील के खुद जेल जाने से चोकसी की कानूनी टीम को करारा झटका लगा है।