अमरीकी युद्धपोत पर नरक जैसे हालात: फफूंदी लगे शॉवर और टूटे टॉयलेट देख नाविकों के उड़े होश, समंदर में कूदने की तैयारी!

अमरीकी युद्धपोत पर नरक जैसे हालात: फफूंदी लगे शॉवर और टूटे टॉयलेट देख नाविकों के उड़े होश, समंदर में कूदने की तैयारी!

मध्य पूर्व में तैनात अमरीकी नौसेना के एक युद्धपोत पर सैनिकों और नाविकों की स्थिति बेहद दयनीय और चिंताजनक हो गई है। लंबे अभियानों और खराब प्रबंधन के कारण युद्धपोत के अंदर जीवन असहनीय स्तर पर पहुंच गया है, जहां सैनिकों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी भारी संघर्ष करना पड़ रहा है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि कई नाविकों की मानसिक स्थिति पर इसका गहरा असर पड़ा है और उन्होंने गुस्से तथा निराशा में समंदर में कूदकर जान देने तक की कोशिश कर डाली।

युद्धपोत के भीतर स्वच्छता की स्थिति पूरी तरह से चरमरा गई है। सैनिकों के नहाने के लिए बने शॉवर पूरी तरह से फफूंदी से भर चुके हैं, जिनका इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो रहा है। इसके अलावा, जहाज पर मौजूद अधिकांश टॉयलेट टूट चुके हैं और लंबे समय से उनकी मरम्मत नहीं की गई है। बुनियादी सैनिटेशन सुविधाओं के अभाव में नाविकों के लिए वहां एक दिन गुजारना भी किसी सजा से कम नहीं है। रखरखाव की इस भयंकर लापरवाही ने सैनिकों के गुस्से को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।

सफाई और बुनियादी ढांचे की समस्याओं के अलावा सैनिकों के सामने भोजन की भारी कमी भी एक विकराल संकट बनकर उभरी है। युद्धपोत पर तैनात कर्मियों को जरूरत के मुताबिक पर्याप्त और पौष्टिक खाना नहीं मिल रहा है, जिससे उनकी शारीरिक क्षमता लगातार कमजोर हो रही है। लंबे समय तक समुद्र के बीच तैनात रहने वाले इन सैनिकों को जब भरपेट भोजन और स्वच्छ पानी जैसी मूलभूत चीजें भी समय पर नहीं मिलती हैं, तो उनका मनोबल टूटना लाजिमी है।

इस गंभीर स्थिति ने अमरीकी नौसेना के भीतर हड़कंप मचा दिया है। सैनिकों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को ताक पर रखकर कराए जा रहे इन अभियानों की अब चहुंओर आलोचना हो रही है। नाविकों द्वारा उठाए गए इस चरम कदम के बाद रक्षा अधिकारियों पर दबाव बढ़ गया है कि वे तुरंत युद्धपोत पर हालात का जायजा लें और फफूंदी, टूटे टॉयलेट तथा खाने की कमी जैसी समस्याओं का युद्धस्तर पर समाधान करें ताकि सैनिकों की जान बचाई जा सके।