हूती विद्रोहियों की सऊदी अरब में घुसकर अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक

हूती विद्रोहियों की सऊदी अरब में घुसकर अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक

पश्चिम एशिया में जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों (Houthi Rebels) ने पड़ोसी देश सऊदी अरब की सीमा में अप्रत्याशित और दुस्साहसिक 'सर्जिकल स्ट्राइक' (Cross-Border Surgical Strike) को अंजाम देकर पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। प्राप्त जमीनी रिपोर्टों और हूती सैन्य मीडिया द्वारा जारी आधिकारिक दावों के अनुसार, हूती लड़ाकों के एक विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो दस्ते ने सऊदी अरब के दक्षिणी सीमावर्ती प्रांत (नाजरान/जिजान क्षेत्र) में स्थित एक महत्वपूर्ण सैन्य चौकी और बेस पर घुसकर सीधा जमीनी हमला बोल दिया। इस अचानक हुए जमीनी हमले में सऊदी अरब के कई सुरक्षाकर्मियों के हताहत होने की खबर है, जबकि हूती लड़ाके सऊदी सैनिकों के भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, असला-बारूद, बख्तरबंद गाड़ियां और सैन्य उपकरण लूटकर वापस यमन के अपने ठिकानों में सुरक्षित फरार होने में कामयाब रहे। इस जमीनी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद रियाद और सऊदी सैन्य मुख्यालय में हड़कंप मच गया है।

#1. सऊदी सीमा में हूतियों का दुस्साहसिक जमीनी हमला और रणनीति में बड़ा बदलाव

अब तक यमन के हूती विद्रोही मुख्य रूप से ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइल और एंटी-शिप क्रूज मिसाइलों के जरिए सऊदी अरब के हवाई अड्डों, सैन्य ठिकानों और तेल प्रतिष्ठानों को दूर से निशाना बनाते आ रहे थे। हालांकि, सऊदी अरब के अंदर घुसकर सीधे पैदल सेना (Infantry Cross-Border Raid) द्वारा इस तरह की सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम देना हूतियों की युद्ध रणनीति में एक बहुत बड़े और खतरनाक बदलाव का संकेत देता है। रिपोर्टों के अनुसार, हूती लड़ाकों ने कड़े सुरक्षा घेरे, थर्मल कैमरों और निगरानी ड्रोन को चकमा देते हुए पहाड़ी और बीहड़ इलाकों के रास्ते सऊदी सैन्य पोस्ट की सीमा में प्रवेश किया। इसके बाद उन्होंने स्वचालित हथियारों, रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) और ग्रेनेड लॉन्चर्स से अचानक भीषण हमला बोलकर सऊदी बॉर्डर गार्ड्स और सैन्य टुकड़ी को संभलने तक का मौका नहीं दिया।

#1. सऊदी सैनिकों के अत्याधुनिक हथियार और बख्तरबंद वाहन लूटकर फरार हुए लड़ाके

इस क्रॉस-बॉर्डर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद हूती विद्रोहियों के आधिकारिक मीडिया नेटवर्क (अल-मसीरा) द्वारा जारी तस्वीरों और वीडियो क्लिप्स में हूती लड़ाकों को सऊदी सैन्य बेस के अंदर कब्जा जमाते और वहां रखे गोला-बारूद तथा हथियारों के जखीरे को अपने कब्जे में लेते हुए देखा जा सकता है। हूती लड़ाके बेस में रखी भारी मात्रा में अमेरिकी और पश्चिमी निर्मित स्वचालित राइफलें, भारी मशीन गन, एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइलें (ATGM), नाइट-विज़न गॉगल्स, संचार उपकरण और सैन्य गाड़ियां लूटकर अपने साथ ले गए। इस घटना ने सऊदी अरब के सीमा सुरक्षा तंत्र, इंटेलिजेंस नेटवर्क और एयर डिफेंस की हाई-टेक निगरानी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

#1. सऊदी अरब और यमन सीमा पर भारी सैन्य अलर्ट: फाइटर जेट्स ने तेज की बमबारी

हूती लड़ाकों की इस अप्रत्याशित घुसपैठ और लूटपाट के बाद सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय और सऊदी नीत गठबंधन सेना (Saudi-led Coalition) ने तुरंत हरकत में आते हुए पूरे दक्षिणी सीमावर्ती इलाके में रेड अलर्ट घोषित कर दिया है। हमले के तुरंत बाद सऊदी वायुसेना के रॉयल सऊदी एयर फोर्स (RSAF) के F-15 और यूरोफाइटर टाइफून फाइटर जेट्स ने यमन के सादा (Saada) और अमरान प्रांतों में स्थित हूती विद्रोहियों के संदिग्ध ठिकानों और भाग रहे लड़ाकों के काफिले को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ हवाई हमले (Retaliatory Airstrikes) शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही सीमा पर अतिरिक्त टैंक और बख्तरबंद रेजिमेंट तैनात कर दी गई है ताकि हूतियों की तरफ से किसी और जमीनी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया जा सके।

#1. मध्य पूर्व में गहराता भीषण युद्ध संकट और सऊदी अरब की बढ़ती चिंताएं

हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब की संप्रभु सीमा के भीतर घुसकर की गई इस सर्जिकल स्ट्राइक से पूरे मध्य पूर्व में क्षेत्रीय तनाव अपने चरम पर पहुंच गया है। पिछले कुछ हफ्तों से लाल सागर (Red Sea) और अदन की खाड़ी में वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बना रहे हूतियों ने अब सीधे सऊदी अरब के मुख्य भूभाग को जमीनी जंग के मुहाने पर ला खड़ा किया है। अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हूती विद्रोही इसी तरह सऊदी अरब की सीमा में घुसकर जमीनी हमले और लूटपाट जारी रखते हैं, तो इससे यमन में पिछले कुछ समय से बना नाजुक युद्धविराम (Fragile Ceasefire) पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगा और पूरे खाड़ी क्षेत्र में एक नई तथा खूनी जंग छिड़ सकती है।