भारत की हवाई ताकत में होगा सबसे बड़ा इजाफा, चीन के J-20 की काट खोजने की शुरू की तैयारी
सामरिक मोर्चे पर भारतीय वायुसेना की ताकत में एक बहुत बड़ा इजाफा होने जा रहा है। मॉस्को ने नई दिल्ली को 5 अतिरिक्त S-400 ट्रायंफ मिसाइल स्क्वाड्रन की आपूर्ति के लिए बिल ऑफ क्वांटिटीज (BOQ) का विस्तृत प्रस्ताव औपचारिक रूप से सौंप दिया है।
इस महत्वपूर्ण दस्तावेज में उपकरणों के निर्माण और साजो-सामान की पूरी लागत का खाका खींचा गया है, जिससे दोनों मित्र देशों के बीच प्राइस नेगोशिएशन की राह पूरी तरह साफ हो चुकी है।
नरेंद्र मोदी सरकार ने साल 2018 में रूस के साथ 5.43 अरब डॉलर का ऐतिहासिक समझौता कर 5 S-400 प्रणालियों की पहली डील पक्की की थी, जिसकी पांचवीं और आखिरी खेप नवंबर 2026 तक भारत की धरती पर लैंड करने वाली है। अब इन 5 नई प्रणालियों को अपने सुरक्षा कवच में शामिल करने का अंतिम निर्णय मूल्य निर्धारण और वित्त मंत्रालय की वित्तीय समीक्षा के बाद सीधे सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) द्वारा लिया जाएगा।
चीन के J-20 के जवाब में 5th जनरेशन सुखोई-57 पर नजर
इस बड़े एयर डिफेंस सौदे की सुगबुगाहट के बीच रूस से 2 स्क्वाड्रन Su-57 फिफ्थ-जनरेशन फाइटर जेट खरीदने को लेकर भी रक्षा गलियारों में विमर्श तेज हो गया है। हालांकि आधिकारिक स्तर पर भारत सरकार ने अभी तक इस स्टेल्थ फाइटर को लेकर कोई अंतिम मुहर नहीं लगाई है, लेकिन भारतीय वायुसेना ने रूसी पक्ष के इस प्रस्ताव पर खासी दिलचस्पी जाहिर की है।
इस रणनीतिक झुकाव के पीछे ड्रैगन की चालबाजियां मुख्य कारण हैं, जिसने अपनी वेस्टर्न थिएटर कमांड के अधीन तिब्बत के होतान, ल्हासा और न्यिंगची जैसे अहम एयरबेसों पर 5th जनरेशन J-20 विमानों का जमावड़ा बढ़ा दिया है। चीनी सेना के इस जमावड़े को देखते हुए भारत अपनी हवाई संप्रभुता और कॉम्बैट क्षमताओं को नया पैनापन देने के लिए सभी उन्नत विकल्पों की गहन पड़ताल कर रहा है।
ऑपरेशन सिंदूर: सीमा से 314 किमी दूर मार गिराया था एयरबोर्न वार्निंग विमान
S-400 ट्रायंफ की अचूक मारक क्षमता का सबसे घातक प्रदर्शन मई 2025 में चले 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान दुनिया ने देखा था। इस सैन्य कार्रवाई में S-400 की लंबी दूरी की इंटरसेप्टर मिसाइल ने भारतीय सीमा से 314 किलोमीटर की भारी दूरी पर उड़ रहे पाकिस्तान के एक एयरबोर्न वार्निंग एयरक्राफ्ट को हवा में ही भस्म कर दिया था। बौखलाहट में पाकिस्तान ने पंजाब के आदमपुर और गुजरात के भुज एयरबेस पर तैनात भारतीय S-400 बैटरी को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती कामिकेज ड्रोन झोंके, लेकिन भारत की बहुस्तरीय ढाल को भेदना नामुमकिन साबित हुआ।
स्वदेशी आकाश-टीयर और S-400 के इस संयुक्त अभेद्य जाल के खौफ से पाकिस्तानी लड़ाकू विमान अपनी ही सीमा में दुबके रहे और भारतीय सीमा के निकट फटकने तक की हिम्मत नहीं जुटा सके।