सीरिया पर हमले से ठीक पहले मोसाद प्रमुख ने सीरियाई विदेश मंत्री को किया था फोन, तुर्किये की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर जताई कड़ी आपत्ति

सीरिया पर हमले से ठीक पहले मोसाद प्रमुख ने सीरियाई विदेश मंत्री को किया था फोन, तुर्किये की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर जताई कड़ी आपत्ति

मध्य पूर्व में एक बार फिर भू-राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया है। सीरिया पर इजरायली एयरस्ट्राइक से ठीक पहले एक चौंकाने वाला कूटनीतिक और खुफिया खुलासा सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद (Mossad) के प्रमुख रोमन गोफमैन ने सीरिया के विदेश मंत्री असद हसन अल-शिबानी को फोन पर संपर्क किया था। इस गुप्त और उच्च-स्तरीय बातचीत का मुख्य केंद्र सीरियाई क्षेत्र में तुर्किये (Turkey) की बढ़ती सैन्य मौजूदगी, हथियारों की सप्लाई और ड्रोन गतिविधियों से जुड़े गंभीर सुरक्षा मुद्दे थे। आइए इस पूरी घटना और मिडिल ईस्ट की बदलती सामरिक स्थिति के बारे में विस्तार से जानते हैं।

मोसाद प्रमुख और सीरियाई विदेश मंत्री के बीच हुई थी गुप्त बातचीत

इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद के चीफ रोमन गोफमैन और सीरियाई प्रशासन के बीच हुई यह उच्च-स्तरीय फोन कॉल सीरिया में तेजी से बदलते समीकरणों की ओर इशारा करती है। बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद सीरिया में राष्ट्रपति अहमद अल-शारा के नेतृत्व वाली सरकार अस्तित्व में आई है। इस नई प्रशासनिक व्यवस्था के दौरान इजरायल और सीरिया के बीच किसी शीर्ष स्तर पर यह सबसे महत्वपूर्ण संपर्कों में से एक माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, 14 अगस्त को हुई इस बातचीत के दौरान मोसाद प्रमुख ने दमिश्क सरकार से स्पष्ट शब्दों में पूछा कि आखिर तुर्किये सीरियाई सीमा के पास अपनी सैन्य ताकत क्यों बढ़ा रहा है। इजरायल इस बात से बेहद चिंतित था कि सीरियाई सेना को लगातार आधुनिक हथियार, ड्रोन और सैन्य साजो-सामान क्यों मुहैया कराए जा रहे हैं। इजरायल ने पहले ही चेतावनी दी थी कि उत्तरी सीमा पर किसी भी बाहरी या तुर्की सैन्य बुनियादी ढांचे को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

चेतावनी के बाद इजरायल ने सीरियाई एयरबेस पर बोला हमला

मोसाद प्रमुख की इस चेतावनी और दमिश्क के साथ हुई कूटनीति के कुछ ही दिनों बाद इजरायली वायुसेना ने सीरिया के उत्तर-पश्चिम में स्थित रणनीतिक अबू अल-दुहुर सैन्य हवाई अड्डे (Abu al-Duhur Airbase) को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ एयरस्ट्राइक कर दी। इजरायल का आरोप था कि सीरियाई सरकार देश के उस एयरबेस पर तुर्की सैनिकों की तैनाती की अनुमति देने की तैयारी कर रही थी, जिससे इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा पैदा हो सकता था।

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट रूप से कहा कि इजरायल ने सीरियाई नेतृत्व को पहले ही कड़े शब्दों में आगाह कर दिया था, लेकिन जब उन्होंने इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया, तो इजरायल को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सैन्य कार्रवाई करनी पड़ी। इस एयरस्ट्राइक के बाद क्षेत्र में तनाव और अधिक गहरा गया है, जबकि तुर्किये ने इजरायली दावों को खारिज करते हुए इसे सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है।