अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर में भारतीय मूल की नित्या रमन ने रचा इतिहास

अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर में भारतीय मूल की नित्या रमन ने रचा इतिहास

अमेरिकी राजनीति और वहां रह रहे भारतीय समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक खबर सामने आई है। भारत में जन्मी और पेशे से अर्बन प्लानर नित्या रमन ने लॉस एंजेलिस के मेयर चुनाव में जबरदस्त जीत दर्ज कर एक बड़ा राजनीतिक उलटफेर कर दिया है। मौजूदा मेयर करेन बास को एक बेहद कड़े मुकाबले में हराकर 43 वर्षीया नित्या रमन अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर लॉस एंजेलिस की पहली एशियाई-अमेरिकी और भारतीय मूल की मेयर बनने जा रही हैं। प्रोग्रेसिव विंग और 'डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका' (DSA) से जुड़ी नित्या रमन की इस जीत को न्यू यॉर्क शहर के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी के बाद प्रोग्रेसिव राजनीति की दूसरी सबसे बड़ी ऐतिहासिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।

केरल में जन्म से लेकर हार्वर्ड और एमआईटी तक का सफर: जानें कौन हैं नित्या रमन

नित्या रमन का जन्म साल 1981 में भारत के केरल राज्य में हुआ था। जब वह महज छह साल की थीं, तब उनका परिवार अमेरिका स्थानांतरित हो गया था। अपनी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट मुकाम हासिल करते हुए उन्होंने अमेरिका के प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से स्नातक की उपाधि प्राप्त की और फिर मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की। भारत के प्रति अपनी जड़ों से जुड़ी नित्या ने चेन्नई में शहरी स्वच्छता और नागरिक अधिकारों पर काम करने वाली रिसर्च संस्था 'ट्रांसपेरेंट चेन्नई' की स्थापना भी की थी। साल 2013 में लॉस एंजेलिस लौटने के बाद उन्होंने बेघर लोगों (Homelessness) की मदद के लिए जमीनी स्तर पर गैर-सरकारी संगठन बनाए और हॉलीवुड में महिलाओं के अधिकारों के लिए काम करने वाली 'टाइम अप' संस्था में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई।

चुनावी जंग में बड़ा उलटफेर: मौजूदा मेयर को हराकर शहर में कायम की प्रोग्रेसिव लहर

नित्या रमन ने साल 2020 में लॉस एंजेलिस सिटी काउंसिल का चुनाव जीतकर पहली बार अमेरिकी राजनीति में हलचल मचाई थी, जब उन्होंने 17 साल में पहली बार किसी मौजूदा काउंसिल मेंबर को हराया था। इस बार मेयर चुनाव में उन्होंने अंतिम समय पर अपनी उम्मीदवारी दाखिल कर वाशिंगटन और कैलिफोर्निया के स्थापित राजनीतिक गलियारों को चौंका दिया। चुनाव में उन्होंने करीब 51.1 प्रतिशत वोट हासिल कर करेन बास (48.3%) को पटकनी दी। जोहरान ममदानी और बर्नार्ड 'बर्नी' सैंडर्स के नेतृत्व वाले प्रोग्रेसिव व सोशलिस्ट विंग की तर्ज पर नित्या रमन ने मकानों के लगातार बढ़ते किरायों, किफायती आवास (Affordable Housing), सार्वजनिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचागत सुविधाओं को अपना मुख्य एजेंडा बनाया।

लॉस एंजेलिस के सामने चुनौतियां और आगामी 2028 ओलंपिक की मेजबानी

लॉस एंजेलिस के 44वें मेयर के रूप में कमान संभालने के साथ ही नित्या रमन के कंधों पर 14 अरब डॉलर के बजट वाले विशालकाय शहर को चलाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। शहर वर्तमान में 45,000 से अधिक बेघर लोगों की समस्या, आवास की अत्यधिक कमी और हाल ही में हुई आगजनी की घटनाओं के बाद पुनर्निर्माण जैसी गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है। इसके साथ ही, साल 2028 में आयोजित होने वाले लॉस एंजेलिस ओलंपिक खेलों (2028 Summer Olympics) की तैयारियों का जिम्मा भी अब उन्हीं के हाथों में होगा। नित्या रमन की इस अप्रत्याशित जीत ने यह साबित कर दिया है कि अमेरिका की मुख्यधारा की राजनीति में भारतीय-अमेरिकी नेताओं का दबदबा और जनता का भरोसा लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।