ट्रंप के साथ बने रहेंगे रुबियो, पद छोड़ने की खबरें खारिज

ट्रंप के साथ बने रहेंगे रुबियो, पद छोड़ने की खबरें खारिज

अमेरिका की राजनीतिक गलियारों में इन दिनों उठापटक का दौर जारी है, जिसके केंद्र में देश के विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) हैं। हाल ही में संपन्न हुए अमेरिकी मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) में रिपब्लिकन पार्टी को मिले झटके के बाद से ही वाशिंगटन में यह अटकलें तेज हो गई थीं कि ट्रंप प्रशासन में बड़े पैमाने पर फेरबदल हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि मार्को रुबियो साल 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों में जुटने के लिए अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इन तमाम चर्चाओं पर खुद विराम लगाते हुए विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और पद छोड़ने की सभी खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है। हालांकि, जब उनसे भविष्य के राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर सवाल किया गया, तो उन्होंने इस पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया, जिससे राजनीतिक विश्लेषकों के बीच कयासों का बाजार अभी भी गर्म है।

मार्को रुबियो ने खारिज की इस्तीफे की अटकलें, कहा- अपने काम से बेहद खुश हूं

एक प्रमुख अमेरिकी मीडिया संस्थान को दिए गए इंटरव्यू में विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन को छोड़कर जाने जैसी कोई योजना नहीं है और वह अपना कार्यकाल पूरी निष्ठा के साथ पूरा करेंगे। रुबियो ने हैरानी जताते हुए कहा कि उन्हें खुद समझ नहीं आता कि इस तरह की बेबुनियाद खबरें कहां से गढ़ी जाती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि वह अपने विभाग के कामकाज से पूरी तरह संतुष्ट हैं और विदेश नीति के मोर्चे पर जो जिम्मेदारियां उन्हें सौंपी गई हैं, वे उनका पूरी ईमानदारी से निर्वहन कर रहे हैं। व्हाइट हाउस और विदेश विभाग के प्रवक्ता ने भी इन खबरों का पुरजोर खंडन करते हुए इन्हें पूरी तरह से मनगढ़ंत और राजनीतिक फायदे के लिए फैलाया गया प्रोपेगैंडा करार दिया है।

साल 2028 के राष्ट्रपति चुनाव पर साधी चुप्पी, भविष्य के संकेतों पर टिकी निगाहें

एक तरफ जहां रुबियो ने अपने पद पर बने रहने की बात कहकर प्रशासनिक स्थिरता का संदेश दिया है, वहीं दूसरी तरफ 2028 के व्हाइट हाउस (राष्ट्रपति चुनाव) की रेस में उतरने से जुड़े सवाल पर उन्होंने बेहद सधा हुआ रुख अपनाया। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या वह आने वाले समय में राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी की दावेदारी पेश करेंगे, तो रुबियो ने दो टूक अंदाज में कहा कि वह अब इस विषय पर बिल्कुल भी बात नहीं करना चाहते और उन्होंने इस पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है। कूटनीतिक जानकारों का मानना है कि भले ही रुबियो ने अभी खुलकर कुछ न कहा हो, लेकिन ट्रंप प्रशासन में उनके बढ़ते कद और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी मजबूत छवि के कारण रिपब्लिकन पार्टी के भीतर उन्हें एक संभावित भावी नेता के रूप में देखा जा रहा है।

मध्यावधि चुनाव के बाद वाशिंगटन में प्रशासनिक फेरबदल की चर्चाएं

अमरीका में मध्यावधि चुनावों के परिणामों ने रिपब्लिकन पार्टी के लिए कुछ असहज स्थितियां पैदा की हैं, जिसके बाद से ट्रंप कैबिनेट में अंदरखाने सुगबुगाहट तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन और आगे की रणनीतिक चुनौतियों को देखते हुए प्रशासन के भीतर फेरबदल की अफवाहें उड़ना आम बात है। हालांकि, मार्को रुबियो जैसे वरिष्ठ और कद्दावर नेता का अपने पद पर बने रहने का ऐलान करना यह साबित करता है कि राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल की विदेश नीति की कमान अभी पूरी मजबूती के साथ रुबियो के हाथों में ही सुरक्षित है। आने वाले दिनों में वाशिंगटन की कूटनीति और घरेलू राजनीति में इसके क्या दूरगामी परिणाम होते हैं, इस पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।