रूस का यूक्रेन पर भयानक हमला: स्कूल इमारत पर गिराए 9 बम, 33 की मौत

रूस का यूक्रेन पर भयानक हमला: स्कूल इमारत पर गिराए 9 बम, 33 की मौत

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा भीषण युद्ध एक बार फिर अत्यंत भयानक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गया है। रूसी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने दक्षिण-पूर्वी यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया प्रांत स्थित कोमीशुवाखा (Komyshuvakha) गांव में एक स्कूल की इमारत को निशाना बनाते हुए लगभग नौ भारी-भरकम गाइडेड एरियल बमों (KABs) से ताबड़तोड़ बमबारी की। इस भीषण हवाई हमले में कम से कम 33 नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 50 से अधिक लोग मलबे के नीचे दबे होने के कारण लापता बताए जा रहे हैं। जिस स्कूल भवन को रूसी सेना ने निशाना बनाया, उसका उपयोग युद्धग्रस्त प्रभावितों के लिए एक मानवीय सहायता वितरण केंद्र (Humanitarian Aid Distribution Center) और आश्रय स्थल के रूप में किया जा रहा था। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने इस हमले पर गहरा दुख और आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे "इस युद्ध के इतिहास के सबसे भयानक हमलों में से एक" करार दिया है।

#1. मानवीय सहायता केंद्र बनी स्कूल इमारत पर रूसी विमानों का सीधा हमला

यूक्रेन के राज्य आपातकालीन सेवा (DSNS) और स्थानीय प्राधिकारियों के अनुसार, ज़ापोरिज्जिया क्षेत्र का यह स्कूल काफी समय से बच्चों के पठन-पाठन के बजाय युद्ध पीड़ित नागरिकों को भोजन, दवाइयां और आश्रय प्रदान करने वाले प्रशासनिक व मानवीय केंद्र के रूप में इस्तेमाल हो रहा था। हमले के समय परिसर में दर्जनों स्थानीय ग्रामीण, सहायता वितरण कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी मौजूद थे। रूसी वायुसेना ने लगभग 3 टन वजनी और भारी विनाशक क्षमता वाले गाइडेड एरियल बमों की एक साथ श्रृंखला दागी, जिससे स्कूल की पूरी बहुमंजिला इमारत भरभराकर जमींदोज हो गई। हमले के बाद घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य में जुटे दो बचाव कर्मियों और चार पुलिस अधिकारियों की भी मौत हो गई, क्योंकि रूसी सेना ने बचाव दल के पहुंचने के तुरंत बाद दूसरा हवाई हमला (Double Tap Strike) कर दिया।

#1. राष्ट्रपति जेलेंस्की का तीखा बयान: 'रूस की यह क्रूरता अक्षम्य, मदद की सख्त जरूरत'

इस दिल दहला देने वाले हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने अपने राष्ट्र के नाम संबोधन में दुनिया भर के लोकतांत्रिक देशों से एकजुट होने की अपील की है। जेलेंस्की ने कहा कि निहत्थे नागरिकों, महिलाओं और राहत कार्यकर्ताओं को आश्रय देने वाली इमारत पर भारी बम गिराना रूस के युद्ध अपराधों का एक और प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, विशेष रूप से अमेरिका और यूरोपीय सहयोगियों से यूक्रेन के हवाई रक्षा तंत्र (Air Defense System) को तुरंत मजबूत करने के लिए आधुनिक मिसाइल प्रणालियां प्रदान करने का आग्रह किया है। जेलेंस्की का कहना है कि अगर दुनिया ने पुतिन प्रशासन के खिलाफ सख्त कूटनीतिक और सैन्य कदम नहीं उठाए, तो रूसी वायुसेना इसी तरह यूक्रेन के नागरिक बुनियादी ढांचों को निशाना बनाती रहेगी।

#1. मलबे में जिंदगी की तलाश: बचाव दल और 50 से अधिक लापता लोगों की स्थिति

घटना के तुरंत बाद ज़ापोरिज्जिया प्रांतीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं ने भारी क्रेन, बुलडोजर और खोजी कुत्तों के साथ व्यापक मलबे को हटाने का अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि इमारत का बेसमेंट, जहां लोग शरण लिए हुए थे, मलबे और लोहे के गर्डरों के कारण पूरी तरह से धंस गया है। मलबे के नीचे से अब तक 33 शवों को निकाला जा चुका है, जबकि 50 से ज्यादा लापता लोगों के जीवित बचने की संभावनाएं समय बीतने के साथ कम होती जा रही हैं। अस्पताल में भर्ती कई घायलों की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिससे मरने वालों का कुल आंकड़ा और भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

#1. पश्चिमी देशों का कड़ा रुख और शांति वार्ता प्रयासों को लगा बड़ा झटका

स्कूल इमारत पर हुए इस घातक हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापक निंदा हो रही है। यूरोपीय संघ और अमेरिका के कूटनीतिज्ञों ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और जेनेवा कन्वेंशन का खुला उल्लंघन बताया है। यह हमला ऐसे नाजुक समय में हुआ है जब अमेरिका, यूरोपीय देशों और वैश्विक नेताओं के मध्य युद्धविराम और शांति वार्ता की नई प्रक्रिया पर चर्चा शुरू होने जा रही थी। विश्लेषकों का मानना है कि असैनिक आबादी पर रूस के इस भीषण प्रहार के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक मेज पर बातचीत की गुंजाइश पूरी तरह से समाप्त होती दिख रही है। यूक्रेन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए रूस के इन हमलों का सैन्य स्तर पर मुंहतोड़ जवाब देगा।