अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बेटे को लेकर ईरान के सरकारी टीवी पर प्रसारित हुआ सनसनीखेज वीडियो

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बेटे को लेकर ईरान के सरकारी टीवी पर प्रसारित हुआ सनसनीखेज वीडियो

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। हाल ही में ईरान के सरकारी टेलीविजन (Channel 3) पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प (Donald Trump) के 20 वर्षीय बेटे ब्योन ट्रम्प (Barron Trump) को निशाना बनाते हुए एक बेहद आपत्तिजनक और डरावना वीडियो प्रसारित किया गया है। इस वीडियो में दावा किया गया है कि ब्योन ट्रम्प की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उनकी हत्या के लिए 1 करोड़ डॉलर (10 मिलियन डॉलर) के इनाम यानी सुपारी की बात कही गई है।

वीडियो में क्या-क्या दावे किए गए हैं?

ईरान के इस प्रोपोगंडा वीडियो, जिसका शीर्षक "ब्योन ट्रम्प को कहाँ और कैसे मारा जाए?" बताया जा रहा है, उसमें कई तरह के सुरक्षा दावों को दिखाया गया है। वीडियो के अनुसार:

  • इसमें न्यूयॉर्क में स्थित ब्योन ट्रम्प के यूनिवर्सिटी कैंपस, उनके आने-जाने के रास्तों और वहां तैनात सीक्रेट सर्विस (Secret Service) के सुरक्षा घेरे को दिखाने का दावा किया गया है।

  • वीडियो में यह भी बेतुका दावा किया गया कि उनकी ऑनलाइन गतिविधियों और सोशल कनेक्शन पर नजर रखी जा रही है।

  • प्रसारण के अंत में अमेरिकी राष्ट्रपति के बेटे को नुकसान पहुंचाने या खत्म करने वाले के लिए 10 मिलियन डॉलर के इनाम की घोषणा की गई। हालांकि, इन तमाम दावों की स्वतंत्र रूप से कोई पुष्टि नहीं हुई है।

इससे पहले मेलानिया ट्रम्प और खुद राष्ट्रपति ट्रंप को भी बनाया गया है निशाना

यह पहली बार नहीं है जब ईरानी मीडिया ने ट्रम्प परिवार को इस तरह के गंभीर खतरे या धमकियां दी हों। इससे पहले जुलाई महीने में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़े मीडिया संस्थानों ने अमेरिकी फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प (Melania Trump) को लेकर भी एक वीडियो जारी किया था, जिसमें उनकी दिनचर्या और न्यूयॉर्क की लोकेशन का जिक्र करते हुए धमकियां दी गई थीं। इसके अलावा, तेहरान के एक चौराहे पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को ताबूत में दिखाने वाले पोस्टर और वीडियो भी सामने आ चुके हैं।

क्यों और कैसे भड़का है यह नया कूटनीतिक और सैन्य संघर्ष?

अमेरिका और ईरान के बीच चल रही इस कटुता की जड़ें काफी गहरी हैं। साल 2020 में अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के शीर्ष कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ही ईरानी प्रशासन लगातार अमेरिकी नेतृत्व से बदला लेने की बात कहता रहा है। इसके अलावा, हालिया संघर्ष तब और तेज हो गया जब इस साल की शुरुआत में अमेरिकी और इजराइली कार्रवाइयों के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु से जुड़ी खबरें सामने आईं, जिसके बाद से ईरानी हलकों में जवाबी कार्रवाई और 'बदले' की भाषा का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रशासन ने भी ईरान पर नकेल कसने के लिए अपनी आर्थिक प्रतिबंधों की नीतियों ('Economic D-Day') को और अधिक आक्रामक बना दिया है, जिससे पश्चिम एशिया का यह पूरा क्षेत्र एक बार फिर बड़े भू-राजनीतिक संकट के मुहाने पर खड़ा नजर आ रहा है।