मिडिल ईस्ट में फिर भड़की चिंगारी, ईरान ने अचानक बंद किया दुनिया का सबसे बड़ा तेल मार्ग 'होर्मुज'

मिडिल ईस्ट में फिर भड़की चिंगारी, ईरान ने अचानक बंद किया दुनिया का सबसे बड़ा तेल मार्ग 'होर्मुज'

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) से इस वक्त की एक बहुत बड़ी और बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। हाल ही में हुए अमेरिका-ईरान ऐतिहासिक समझौते (MoU) और आपसी सहमति के बाद जिस होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को व्यापार के लिए दोबारा खोलने का निर्णय लिया गया था, उसे ईरान ने एक बार फिर पूरी तरह से बंद कर दिया है। ईरानी मीडिया से आ रही ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेहरान ने यह सख्त कदम अमेरिका द्वारा भरोसा तोड़े जाने और दक्षिणी लेबनान में इजरायली सेना द्वारा लगातार किए जा रहे युद्धविराम (Ceasefire Violation) के उल्लंघन के विरोध में उठाया है। इस फैसले के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हड़कंप मचने की आशंका गहरा गई है।

अमेरिका पर वादाखिलाफी का आरोप, लेबनान पर इजरायली हमले से नाराज हुआ तेहरान

ईरान की शीर्ष संयुक्त सैन्य कमान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा बंद करने के फैसले की आधिकारिक पुष्टि करते हुए एक कड़ा बयान जारी किया है। ईरानी सेना का आरोप है कि अमेरिका ने द्विपक्षीय समझौते के शुरुआती नियमों और पहली शर्त का सरेआम उल्लंघन किया है, जो सीधे तौर पर एक बड़ी वादाखिलाफी है। इसके साथ ही ईरानी सेना ने दावा किया है कि इजरायल ने दक्षिणी लेबनान के इलाकों में नए सिरे से ताबड़तोड़ हमले किए हैं, जो कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तय किए गए युद्धविराम का खुला उल्लंघन है। ईरान का कहना है कि अमेरिका अपने सहयोगी देश इजरायल को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहा है, जिसके चलते होर्मुज को बंद करना उनकी मजबूरी बन गया है।

अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान— 'होर्मुज बंद होने का कोई पुख्ता सबूत नहीं'

ईरान की इस आक्रामक घोषणा और कड़े दावों के बीच अमेरिका की तरफ से भी बेहद महत्वपूर्ण प्रतिक्रिया सामने आई है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने होर्मुज संकट पर टिप्पणी करते हुए ईरान के दावों को शुरुआती तौर पर खारिज किया है। उपराष्ट्रपति वेंस ने वाशिंगटन में मीडिया से बात करते हुए कहा कि वर्तमान में इस बात का कोई भी ठोस या पुख्ता सैटेलाइट सबूत सामने नहीं आया है जो यह साबित कर सके कि ईरान ने होर्मुज जलमार्ग को पूरी तरह से ब्लॉक या बंद कर दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही को लेकर स्थिति पर लगातार पैनी नजर बनाए रखने की बात कही है।

संकट सुलझाने के लिए जेनेवा में महाशक्तियों की बैठक, जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ पहले से मौजूद

मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस सैन्य और व्यापारिक तनाव को युद्ध में बदलने से रोकने के लिए कूटनीतिक स्तर पर भी प्रयास बेहद तेज हो गए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जानकारी दी है कि ईरान के साथ बातचीत का सिलसिला अभी थमा नहीं है और वे खुद अगले कुछ दिनों में इस गतिरोध को सुलझाने के लिए स्विट्जरलैंड के जेनेवा (Geneva) का दौरा कर सकते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि हाल ही में घोषित युद्धविराम को कूटनीति के जरिए अभी भी बचाया जा सकता है। वेंस ने खुलासा किया कि अमेरिकी प्रशासन के दो शीर्ष और वरिष्ठ अधिकारी स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पहले से ही जेनेवा पहुंच चुके हैं, जहां वे ईरानी प्रतिनिधियों के साथ पर्दे के पीछे लगातार इस संकट को टालने के लिए उच्च स्तरीय बातचीत कर रहे हैं।