ट्रंप का सबसे बड़ा दावा: झुकने को तैयार हुआ ईरान, अमेरिका की सभी शर्तें मानने के संकेत
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच बातचीत का सिलसिला जारी है। इसी बीच यूएस प्रेसिडेंट ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अब अमेरिका की लगभग सभी प्रमुख शर्तों को स्वीकार करने के लिए तैयार है। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संवाद आगे बढ़ रहा है और कई मुद्दों पर सहमति बन चुकी है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि पूरी तरह शांति स्थापित करने की प्रक्रिया अभी शुरुआती चरण में है और अंतिम नतीजे तक पहुंचने में समय लगेगा।
ईरान की सैन्य ताकत हुई बेहद कमजोर, ट्रंप ने गिनाए हालिया सैन्य अभियानों के आंकड़े
ट्रंप ने बातचीत के साथ हाल की सैन्य गतिविधियों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार ईरान की सैन्य क्षमता पहले की तुलना में काफी कमजोर हुई है और उसके पास अब सीमित संख्या में मिसाइलें बची हैं। उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में अमेरिका ने कई जवाबी सैन्य कार्रवाई की। ट्रंप के मुताबिक एक ड्रोन के जरिए अमेरिकी जहाज को निशाना बनाने की कोशिश के बाद अमेरिकी सेना ने लगातार अभियान चलाए।
दोहा में कतर और पाकिस्तान ने कराई अमेरिका-ईरान की सीक्रेट बातचीत
इन बयानों के बीच कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच दो दिनों तक अप्रत्यक्ष बातचीत हुई। दोनों देशों के अधिकारी आमने-सामने नहीं मिले। कतर और पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई और दोनों पक्षों के संदेश एक-दूसरे तक पहुंचाए। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इस दौर की चर्चा में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री आवाजाही और ईरान की रुकी हुई धनराशि को जारी करने जैसे मुद्दों पर विचार किया गया। हालांकि किसी बड़े और स्थायी समझौते की घोषणा नहीं हुई।
ट्रंप ने वाशिंगटन में कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने की दिशा में अच्छी प्रगति हो रही है। दूसरी ओर रॉयटर्स के सूत्रों का कहना है कि दोहा की हालिया बैठक में परमाणु कार्यक्रम चर्चा का हिस्सा नहीं था। यह बैठक तकनीकी विषयों तक सीमित रही। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्पष्ट किया कि परमाणु मुद्दे पर विस्तार से बातचीत अगले दौर में की जाएगी।
कतर के विदेश मंत्रालय ने बताया कि अगली वार्ता ईरान में चल रहे जनाजे से जुड़े कार्यक्रमों के समाप्त होने के बाद आयोजित होगी। मंत्रालय के अनुसार जून में हुए अंतरिम समझौते के बाद बातचीत आगे बढ़ी है और हालिया दौर में कुछ विषयों पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। अब दोनों देशों की अगली बैठक में बाकी महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।