फ्लाईदुबई की फ्लाइट को लैंड कराने वाले कौन थे 2 मिस्ट्री पायलट

फ्लाईदुबई की फ्लाइट को लैंड कराने वाले कौन थे 2 मिस्ट्री पायलट

दुबई से तेल अवीव (इजरायल) जा रही फ्लाईदुबाई की फ्लाइट (Flight 1073) में कॉकपित के भीतर हुए सनसनीखेज हमले और उसके बाद प्लेन की सफल इमरजेंसी लैंडिंग को लेकर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। भारतीय मूल के जांबाज कैप्टन स्मित मच्छार पर हमलावर ओमानी को-पायलट द्वारा किए गए जानलेवा हमले के बाद जब प्लेन 14,000 फीट नीचे गिर रहा था, तब अपनी जान की बाजी लगाकर विमान को नियंत्रित करने वाले 2 'मिस्ट्री पायलटों' की असली पहचान आखिरकार दुनिया के सामने आ गई है। इस साहसिक और चमत्कारिक लैंडिंग के लिए यूएई सरकार द्वारा सम्मानित किए गए ये दोनों मिस्ट्री पायलट दक्षिण अफ्रीका के रोवन टूथ (Rowan Tooth) और फिजी के हेन्सन स्टीवन (Henson Steven) हैं।

मिड-एयर टेरर: कॉकपिट में खून-खराबा और 14 हजार फीट नीचे गिरता विमान

30 सितंबर को हुई इस खौफनाक घटना के दौरान फ्लाईदुबाई बोइंग विमान में 180 यात्री सवार थे। मध्य हवा में ओमानी को-पायलट हम्माम अल-हम्मामी ने प्लेन को इजरायल की इमारतों से टकराने और 9/11 जैसी खौफनाक साजिश को अंजाम देने के इरादे से कैप्टन स्मित मच्छार पर धारदार कुल्हाड़ी और चाकू से ताबड़तोड़ हमला बोल दिया था। सिर पर गंभीर चोटें आने और भारी मात्रा में खून बहने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने अदम्य साहस दिखाते हुए कॉकपिट का ऑटोमैटिक लॉक खोल दिया और इमरजेंसी हाइजैकिंग सिग्नल (Squawk) ऑन कर दिया। स्मित मच्छार के बेहोश होकर गिरने और विमान के अचानक 14,000 फीट की तेजी से नीचे जाने के बाद फ्लाइट में सवार यात्रियों और ऑफ-ड्यूटी क्रू में हड़कंप मच गया।

पहचान में आए मिस्ट्री पायलट: दक्षिण अफ्रीका के रोवन टूथ और फिजी के हेन्सन स्टीवन

जब यात्री और अन्य क्रू मेंबर्स कॉकपिट का दरवाजा खोलकर अंदर घुसे और हमलावर को-पायलट को काबू में किया, तब प्लेन बिना किसी मुख्य पायलट के खतरनाक स्थिति में था। ठीक उसी वक्त पैसेंजर के रूप में सफर कर रहे 2 ऑफ-ड्यूटी फ्लाईदुबाई पायलट—रोवन टूथ और हेन्सन स्टीवन—बिना एक पल गंवाए कॉकपिट के भीतर दाखिल हुए।

रोवन टूथ (Rowan Tooth) दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर बैरी टूथ के बेटे हैं और पहले साउथ अफ्रीकन एयरलाइन एयरलिंक के साथ सेवाएं दे चुके हैं। वहीं हेन्सन स्टीवन (Henson Steven) प्रशांत महासागरीय देश फिजी के रहने वाले हैं और इससे पहले फिजी एयरवेज में बतौर सीनियर पायलट काम कर चुके हैं। दोनों उस दिन अपनी अगली रिटर्न फ्लाइट की ड्यूटी के लिए विमान में डेडहेडिंग (अतिरिक्त क्रू के रूप में) यात्रा कर रहे थे।

सऊदी के तबुक में सुरक्षित लैंडिंग और यूएई का सर्वोच्च सम्मान

अत्यंत तनावपूर्ण माहौल के बीच रोवन टूथ और हेन्सन स्टीवन ने तुरंत विमान के ऑटोपायलट और थ्रॉटल कंट्रोल्स को अपने हाथ में लिया। दोनों ने बेहद सूझबूझ और ठंडे दिमाग से काम लेते हुए विमान की तेजी से घटती ऊंचाई को रोका और प्लेन को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज हवाई अड्डे (Prince Sultan bin Abdulaziz Airport) की ओर मोड़कर महफूज इमरजेंसी लैंडिंग करा दी। इस जांबाजी के चलते 180 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की जान बाल-बाल बच गई।

हाल ही में यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन स्मित मच्छार के साथ-साथ रोवन टूथ और हेन्सन स्टीवन को भी संयुक्त अरब अमीरात के प्रतिष्ठित 'फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II' (First Class Order of Zayed II) राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया।

एविएशन इतिहास का सबसे जांबाज रेस्क्यू ऑपरेशन

यह घटना वैश्विक विमानन इतिहास में सबसे दुर्लभ और साहसिक रेस्क्यू ऑपरेशन्स में से एक के रूप में दर्ज हो गई है। यदि कैप्टन स्मित मच्छार लहूलुहान अवस्था में कॉकपिट डोर को अनलॉक नहीं करते और रोवन टूथ व हेन्सन स्टीवन ऐन मौके पर फ्लाइट कंट्रोल्स को नहीं संभालते, तो एक बड़ा भीषण हादसा होना तय था। तीनों पायलटों के सामूहिक साहस, तुरंत निर्णय लेने की क्षमता और पेशेवर दक्षता ने सैकड़ों परिवारों को उजड़ने से बचा लिया।