‘हनुमान अंश’ की अनोखी कामयाबी, 2 करोड़ की फिल्म ने किया 200 करोड़ का दावा; 21 साल की प्रोड्यूसर की कहानी भी खास
फिल्म इंडस्ट्री में बड़ी फिल्मों की सफलता के बीच कभी-कभी कोई छोटी फिल्म अपने कंटेंट के दम पर लोगों का ध्यान खींच लेती है। ‘हनुमान अंश’ भी ऐसी ही फिल्म के तौर पर सामने आई है। अगस्त में रिलीज हुई इस फिल्म को शुरुआत में बड़े स्तर पर प्रमोट नहीं किया गया था। इसके बावजूद दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया ने धीरे-धीरे इसे चर्चा में ला दिया।
नीम करोली बाबा के जीवन और उनकी आध्यात्मिक यात्रा पर बनी इस फिल्म ने अब 200 करोड़ रुपये की कमाई का आंकड़ा पार करने का दावा किया है। मूवी की कहानी के साथ इसकी युवा प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर भी लोगों की दिलचस्पी का केंद्र बनी हुई हैं। महज 21 साल की उम्र में उन्होंने फिल्म के पोस्ट-प्रोडक्शन के लिए अपनी यूके में जमा की गई बचत का एक बड़ा हिस्सा लगाया था।
जब फिल्म की शूटिंग पूरी होने के बाद जुड़ीं अनुप्रिया
अनुप्रिया नागर इस फिल्म से शुरुआत से नहीं जुड़ी थीं। जब उन्होंने प्रोजेक्ट में एंट्री की तब शूटिंग और मुख्य निर्माण का काम खत्म हो चुका था। उस समय फिल्म को पोस्ट-प्रोडक्शन पूरा करने के लिए अतिरिक्त फंड की जरूरत थी।
ANI को दिए इंटरव्यू में अनुप्रिया ने बताया कि फिल्म को तीन महिलाओं ने मिलकर प्रोड्यूस किया है। इनमें उनकी उम्र सबसे कम है। कहानी और इसके आध्यात्मिक पक्ष ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने अपनी सेविंग्स को इस प्रोजेक्ट में लगाने का फैसला कर लिया।
हालांकि पूरी फिल्म की लागत उन्होंने अकेले नहीं उठाई। उनका कहना है कि कुल बजट में उनका योगदान लगभग एक-तिहाई था। उनके लिए यह फैसला केवल आर्थिक निवेश नहीं था। वह कहानी से खुद को जुड़ा हुआ महसूस करती थीं और इसी वजह से प्रोजेक्ट का हिस्सा बनीं।
बाबा की कहानी नई पीढ़ी तक पहुंचाना चाहती हैं अनुप्रिया
अनुप्रिया का मानना है कि नीम करोली बाबा का असर केवल भारत तक सीमित नहीं रहा। विदेशों में भी कई लोग उनके विचारों और व्यक्तित्व से प्रभावित हुए। बातचीत के दौरान उन्होंने लैरी ब्रिलियंट और स्टीव जॉब्स जैसे नामों का उल्लेख किया।
उनके अनुसार बाबा को लेकर विदेशों में काफी रुचि रही है। लेकिन भारत में आज भी कई लोग उनके जीवन के बारे में ज्यादा नहीं जानते। अनुप्रिया चाहती हैं कि फिल्म के जरिए उनकी कहानी व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचे।
उनकी इच्छा है कि लोग बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक संदेश को समझें। वह यह भी चाहती हैं कि दर्शकों में उनके आश्रमों को लेकर रुचि पैदा हो। फिल्म को मिली सफलता को अनुप्रिया बाबा का आशीर्वाद और चमत्कार मानती हैं।
कहानी तैयार करने में लगा पूरा एक साल
फिल्म की कहानी को तैयार करने के लिए मेकर्स ने जल्दबाजी नहीं की। टीम ने लगभग एक साल तक नीम करोली बाबा के जीवन से जुड़े पहलुओं पर जानकारी जुटाई।
इस दौरान कई ऐसे स्थानों की यात्रा की गई जिनका संबंध बाबा के जीवन से रहा है। टीम ने उन लोगों से भी बातचीत की जिन्होंने बाबा को करीब से जाना या उनके जीवन से जुड़े अनुभव देखे थे। चित्रकूट और वृंदावन जैसे स्थानों पर भी रिसर्च की गई।
इस पूरी प्रक्रिया का मकसद बाबा के जीवन और उनके आध्यात्मिक बदलाव को बेहतर तरीके से समझना था। इसी जानकारी के आधार पर फिल्म की कहानी को तैयार किया गया।
12 साल की उम्र से कला में रुचि
अनुप्रिया नागर का जन्म मुंबई में हुआ था। आगे की पढ़ाई के लिए वह ब्रिटेन गईं और यूनिवर्सिटी ऑफ बाथ से इकोनॉमिक्स की पढ़ाई की।
उनकी प्रोफाइल में उन्हें इकोनॉमिस्ट, आर्टिस्ट और फिल्म प्रोड्यूसर के रूप में बताया गया है। कला से उनका जुड़ाव भी बचपन से रहा है। उन्होंने सिर्फ 12 साल की उम्र में अपनी बनाई कलाकृतियों की प्रदर्शनी शुरू कर दी थी।
यूनिवर्सिटी में भी उन्होंने अलग-अलग सोसाइटीज में सक्रिय भूमिका निभाई। आर्ट, डांस और बिजनेस से जुड़ी गतिविधियों में उन्होंने नेतृत्व की जिम्मेदारी संभाली। वह वुमन इन बिजनेस सोसाइटी से भी जुड़ी रहीं। अकादमिक स्तर पर उनकी रुचि इनोवेटिव इकोसिस्टम बैंकिंग जैसे विषयों में भी रही है।
2 करोड़ के बजट में बनी फिल्म
‘हनुमान अंश’ का लेखन और निर्देशन विशाल चतुर्वेदी ने किया है। चंदन आनंद और शोभिनव सत्य फिल्म में प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
फिल्म को लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत में बनाया गया। 7 अगस्त को यह सिनेमाघरों में पहुंची। रिलीज के समय इसका प्रचार बड़े स्तर पर नहीं हुआ था। बाद में दर्शकों की प्रतिक्रिया के चलते इसकी चर्चा बढ़ती गई।
फिल्म की कहानी लक्ष्मण दास के जीवन से शुरू होती है। आगे चलकर यही व्यक्तित्व नीम करोली बाबा के नाम से श्रद्धालुओं के बीच प्रसिद्ध हुआ। कहानी उनके किशोर जीवन से लेकर आध्यात्मिक बदलाव और लोगों के बीच बढ़ते प्रभाव तक का सफर दिखाती है।
इस प्रोजेक्ट का निर्माण स्वंभु मीडिया नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड, रागिनी एस, नम्रता जीएस और अनुप्रिया ए नागर ने मिलकर किया है।
कम बजट में बनी इस फिल्म की बताई गई 200 करोड़ रुपये की बॉक्स ऑफिस उपलब्धि ने इसे खास बना दिया है। साथ ही अनुप्रिया नागर की कम उम्र में लिया गया निवेश का फैसला भी फिल्म की कहानी का अहम हिस्सा बन गया है।