हनुमान अंश' के 74 दिन बाद सामने आया असली बजट, पाई-पाई का दिया हिसाब
भारतीय सिनेमा के इतिहास में पिछले कुछ महीनों से बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए आयाम गढ़ने वाली फिल्म 'हनुमान अंश' ने अपनी कमाई से हर किसी को हैरान कर दिया है। इस फिल्म की सफलता जितनी बड़ी है, उतनी ही दिलचस्प इसकी वित्तीय यात्रा और पर्दे के पीछे की संघर्ष भरी कहानी रही है। फिल्म के सिनेमाघरों में रिलीज होने और अपनी सफलता के 74 दिन पूरे करने के बाद अब आखिरकार मेकर्स ने इस ब्लॉकबस्टर फिल्म का सटीक और असली बजट आधिकारिक तौर पर सार्वजनिक कर दिया है। फिल्म की निर्माता ने इसके वित्तीय आंकड़ों का एक-एक हिसाब दुनिया के सामने रखते हुए खुलासा किया है कि कम संसाधनों और सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने किस प्रकार बॉक्स ऑफिस पर चमत्कारी कमाई करके सबको चौंका दिया है। इस खुलासे के बाद से फिल्म इंडस्ट्री से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह इसी की चर्चा हो रही है कि कैसे एक छोटे बजट की फिल्म ने महाविशाल बजट वाली फिल्मों को पीछे छोड़ दिया।
कुल 2.95 करोड़ रुपये में बनी फिल्म, जानिए कहां खर्च हुआ पाई-पाई का पैसा
फिल्म की निर्माता नम्रता सिंह (या मेकर्स) द्वारा साझा किए गए आधिकारिक वित्तीय विवरण के अनुसार, 'हनुमान अंश' का कोर प्रोडक्शन कॉस्ट (मूल निर्माण लागत) मात्र 1.70 करोड़ रुपये थी। इसके अलावा फिल्म की मार्केटिंग, पब्लिसिटी और डिस्ट्रीब्यूशन यानी P&A के मद में अतिरिक्त लागत शामिल की गई, जिससे फिल्म का कुल बजट और मार्केटिंग खर्च मिलाकर लगभग 2.95 करोड़ रुपये बैठता है। निर्माता ने पाई-पाई का हिसाब देते हुए बताया कि इस कुल लागत में से लगभग 65 से 70 लाख रुपये केवल फिल्म के प्रचार और मार्केटिंग पर खर्च किए गए थे, जबकि शुरुआती चरण में थियेट्रिकल रिलीज को मजबूत बनाए रखने के लिए 40 लाख रुपये से अधिक का निवेश किया गया। इतने कम बजट में किसी फिल्म का निर्माण करना और फिर उसे राष्ट्रीय स्तर पर दर्शकों तक पहुंचाना किसी बड़े चमत्कार से कम नहीं माना जा रहा है।
'हल्दीराम' का बड़ा दांव: ब्रांड ने दिया 1.25 करोड़ रुपये का मजबूत वित्तीय समर्थन
इस पूरी सफलता की कहानी में देश के सबसे बड़े और प्रतिष्ठित फूड ब्रांड 'हल्दीराम' की भूमिका सबसे अहम और चौंकाने वाली रही है। फिल्म की निर्माता ने खुलासा किया कि जब फिल्म के पास बड़े स्टूडियो या पारंपरिक वितरकों का समर्थन नहीं था, तब मशहूर ब्रांड हल्दीराम ने इस प्रोजेक्ट पर भरोसा जताया और इसके P&A (पब्लिसिटी एंड एडवरटाइजिंग) के लिए 1.25 करोड़ रुपये का बड़ा निवेश किया। हल्दीराम द्वारा लगाया गया यह पैसा फिल्म को सही समय पर सिनेमाघरों में टिके रहने और दर्शकों तक अपनी पहुंच बनाने में बेहद मददगार साबित हुआ। शुरुआती हफ्तों में फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत की थी और पहले हफ्ते में केवल 1.08 करोड़ रुपये का ही नेट कलेक्शन किया था, ऐसे में ब्रांड का यह वित्तीय सहयोग फिल्म की डूबती नैया को पार लगाने में संजीवनी साबित हुआ।
थियेट्रिकल कमिटमेंट और माउथ पब्लिसिटी ने बदला खेल: कैसे बनी स्लीपर ब्लॉकबस्टर?
फिल्म के जानकारों का मानना है कि 'हनुमान अंश' के मेकर्स द्वारा सिनेमाघरों के साथ किया गया तीन हफ्ते का कड़ा कमिटमेंट ही इसकी सफलता का असली टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। शुरुआती दिनों में कम कमाई होने के बावजूद मेकर्स ने सिनेमाघरों से फिल्म को उतरने नहीं दिया, जिससे दर्शकों की माउथ पब्लिसिटी (मुंह-जबानी प्रचार) फैलने का पूरा मौका मिला। धीरे-धीरे जब दर्शक सिनेमाघरों में पहुंचे, तो फिल्म की कहानी और उसकी भव्यता ने लोगों का दिल जीत लिया और यह फिल्म देखते-देखते सौ करोड़ नहीं बल्कि सैकड़ों करोड़ रुपये की रिकॉर्ड तोड़ कमाई करने वाली 'स्लीपर ब्लॉकबस्टर' बन गई। 2.95 करोड़ की लागत से शुरू हुई यह यात्रा आज भारतीय सिनेमा के लिए एक नया केस स्टडी बन चुकी है, जो यह साबित करती है कि अच्छी कहानी और सही समय पर मिला वित्तीय सहयोग बड़े बजट के मोहताज नहीं होते।