रायबरेली के टोल प्लाजा पर डिवाइडर से टकराकर पलटी तेज रफ्तार पिकअप

रायबरेली के टोल प्लाजा पर डिवाइडर से टकराकर पलटी तेज रफ्तार पिकअप

रायबरेली (विशेष संवाददाता): उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक बेहद दर्दनाक और रूह कंपा देने वाली सड़क दुर्घटना की खबर सामने आई है, जिसने एक बार फिर से तेज रफ्तार और सड़क सुरक्षा के नियमों की धज्जियां उड़ने की तस्वीर को उजागर कर दिया है। जिले के एक व्यस्त टोल प्लाजा के पास बीती रात उस वक्त हड़कंप मच गया जब ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर जा रही एक तेज रफ्तार पिकअप गाड़ी अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क के बीच बने पक्के डिवाइडर से जोरदार तरीके से जा टकराई। टक्कर इतनी ज्यादा भयानक थी कि पिकअप गाड़ी हवा में कई फीट ऊपर उछलते हुए सड़क पर पलट गई और उसके भीतर लदे भारी-भरकम ऑक्सीजन सिलेंडर गाड़ी से छिटककर आसमान में उड़ते हुए दूर सड़क और टोल बूथ के आसपास जा गिरे। इस अप्रत्याशित और भीषण हादसे को देखकर टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों और वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालकों के होश उड़ गए। पिकअप के पलटने से उसकी केबिन पूरी तरह से चकनाचूर हो गई, जिसके भीतर बैठे ड्राइवर और क्लीनर बुरी तरह से फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और दोनों की सांसें थम चुकी थीं।

हवा में गोता लगाते दिखे भारी सिलेंडर: पलक झपकते ही युद्ध के मैदान जैसा नजर आने लगा टोल प्लाजा का मंजर

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक और दिल दहला देने वाला था कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पिकअप गाड़ी बेहद तेज गति में थी और ऐसा प्रतीत हो रहा था कि या तो ड्राइवर को अचानक झपकी आ गई थी या फिर गाड़ी का स्टीयरिंग अचानक से लॉक हो गया था, जिसके कारण वाहन पर से नियंत्रण पूरी तरह छूट चुका था। जैसे ही पिकअप ने टोल प्लाजा के पास बने डिवाइडर को जोरदार टक्कर मारी, उसके पीछे लदे दर्जनों लोहे के ऑक्सीजन सिलेंडर धमाके जैसी आवाज के साथ हवा में उछल पड़े। कुछ सेकंड के लिए ऐसा लगा मानो किसी युद्ध के मैदान में गोले दागे जा रहे हों, क्योंकि भारी-भरकम सिलेंडर आसमान में गोता लगाते हुए आसपास की जमीन और दूसरी गाड़ियों के पास धड़ाम से गिरने लगे। गनीमत यह रही कि उस वक्त टोल प्लाजा के उस लेन से कोई अन्य कार या बाइक नहीं गुजर रही थी, अन्यथा यह हादसा और भी ज्यादा भीषण हो सकता था और कई अन्य मासूम लोगों की जान भी जा सकती थी। टक्कर की आवाज इतनी तेज थी कि उसकी गूंज दूर तक सुनाई दी, जिसे सुनकर आसपास के ग्रामीण और ढाबा संचालक भी दौड़ते हुए मौके पर पहुंचे और पुलिस को फोन कर इस खौफनाक मंजर की जानकारी दी।

केबिन में बुरी तरह फंसे रहे ड्राइवर और क्लीनर, गैस कटर और क्रेन की मदद से बाहर निकाले गए शव

हादसे के बाद पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह से पिचककर अंदर की तरफ धंस गया था, जिसके चलते गाड़ी के अंदर मौजूद चालक और उसका सहयोगी यानी क्लीनर बुरी तरह से मलबे और लोहे के बीच फंस गए थे। स्थानीय लोगों और पुलिस ने मिलकर घायलों को बाहर निकालने की बहुत कोशिश की, लेकिन केबिन की बनावट इतनी बुरी तरह से विकृत हो चुकी थी कि बिना मशीनों के उन्हें निकालना नामुमकिन था। इसके बाद पुलिस ने तुरंत क्रेन और गैस कटर मंगवाए, जिसकी मदद से पिकअप के अगले हिस्से को काटकर दोनों को बाहर निकाला गया। तब तक बहुत अधिक खून बह चुका था और दोनों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया पूरी करते हुए पुलिस ने उनके परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी है, जिसके बाद से मृतकों के घरों में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को क्रेन की सहायता से हटवाकर यातायात को सुचारू रूप से चालू कराया।

सड़क सुरक्षा और ओवर-स्पीड पर फिर उठे गंभीर सवाल, प्रशासन की नींद उड़ा रही ऐसी घटनाएं

इस दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बार फिर से उत्तर प्रदेश के हाईवे और टोल प्लाजा के पास सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ ड्राइवरों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों और यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि रात के वक्त लंबी दूरी तय करने वाले कमर्शियल वाहनों के चालकों में लगातार गाड़ी चलाने के कारण थकान और नींद हावी होने लगती है, जो अक्सर इस तरह की त्रासदियों का मुख्य कारण बनती है। इसके अलावा, भारी सामान ढोने वाले वाहनों की नियमित रूप से फिटनेस जांच न होना और तय सीमा से अधिक रफ्तार से वाहन चलाना भी आए दिन लोगों की जिंदगी निगल रहा है। रायबरेली पुलिस और परिवहन विभाग इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है कि आखिर पिकअप किस रूट से आ रही थी और उसमें लदे ऑक्सीजन सिलेंडर कहां सप्लाई किए जाने थे। इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सड़क पर जरा सी चूक या बेपरवाह रफ्तार पल भर में किसी हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे सकती है, इसलिए वाहन चलाते वक्त हमेशा ट्रैफिक नियमों का पूरी सख्ती के साथ पालन करना चाहिए।