विश्व प्रसिद्ध धर्मशाला स्टेडियम से रातों-रात मोहाली शिफ्ट करना पड़ा बड़ा मुकाबला
हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों, ऊंचे पहाड़ों और खूबसूरत वादियों के बीच स्थित विश्वविख्यात एचपीसीए क्रिकेट स्टेडियम (Dharamshala Cricket Stadium) अपनी सुंदरता के लिए पूरी तरह दुनिया भर में जाना जाता है, लेकिन इन दिनों प्रकृति के बदले हुए तेवर और मूसलाधार बारिश ने क्रिकेट प्रेमियों और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की नींद उड़ाकर रख दी है। पिछले कुछ दिनों से देवभूमि हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश, बादल फटने की घटनाओं और भूस्खलन के कारण हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए बीसीसीआई ने सुरक्षा और मैच की तैयारियों के मद्देनजर एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। धर्मशाला में आयोजित होने वाले आगामी महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबले को वहां की खराब मौसम परिस्थितियों के कारण रातों-रात पंजाब के मोहाली (Mohali Stadium) में शिफ्ट कर दिया गया है। बोर्ड के इस अचानक लिए गए फैसले से जहां एक तरफ स्थानीय खेल प्रेमियों में थोड़ी निराशा जरूर है, वहीं दूसरी तरफ खिलाड़ियों की सुरक्षा और मैच के सफल आयोजन के लिए इसे एक बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है। इस लेख के माध्यम से हम विस्तार से जानेंगे कि आखिर क्यों बीसीसीआई को अंतिम समय में अपना यह फैसला बदलना पड़ा और इस बदलाव का आगामी श्रृंखला पर क्या असर पड़ेगा।
धर्मशाला स्टेडियम की खूबसूरती पर भारी पड़ी मूसलाधार बारिश और प्राकृतिक आपदा
हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला स्थित हिमाचल प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (HPCA) स्टेडियम को दुनिया के सबसे सुंदर क्रिकेट स्टेडियमों में शुमार किया जाता है, जिसके बैकग्राउंड में बर्फीली धौलाधार की पहाड़ियां नजर आती हैं। लेकिन इस बार मॉनसून सीजन और उसके बाद हुई बेमौसम मूसलाधार बारिश ने इस पहाड़ी इलाके में तबाही मचा रखी है। लगातार भारी बारिश के चलते स्टेडियम की ड्रेनेज व्यवस्था, पिच की सुरक्षा और आसपास के पहाड़ी मार्गों की स्थिति बेहद जोखिम भरी हो चुकी है। मैच के दौरान मैदान पर पानी भर जाने और आउटफील्ड के गीले रहने के कारण खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा बहुत अधिक बढ़ जाता है। बीसीसीआई की पिच क्यूरेटर और ग्राउंड्समैन की टीम ने स्थिति को सुधारने की पूरी कोशिश की, लेकिन लगातार जारी बारिश के आगे उनकी सारी मेहनत धरी की धरी रह गई, जिसके बाद मजबूरन मैच को किसी दूसरे सुरक्षित वेन्यू पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया।
बीसीसीआई का बड़ा फैसला: धर्मशाला से मोहाली शिफ्ट हुआ मुकाबला और लॉजिस्टिक्स की चुनौती
जब मौसम विभाग की तरफ से यह चेतावनी जारी की गई कि आने वाले दिनों में हिमाचल के इस क्षेत्र में बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है, तब बीसीसीआई के शीर्ष अधिकारियों और टूर्नामेंट कमिटी ने आपात बैठक बुलाई। बैठक में यह सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि मैच को निर्धारित समय और तारीख पर सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए इसे मोहाली के पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन (PCA) स्टेडियम में शिफ्ट कर दिया जाए। मोहाली में आधुनिक सुविधाएं, बेहतर वाटरप्रूफ ड्रेनेज सिस्टम और फ्लाइट्स व होटलों की आसान उपलब्धता के कारण अंतिम समय में आयोजन स्थल बदलना थोड़ा आसान साबित हुआ। हालांकि, इतनी कम अवधि के भीतर हजारों टिकट्स बुक करा चुके दर्शकों, टीमों के ठहरने की व्यवस्था, सुरक्षा इंतज़ामों और ब्रॉडकास्टिंग के साजो-सामान को रातों-रात धर्मशाला से मोहाली शिफ्ट करना किसी लोहे के चने चबाने से कम नहीं था, जिसे बोर्ड और स्थानीय प्रबंधन ने सफलताપૂર્વक अंजाम दिया।
खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि, बोर्ड के इस कदम की हो रही है चारों तरफ सराहना
क्रिकेट के खेल में खिलाड़ियों की फिटनेस और सुरक्षा से बड़ा कुछ भी नहीं हो सकता। बीसीसीआई द्वारा लिए गए इस फैसले की देश-विदेश के क्रिकेट दिग्गजों और खेल प्रेमियों द्वारा जमकर सराहना की जा रही है। जानकारों का कहना है कि यदि खराब मौसम और गीली पिच पर मैच कराने का जोखिम उठाया जाता, तो देश के स्टार खिलाड़ियों के लिगामेंट इंजरी या गंभीर रूप से चोटिल होने का बड़ा खतरा बन सकता था। मोहाली के आईएस बिंद्रा स्टेडियम की पिच हमेशा से बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए मददगार रही है और वहां की विकेटों का मिजाज भी संतुलित माना जाता है। ऐसे में मैच के मोहाली शिफ्ट होने से अब बिना किसी रुकावट के एक रोमांचक और हाई-वोल्टेज मुकाबला देखने को मिलेगा, जिसका इंतजार क्रिकेट फैंस बेसब्री से कर रहे थे।
हिमाचल के पर्यटन और स्थानीय व्यापार पर पड़ा बारिश का विपरीत असर
इस बड़े क्रिकेट मैच के मोहाली शिफ्ट होने से केवल खेल प्रेमियों को ही मायूस नहीं होना पड़ा है, बल्कि धर्मशाला और उसके आसपास के होटल व्यवसायियों, टूर एंड ट्रेवल्स संचालकों, रेस्टोरेंट मालिकों और स्थानीय दुकानदारों को भी भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ा है। जब भी धर्मशाला में कोई अंतरराष्ट्रीय या आईपीएल मैच होता है, तो देश-विदेश से हजारों की संख्या में पर्यटक और क्रिकेट फैंस वहां पहुंचते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को जबरदस्त गति मिलती है। लेकिन इस बार मूसलाधार बारिश और मैच के अचानक रद्द होने से पर्यटन उद्योग को तगड़ा झटका लगा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में मौसम सामान्य होने के बाद सरकार और क्रिकेट बोर्ड इस क्षेत्र के पर्यटन और खेलों को बढ़ावा देने के लिए कुछ विशेष आयोजनों की पहल करेंगे, ताकि यहां के कारोबारियों को कुछ राहत मिल सके।