भारतीयों से नफरत है...', पाकिस्तानी क्रिकेटर ने उगला जहर

भारतीयों से नफरत है...', पाकिस्तानी क्रिकेटर ने उगला जहर

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के मैदान पर होने वाली भिड़ंत हमेशा से ही रोमांच, जोश और हाई-वोल्टेज ड्रामे से भरपूर रही है, जहां दोनों देशों के करोड़ों फैंस अपनी-अपनी टीमों के समर्थन में पलकें बिछाए बैठे रहते हैं. खेल के मैदान पर खिलाड़ियों के बीच होने वाली प्रतिद्वंद्विता को यदि खेल की भावना तक सीमित रखा जाए, तो यह दुनिया का सबसे खूबसूरत मुकाबला बन जाता है, लेकिन जब कुछ खिलाड़ी अपनी व्यक्तिगत खुन्नस, सस्ती लोकप्रियता या राजनीतिक नफरत को मैदान या सोशल मीडिया पर उतारने लगते हैं, तो खेल का माहौल पूरी तरह से जहरीला हो जाता है. हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट जगत से एक ऐसा ही बेहद शर्मनाक और विवादित मामला सामने आया है, जहां एक पाकिस्तानी क्रिकेटर ने सरेआम भारत और भारतीयों के खिलाफ अपनी घटिया मानसिकता का जहर उगला है. इस खिलाड़ी ने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर भारत के प्रति अपनी नफरत को खुलकर जाहिर किया है, जिसके बाद से पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस में भारी गुस्सा देखा जा रहा है. इस खिलाड़ी की इस बचकानी और नफरत भरी हरकत को देखकर सोशल मीडिया पर लोग सीधे तौर पर उसकी तुलना पूर्व पाकिस्तानी कप्तान शाहिद अफरीदी की उन हरकतों से कर रहे हैं जो हमेशा विवादों और भारत विरोधी बयानों के लिए जाने जाते थे.

पाकिस्तानी क्रिकेटर के इस जहरीले बयान ने सोशल मीडिया पर मचाया भूचाल

क्रिकेटर द्वारा दिए गए इस विवादित और आपत्तिजनक बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जैसे भूचाल आ गया और कुछ ही घंटों में यह मामला ट्रेंडिंग टॉपिक बन गया. वीडियो और पोस्ट में साफ तौर पर देखा और सुना जा सकता है कि कैसे यह पाकिस्तानी खिलाड़ी बिना किसी उकसावे के सीधे तौर पर भारतीयों के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहा है और अपनी नफरत को जायज ठहराने की कोशिश कर रहा है. खेल जगत के जानकारों और वरिष्ठ खेल पत्रकारों ने भी इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह के खिलाड़ी न केवल अपने देश के खेल बोर्ड के चेहरे पर कालिख पोत रहे हैं, बल्कि खेल की उस पवित्र भावना को भी तार-तार कर रहे हैं जो दो देशों के लोगों को आपस में जोड़ने का काम करती है. भारत के खिलाफ इस तरह की जहर उगलने वाली मानसिकता ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पाकिस्तान क्रिकेट के कुछ खिलाड़ियों के दिमाग से राजनीतिक और नफरत का भूत कभी बाहर नहीं निकल पाता है, चाहे वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर कितना भी अच्छा खेलने का दावा क्यों न करें.

शाहिद अफरीदी जैसी हरकतों की याद दिला रहे हैं इस खिलाड़ी के घटिया कारनामे

क्रिकेट प्रेमियों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि इस पाकिस्तानी खिलाड़ी की हरकतें और बयानबाजी बिल्कुल पूर्व पाकिस्तानी ऑलराउंडर शाहिद अफरीदी की तर्ज पर हैं, जो अपने पूरे करियर के दौरान और संन्यास के बाद भी अक्सर भारत विरोधी बयानों और विवादित टिप्पणियों के जरिए सुर्खियां बटोरने की कोशिश करते रहे हैं. अफरीदी की ही तरह यह नया खिलाड़ी भी अपनी खराब फॉर्म और टीम से बाहर होने के डर से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे सस्ते हथकंडे अपना रहा है, ताकि वह कट्टरपंथी फैंस के बीच हीरो बन सके. हालांकि, समझदार पाकिस्तानी फैंस और दुनिया भर के न्यूट्रल क्रिकेट प्रेमियों ने भी इस खिलाड़ी की जमकर क्लास लगाई है और सोशल मीडिया पर उसे खरी-खोटी सुनाई है. फैंस का कहना है कि मैदान पर चौके-छक्के लगाने या अच्छी गेंदबाजी करने के लिए टैलेंट और कड़ी मेहनत की जरूरत होती है, जो ऐसे घटिया मानसिकता वाले खिलाड़ियों के पास नहीं होती है, इसीलिए वे लाइमलाइट में बने रहने के लिए केवल इस तरह के विवादित और घटिया बयानों का सहारा लेते हैं.

खेल के मैदान पर नफरत फैलाने वालों के खिलाफ आईसीसी और बोर्ड को लेनी चाहिए सख्त एक्शन

खेल हमेशा से जोड़ने का माध्यम रहा है, न कि दो देशों या समाजों के बीच दीवारें खींचने का, लेकिन जब इस तरह के खिलाड़ी जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश करते हैं, तो खेल संस्थाओं की जिम्मेदारी और ज्यादा बढ़ जाती है. क्रिकेट प्रशंसकों और खेल विशेषज्ञों की ओर से अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी ICC और संबंधित क्रिकेट बोर्ड से यह मांग जोर पकड़ने लगी है कि ऐसे नफरत फैलाने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ सख्त से सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए. यदि समय रहते इन खिलाड़ियों की जुबान पर लगाम नहीं लगाई गई, तो आने वाली युवा पीढ़ी पर इसका बहुत ही नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. खेल के मैदान पर खिलाड़ियों को रोल मॉडल माना जाता है, और जब एक रोल मॉडल ही सरेआम इस तरह की जहरीली और नफरत भरी भाषा का इस्तेमाल करेगा, तो इससे पूरी खेल बिरादरी की छवि धूमिल होगी. भारतीय फैंस ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए साफ कह दिया है कि ऐसे ओछे बयानों से भारत के सम्मान पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है, बल्कि यह सिर्फ उस खिलाड़ी की गिरी हुई सोच और उसकी घटिया परवरिश को उजागर करता है.