टी20 में 100, वनडे में 200 और टेस्ट में 300 रन का बनाया ऐसा महा-रिकॉर्ड

टी20 में 100, वनडे में 200 और टेस्ट में 300 रन का बनाया ऐसा महा-रिकॉर्ड

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड्स का बनना और टूटना तो एक आम बात है, लेकिन कभी-कभी कोई खिलाड़ी अपनी ऐसी असाधारण और तूफानी पारी खेल जाता है जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर हो जाती है। आधुनिक क्रिकेट के सबसे खतरनाक और स्टाइलिश बल्लेबाजों में शुमार इंग्लैंड के युवा स्टार हैरी ब्रूक (Harry Brook) ने कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है, जिसने पूरी दुनिया के क्रिकेट विशेषज्ञों और दिग्गजों को हैरान कर दिया है। हैरी ब्रूक ने क्रिकेट के तीनों प्रारूपों यानी टी20 इंटरनेशनल में शतक (100), वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक (200) और टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक (300) जड़ने का अनोखा और ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है। उनके इस करिश्माई प्रदर्शन के बाद अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इस अनोखे क्लब में उनका नाम शामिल हो गया है, जिसमें उनसे पहले दुनिया का केवल एक ही विस्फोटक बल्लेबाज शुमार था।

क्या है इस रिकॉर्ड की खासियत और कौन सा बल्लेबाज था इस लिस्ट में अकेला?

क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट यानी टी20, वनडे और टेस्ट में रनों का इस स्तर का पहाड़ खड़ा करना किसी भी बल्लेबाज के लिए माउंट एवरेस्ट फतह करने जैसा होता है। टेस्ट क्रिकेट में 300 रन यानी तिहरा शतक जड़ना, वनडे में 200 रन यानी दोहरा शतक बनाना और सबसे छोटे फॉर्मेट टी20 में शतक ठोकना अपने आप में गजब की निरंतरता, आक्रामकता और तकनीकी महारत की मांग करता है। हैरी ब्रूक से पहले क्रिकेट जगत में इस दुर्लभ महारिकॉर्ड पर केवल वेस्टइंडीज के महान और विस्फोटक ओपनर 'यूनिवर्स बॉस' क्रिस गेल (Chris Gayle) का ही एकाधिकार था। क्रिस गेल ने अपने लंबे और शानदार करियर के दौरान टी20, वनडे और टेस्ट तीनों फॉर्मेट में यह जादुई आंकड़े छुए थे। अब हैरी ब्रूक दुनिया के दूसरे ऐसे बल्लेबाज बन गए हैं जिन्होंने अपने करियर में इस अनोखे और प्रतिष्ठित रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है, जिससे उनकी महानता का दायरा और अधिक बढ़ गया है।

टेस्ट में तिहरे शतक से लेकर सीमित ओवरों की ताबड़तोड़ पारियों तक का सफर

हैरी ब्रूक की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि वे किसी भी पिच, किसी भी परिस्थिति और किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ मैदान पर कहर बरपाने की कुब्बत रखते हैं। टेस्ट क्रिकेट में जब उन्होंने अपनी आक्रामक शैली से तिहरा शतक जड़ा था, तो दुनिया भर के गेंदबाजों में उनका खौफ साफ तौर पर देखा गया था। इसके बाद सीमित ओवरों के क्रिकेट में अपनी तकनीकी खामियों को दूर करते हुए उन्होंने वनडे मुकाबलों में दोहरा शतक और टी20 फॉर्मेट में शतकीय पारियां खेलकर यह साबित कर दिया कि वे आधुनिक युग के सबसे संपूर्ण और खतरनाक बल्लेबाज हैं। उनकी बल्लेबाजी में पारंपरिक शॉट्स की खूबसूरती के साथ-साथ मॉडर्न डे क्रिकेट के रिवर्स स्वीप, स्कूप और हेलीकॉप्टर जैसे शॉट्स का भी बेहतरीन मिश्रण देखने को मिलता है, जो उन्हें दुनिया के बाकी बल्लेबाजों से अलग खड़ा करता है।

इंग्लैंड क्रिकेट और वैश्विक मंच पर हैरी ब्रूक का बढ़ता दबदबा

इंग्लैंड की टेस्ट और लिमिटेड ओवर क्रिकेट टीम के मुख्य स्तंभ बन चुके हैरी ब्रूक की इस उपलब्धि से अंग्रेजी क्रिकेट बोर्ड और उनके चाहने वालों में जश्न का माहौल है। आज के समय में जब खिलाड़ी किसी एक फॉर्मेट को चुनकर फ्रैंचाइज़ी क्रिकेट खेलने में ज्यादा रुचि दिखाते हैं, ऐसे दौर में हैरी ब्रूक का तीनों ही प्रारूपों में इस तरह का ऐतिहासिक प्रदर्शन करना यह बताता है कि वे पारंपरिक अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को कितनी प्राथमिकता देते हैं। इंग्लैंड के पूर्व कप्तानों और दिग्गजों ने उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर खुलकर अपनी तारीफें साझा की हैं और उन्हें आने वाले दौर का महान बल्लेबाज करार दिया है। जिस उम्र में खिलाड़ी अपने पैर जमाने की कोशिश करते हैं, उस उम्र में इस तरह के महा-रिकॉर्ड अपने नाम करना यह दर्शाता है कि ब्रूक का भविष्य कितना उज्जवल और रिकॉर्ड्स से भरा होने वाला है।

क्रिकेट जगत में भविष्य के नए दिग्गजों के लिए एक बड़ी मिसाल

हैरी ब्रूक का यह ऐतिहासिक कारनामा दुनिया भर के युवा क्रिकेटरों के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बन गया है। यह रिकॉर्ड सिखाता है कि अगर किसी खिलाड़ी के पास अटूट आत्मविश्वास, कठिन मेहनत और हर परिस्थिति में ढलने की क्षमता हो, तो वह क्रिकेट के हर आसमान को छू सकता है। आने वाले समय में जब भी आधुनिक क्रिकेट के सबसे बेहतरीन मैच विनर खिलाड़ियों की फेहरिस्त बनाई जाएगी, तो उसमें हैरी ब्रूक का नाम सबसे ऊपर लिया जाएगा। उनके इस रिकॉर्ड ने न केवल इंग्लैंड क्रिकेट का सीना गर्व से चौड़ा किया है, बल्कि क्रिकेट प्रेमियों को भी एक ऐसा ऐतिहासिक पल दिया है जिसे वे लंबे समय तक याद रखेंगे।