स्मृति ईरानी 100 प्रतिशत सही हैं': राहुल गांधी पर मंत्री दानिश आजाद का बड़ा हमला

स्मृति ईरानी 100 प्रतिशत सही हैं': राहुल गांधी पर मंत्री दानिश आजाद का बड़ा हमला

उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानों के तीर एक बार फिर बेहद तेज हो गए हैं और जुबानी जंग अपने चरम पर पहुंच गई है। बीजेपी की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी द्वारा कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर दिए गए हालिया बयान के बाद प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में भारी भूचाल आ गया है। इस सियासी घमासान के बीच योगी सरकार में राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी (Danish Azad Ansari) ने स्मृति ईरानी के बयान का पुरजोर समर्थन करते हुए कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। मंत्री दानिश आजाद ने बेबाक अंदाज में कहा कि 'स्मृति ईरानी ने जो कुछ भी कहा है, वह 100 प्रतिशत सही है।' इसके साथ ही उन्होंने गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी को अमेठी तथा रायबरेली के विकास के मुद्दे पर खुला चैलेंज दे दिया है। उत्तर प्रदेश की सियासत में आए इस नए राजनीतिक तूफान ने जहां एक तरफ कांग्रेस खेमे को असहज कर दिया है, वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी और भाजपा के बीच भी जुबानी जंग को हवा दे दी है। आइए एक निष्पक्ष राजनीतिक रिपोर्टर की नजर से जानते हैं कि मंत्री दानिश आजाद ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए और अमेठी को लेकर सियासी सरगर्मी क्यों बढ़ गई है।

स्मृति ईरानी के बयान पर मुहर: 'राहुल गांधी अपने दम पर अमेठी से चुनाव तक नहीं लड़ सकते'

इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी की राजनीतिक रणनीति और उनके नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए तीखा प्रहार किया था। स्मृति ईरानी ने कहा था कि राहुल गांधी अपने दम पर अमेठी में चुनाव लड़ने का जज्बा तक नहीं रखते हैं और वे हमेशा दूसरे राजनीतिक दलों के बैसाखियों के सहारे आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं। इस बयान पर जब विवाद बढ़ा, तो यूपी के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने आगे आकर स्मृति ईरानी की बातों का शत-प्रतिशत समर्थन किया। दानिश आजाद ने कहा कि स्मृति ईरानी का बयान जमीनी हकीकत को बयां करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी ने दशकों तक उत्तर प्रदेश की जनता और विशेष रूप से अमेठी-रायबरेली के मतदाताओं को केवल छलने और गुमराह करने का काम किया है, जबकि धरातल पर काम शून्य रहा है।

अमेठी और रायबरेली में उद्योगों के विनाश पर मंत्री का खुला चैलेंज

राहुल गांधी और गांधी परिवार पर अपना हमला और तेज करते हुए मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने उत्तर प्रदेश के विकास के आंकड़ों का हवाला दिया। उन्होंने सीधा सवाल दागते हुए कहा कि जिस अमेठी और रायबरेली को गांधी परिवार अपना 'गढ़' और 'घर' कहता आ रहा है, जरा वहां के ऐतिहासिक आंकड़े उठाकर देख लीजिए कि उनके शासनकाल में वहां कितने नए उद्योग लगे और कितने पुराने उद्योग बंद हो गए। दानिश आजाद ने दावों के साथ कहा कि कांग्रेस ने इन क्षेत्रों का विकास करने के बजाय उन्हें पिछड़ा बनाए रखा। उन्होंने कहा कि रायबरेली और अमेठी की जनता अब यह भली-भांति समझ चुकी है कि किस तरह एक खास परिवार ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इन इलाकों को विकास से दूर रखा। उन्होंने खुले मंच से चुनौती दी कि कांग्रेस पार्टी अपने कार्यकाल में अमेठी के लिए किए गए किसी एक बड़े विकास कार्य का हिसाब जनता के सामने रखकर दिखाए।

'परिवारवादी कांग्रेस की उल्टी गिनती शुरू': मुस्लिम और पिछड़ों के मुद्दे पर घेरा

योगी सरकार के मंत्री दानिश आजाद यहीं नहीं रुके, उन्होंने कांग्रेस पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस केवल चुनाव के वक्त ही खुद को गरीबों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों का हमदर्द दिखाने का ढोंग करती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता अब जागरूक हो चुकी है और उसे समझ आ गया है कि विकास केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही संभव है। दानिश आजाद ने दावा किया कि जब से बीजेपी की सरकार आई है, तब से बिना किसी भेदभाव के अमेठी और रायबरेली में सड़कों, स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा और औद्योगिक विकास के काम तेजी से पूरे किए गए हैं। उन्होंने कहा कि परिवारवाद की राजनीति करने वाली कांग्रेस पार्टी का जनाधार अब पूरी तरह खिसक चुका है और जनता उन्हें बार-बार नकार रही है।

समाजवादी पार्टी का पलटवार और यूपी में गरमाई 2027 के चुनाव की राजनीति

दानिश आजाद अंसारी के इस आक्रामक बयान के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश की प्रमुख विपक्षी पार्टी 'समाजवादी पार्टी' (SP) ने भी मैदान में उतरकर बीजेपी पर तीखा पलटवार किया है। सपा प्रवक्ताओं ने स्मृति ईरानी और दानिश आजाद के बयानों को नकारते हुए कहा कि भाजपा नेता अपनी नाकामियों और बेरोजगारी जैसे मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए गांधी परिवार और राहुल गांधी पर बयानबाजी कर रहे हैं। गौरतलब है कि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश के हर छोटे-बड़े राजनीतिक मुद्दे को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। अमेठी लोकसभा सीट जो कि कई दशकों तक राजनीति के केंद्र में रही है, उसे लेकर छिड़ी यह नई जंग यह साफ दर्शाती है कि आने वाले समय में पूर्वांचल और अवध क्षेत्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर और अधिक भीषण रूप लेने वाला है।