प्रिंसिपल ने बच्चों को कहा 'नाली का कीड़ा', अब 100 छात्रों की भूख हड़ताल से मचा हड़कंप
कन्नौज स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय इस वक्त एक बड़े विवाद के कारण सुर्खियों में है। गुरुवार की शाम यहां का माहौल उस वक्त अचानक बिगड़ गया जब कक्षा 10 से 12 तक के लगभग सौ छात्रों ने खुद को हॉस्टल के कमरों में कैद कर लिया। इन छात्रों ने खराब भोजन और स्कूल प्रबंधन के अमानवीय व्यवहार के विरोध में भूख हड़ताल शुरू कर दी। यह घटना शिक्षा व्यवस्था में छात्रों और प्रशासन के बीच टूटते संवाद का एक चिंताजनक उदाहरण है। हालात इतने बेकाबू हो गए कि मामले को शांत कराने के लिए खुद जिलाधिकारी को मोर्चा संभालना पड़ा।
छात्रों के आत्मसम्मान पर शिक्षकों की चोट
इस पूरे हंगामे की जड़ केवल मेस का भोजन नहीं है बल्कि शिक्षकों का खराब रवैया इसका मुख्य कारण है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने बताया कि जब वे अपनी शिकायत लेकर प्रिंसिपल के पास गए तो उनकी बात नहीं सुनी गई। प्रिंसिपल ने समस्या सुलझाने के बजाय उन्हें 'नाली का कीड़ा' कहकर बुरी तरह अपमानित किया।
इसके अलावा पीयूष यादव नाम के एक शिक्षक पर भी बेहद गंभीर आरोप लगे हैं। छात्रों के अनुसार यह शिक्षक दबंगई दिखाते हुए बच्चों को स्कूल के बाहर देख लेने की धमकी देते हैं। इसके जवाब में छात्रों ने भी तल्ख लहजे में कहा कि वे नई जनरेशन के युवा हैं और उनका 'टेस्टोस्टेरोन लेवल' भी काफी हाई है इसलिए वे ऐसी धमकियों से डरने वाले नहीं हैं।
सुनवाई न होने पर उठाया सख्त कदम
हॉस्टल के मेस में परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता काफी समय से खराब थी। छात्रों ने पहले भी कई बार इसकी शिकायत अपने शिक्षकों से की थी लेकिन उनकी परेशानी का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। लगातार हो रही इस अनदेखी से बच्चों का गुस्सा भड़क उठा। जब शुरुआत में शिक्षकों ने मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की तो छात्रों के सब्र का बांध टूट गया। इसके बाद उन्होंने आला अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए सामूहिक रूप से खाने का बहिष्कार कर दिया।