उत्तराखंड में घटे या बढ़े पेट्रोल और डीजल के दाम, फटाफट जानें मैदान से पहाड़ तक जिलावार कीमतें
देशभर में ईंधन की कीमतों में होने वाले बदलावों का सीधा असर आम आदमी की जेब और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है, और यही वजह है कि हर कोई सुबह उठकर सबसे पहले पेट्रोल-डीजल के लेटेस्ट भाव जानना चाहता है। देवभूमि उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में भी तेल के इन दामों को लेकर वाहन चालकों और आम जनता में हमेशा उत्सुकता बनी रहती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और ओएमसी (OMC) कंपनियों द्वारा रोजाना तय किए जाने वाले संशोधनों के बाद उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में आज पेट्रोल और डीजल के नए रेट्स जारी कर दिए गए हैं। देहरादून, हरिद्वार, उधम सिंह नगर, नैनीताल से लेकर पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जैसे दुर्गम पहाड़ी जिलों तक परिवहन की लागत के आधार पर ईंधन के दामों में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। यदि आप भी आज गाड़ी लेकर सफर पर निकलने वाले हैं या फ्यूल डलवाने की सोच रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले राज्य के अलग-अलग जिलों के इन ताजा और आधिकारिक दामों के बारे में जरूर जान लें ताकि आपको किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
मैदानी इलाकों में परिवहन सेवाएं सुगम होने के कारण पर्वतीय जिलों की तुलना में पेट्रोल और डीजल के दाम अपेक्षाकृत थोड़े कम होते हैं, लेकिन वहां भी टैक्स और एक्साइज ड्यूटी के नियमों के कारण कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। राजधानी देहरादून, औद्योगिक नगरी हरिद्वार, और उधम सिंह नगर के रुद्रपुर व हल्द्वानी जैसे प्रमुख शहरों में आज पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें पिछले दिनों के मुकाबले लगभग स्थिर रुख दिखा रही हैं। देहरादून में आज पेट्रोल करीब 93 से 94 रुपये प्रति लीटर के आसपास बिक रहा है, जबकि डीजल की कीमत भी लगभग 88 से 89 रुपये प्रति लीटर के दायरे में बनी हुई है। इसी तरह हरिद्वार और उधम सिंह नगर के मैदानी हिस्सों में लॉजिस्टिक खर्च कम होने की वजह से दाम कुछ पैसे कम दर्ज किए जाते हैं। दैनिक यात्रियों, कमर्शियल वाहन चालकों और ट्रांसपोर्ट से जुड़े कारोबारियों के लिए इन कीमतों पर हर रोज पैनी नजर रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि ईंधन के भाव में जरा सा भी बदलाव उनके पूरे महीने के बजट को प्रभावित कर सकता है।
उत्तराखंड के पहाड़ी और सीमांत जनपदों जैसे पिथौरागढ़, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और अल्मोड़ा में भौगोलिक दूरियों और कठिन रास्तों के कारण ईंधन की ढुलाई का खर्च काफी ज्यादा आता है। यही मुख्य कारण है कि राजधानी या मैदानी शहरों की तुलना में पहाड़ी जिलों के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल की कीमतें हमेशा कुछ पैसे से लेकर एक-दो रुपये तक अधिक दर्ज की जाती हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में यात्रा करने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को इन दुर्गम इलाकों में टैंक फुल कराने से पहले इस अंतर को ध्यान में रखना चाहिए। राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा इन सभी पेट्रोल पंपों पर गुणवत्ता और सही माप की निरंतर निगरानी की जाती है ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी भी प्रकार की ठगी या परेशानी का सामना न करना पड़े। दूरदराज के इलाकों में सर्दियों और मानसूनी मौसम के दौरान कई बार सप्लाई बाधित होने की आशंका भी बनी रहती है, जिसे देखते हुए तेल कंपनियां पहले से ही पर्याप्त स्टॉक मेंटेन करने का प्रयास करती हैं।
बढ़ती महंगाई के इस दौर में अपने निजी वाहनों या व्यावसायिक गाड़ियों का इस्तेमाल करते समय ईंधन की खपत को नियंत्रित करना और सही प्लानिंग करना हर समझदार नागरिक की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जब भी आप उत्तराखंड के किसी भी पेट्रोल पंप पर जाएं, तो फ्यूल मीटर पर शून्य (Zero) जरूर चेक करें और डिजिटल भुगतान या कैश का इस्तेमाल करते समय रसीद लेना न भूलें। इसके अलावा, वाहन की समय पर सर्विसिंग कराने, टायरों में सही हवा का दबाव रखने और ट्रैफिक नियमों का पालन करने से न केवल ईंधन की बचत होती है, बल्कि पर्यावरण को भी सुरक्षित रखा जा सकता है। सरकार द्वारा देश भर में ग्रीन एनर्जी और एथलीन ब्लेंडिंग को बढ़ावा देने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिसका सकारात्मक असर आने वाले समय में ईंधन की कीमतों और प्रदूषण नियंत्रण पर देखने को मिलेगा। फिलहाल आज के ताजा रेट्स के मुताबिक आप अपने नजदीकी पंप पर जाकर आसानी से गाड़ी में ईंधन भरवा सकते हैं और अपनी यात्रा को सुरक्षित बना सकते हैं।