उत्तराखंड वालों सावधान! आज से मानसून काटेगा गदर, देहरादून-नैनीताल समेत 11 जिलों में बेतहाशा बारिश का अलर्ट

उत्तराखंड वालों सावधान! आज से मानसून काटेगा गदर, देहरादून-नैनीताल समेत 11 जिलों में बेतहाशा बारिश का अलर्ट

देवभूमि उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर बेहद खतरनाक और डरावना रुख अख्तियार करने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के नागरिकों और पर्यटकों के लिए एक बहुत बड़ी चेतावनी जारी करते हुए अगले कुछ दिनों तक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का रेड और ऑरेंज अलर्ट घोषित कर दिया है। मानसून की रफ्तार अचानक से इतनी तेज हो गई है कि राजधानी देहरादून और पर्यटन नगरी नैनीताल समेत राज्य के कुल 11 जिलों में झमाझम और बेतहाशा बारिश का गदर देखने को मिलेगा। पर्वतीय अंचलों से लेकर मैदानी इलाकों तक बादलों का डेरा जम चुका है और लगातार हो रही बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

इन 11 जिलों में मौसम विभाग का सबसे कड़ा पहरा और हाई अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तराखंड के 11 जिलों में अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं। जिन जिलों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा खतरा मंडरा रहा है, उनमें देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चंपावत और उधम सिंह नगर शामिल हैं। इन सभी जिलों में लगातार तेज बौछारें पड़ने और कुछेक इलाकों में मूसलाधार बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने की भी पूरी संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बादलों के सक्रिय होने से पहाड़ों पर पानी का दबाव तेजी से बढ़ेगा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों का जलस्तर उफान पर आ सकता है।

चारधाम यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए प्रशासन की कड़ी चेतावनी

लगातार हो रही इस मूसलाधार बारिश के मद्देनजर उत्तराखंड शासन और जिला प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गए हैं। चारधाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से बचें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। पहाड़ी रास्तों पर लगातार हो रहे भूस्खलन (Landslide) और बोल्डर गिरने की घटनाओं को देखते हुए संवेदनशील मार्गों पर पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।

भूस्खलन और उफनती नदियों से बढ़ सकती है आम जनता की मुश्किलें

बेतहाशा बारिश के कारण उत्तराखंड के পাহड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा सबसे बड़ा सिरदर्द बन गया है। कई मुख्य मार्ग और संपर्क मार्ग मलबे आने के कारण बाधित हो सकते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा सकती है। इसके अलावा, गंगा, यमुना, अलगनंदा, भागीरथी और मन्दाकिनी समेत तमाम छोटी-बड़ी नदियां और गदेरे उफान पर आ सकते हैं। नदी किनारे रहने वाले बस्तियों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की हिदायत दी गई है। किसानों और बागवानों को भी अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि अत्यधिक पानी जमा होने से फसलों को भारी नुकसान पहुंच सकता है।