देवप्रयाग में दर्दनाक सड़क हादसा: गहरी खाई में अलकनंदा में गिरी कार
चारधाम यात्रा मार्ग पर देवप्रयाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर सिमली और देवप्रयाग के बीच एक अनियंत्रित कार सीधे गहरी खाई में जा गिरी और पास ही बह रही उफान पर मौजूद अलकनंदा नदी के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भीषण हादसे में एक महिला और उसके मासूम बेटे समेत दो लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें तुरंत राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंचीं। खाई की भौगोलिक स्थिति और नदी के तेज बहाव के बीच एसडीआरएफ के जवानों ने अत्यधिक सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए राफ्ट के सहारे दोनों शवों को नदी पार सुरक्षित निकाला और घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया।
बदरीनाथ हाईवे पर हुआ हादसा, कैसे अनियंत्रित होकर खाई में समाई कार?
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, यह दर्दनाक सड़क हादसा उस वक्त हुआ जब कार चारधाम यात्रा मार्ग से गुजर रही थी। अचानक वाहन चालक नियंत्रण खो बैठा और कार सड़क से फिसलकर सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े और पुलिस को सूचना दी। पहाड़ी रास्तों पर ढलान और तीखे मोड़ों के चलते कई बार वाहन चालकों को अनियंत्रित गति के कारण भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। कार के खाई में गिरते ही उसमें सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत रस्सी और टॉर्च की मदद से बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन घटनास्थल की भौगोलिक कठिनाई के कारण तुरंत पुलिस और एसडीआरएफ की मदद लेनी पड़ी।
SDRF और पुलिस का रेस्क्यू ऑपरेशन: राफ्ट के सहारे नदी पार पहुंचाए गए शव
घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की डीप-डाइविंग और माउंटेनियरिंग टीम पलक झपकते ही मौके पर पहुंच गई। खाई और नदी के पास का इलाका बेहद दुर्गम होने के कारण बचाव कर्मियों को भारी मशक्कत करनी पड़ी। एसडीआरएफ के जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बिना रस्सियों और राफ्ट (Raft) की मदद से अलकनंदा नदी को पार किया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन के मलबे से दोनों शवों को बाहर निकाला। नदी के तेज बहाव और विषम परिस्थितियों के बीच राफ्ट के जरिए शवों को सुरक्षित रेस्क्यू कर सड़क तक पहुंचाना एक बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य था, जिसे एसडीआरएफ के जवानों ने पूरी निष्ठा के साथ पूरा किया। इस हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचना दे दी गई है, जिससे पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।
अस्पताल में भर्ती घायल, डॉक्टरों की देखरेख में चल रहा है इलाज
इस भयानक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए तीन अन्य यात्रियों को तुरंत 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) देवप्रयाग ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका आपातकालीन उपचार कर रही है। घायलों में से दो की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किए जाने की तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को निर्देश दिए कि उन्हें हर संभव बेहतरीन चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। पुलिस ने कार को क्रेन की मदद से खाई से बाहर निकलवा लिया है और इस बात की तकनीकी जांच शुरू कर दी है कि क्या वाहन में कोई यांत्रिक खराबी थी या चालक को झपकी आने की वजह से यह हादसा हुआ।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, पहाड़ी मार्गों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग
देवप्रयाग और आसपास के स्थानीय निवासियों का कहना है कि बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई ऐसे खतरनाक और अंधे मोड़ (Blind Turns) हैं जहां अक्सर सड़क हादसे होते रहते हैं। इन जगहों पर क्रैश बैरियर (Crash Barriers) और साइन बोर्ड्स न होने के कारण वाहन सीधे खाई में जा गिरते हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से मांग की है कि ऐसे दुर्घटना बहुल क्षेत्रों में तुरंत क्रैश बैरियर लगाए जाएं और गति सीमा तय की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की बहुमूल्य जानें न जाएं। इस हादसे ने एक बार फिर पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वाले यात्रियों को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने की सीख दी है।