उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले हरियाणा के युवा
देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक सुंदरता, आतिथ्य और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चल रही विकासशील नीतियों की गूंज अब देश के अन्य राज्यों तक बहुत ही जोर-शोर से सुनाई देने लगी है। हाल ही में पड़ोसी राज्य हरियाणा से आए युवा प्रतिनिधिमंडल और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े ऊर्जावान युवाओं ने राजधानी देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से उनके शासकीय आवास पर एक महत्वपूर्ण और शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान हरियाणा के युवाओं ने उत्तराखंड सरकार द्वारा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए चलाए जा रहे होम-स्टे (Home Stay) योजना, पर्यटन विकास के नए आयामों और आम जनता के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने वाली विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भूरी-भूरी प्रशंसा की। हरियाणा के इन युवाओं ने विशेष रूप से यह महसूस किया कि कैसे देवभूमि में मुख्यमंत्री धामी के कुशल मार्गदर्शन में धार्मिक पर्यटन (Religious Tourism), एडवेंचर टूरिज्म और स्थानीय स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे न केवल राज्य की आर्थिकी मजबूत हो रही है, बल्कि पलायन जैसी पुरानी समस्याओं पर भी प्रभावी ढंग से लगाम कसती जा रही है। मुख्यमंत्री धामी ने भी युवा आगंतुकों का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि युवा देश और राज्य की रीढ़ हैं, और उनका यह समर्थन तथा सकारात्मक फीडबैक सरकार को और अधिक ऊर्जा के साथ जनसेवा करने की प्रेरणा देता है।
हरियाणा के युवाओं द्वारा उत्तराखंड के होम-स्टे मॉडल और पर्यटन क्रांति की सराहना
जब हरियाणा के युवा प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड के विभिन्न ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों का दौरा किया, तो उन्होंने वहां की स्थानीय संस्कृति और पर्यटन प्रबंधन को बहुत बारीकी से परखा। हरियाणा से आए युवाओं का यह कहना था कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार द्वारा शुरू की गई 'मुख्यमंत्री होम-स्टे योजना' ने पर्वतीय अंचलों में एक ऐसी मौन आर्थिक क्रांति ला दी है, जिसके जरिए ग्रामीण इलाकों के लोग अपने घरों में ही पर्यटकों को आधुनिक और पारंपरिक सुविधाएं देकर अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा रहे हैं। इस योजना से पर्यटकों को भी होटल के बजाय देवभूमि के असली खानपान, लोक संस्कृति और आत्मीयता का अनुभव करने का अनूठा अवसर मिल रहा है। हरियाणा के युवाओं ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वे अपने गृह राज्य में भी इसी तर्ज पर ग्रामीण पर्यटन और होम-स्टे मॉडल को बढ़ावा देने के लिए प्रेरणा ले रहे हैं, क्योंकि यह मॉडल पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में पूरी तरह से सफल साबित हो रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का विजन: युवाओं को रोजगार और देवभूमि का चौतरफा विकास
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरियाणा से आए युवाओं के साथ बातचीत करते हुए उत्तराखंड सरकार की प्राथमिकताओं और भविष्य की योजनाओं पर खुलकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को आत्मसात करते हुए उत्तराखंड सरकार लगातार ऐसे नीतिगत फैसले ले रही है जिनसे राज्य का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला (Job Creator) बन सके। पर्यटन, आयुष, हॉस्पिटैलिटी और आईटी सेक्टर में उत्तराखंड ने जिस प्रकार की नीतियां बनाई हैं, उसने देश-विदेश के निवेशकों और युवाओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। मुख्यमंत्री ने युवाओं को यह भी बताया कि कैसे चारधाम यात्रा के सुगम संचालन और मानसखंड मंदिर माला मिशन के तहत पौराणिक मंदिरों के पुनरुद्धार से धार्मिक पर्यटन में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश के किसी भी कोने से आएं, देवभूमि उत्तराखंड हमेशा उनके स्वागत के लिए खुली है और यहां के युवा उद्यमियों के साथ मिलकर वे साझा सांस्कृतिक और आर्थिक विकास के नए रास्ते तलाश सकते हैं।
जनकल्याणकारी योजनाओं और पारदर्शी शासन प्रणाली से बदलती उत्तराखंड की तस्वीर
पर्यटन और होम-स्टे के अलावा हरियाणा के युवाओं ने उत्तराखंड सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, महिलाओं के लिए सख्त महिला आरक्षण, नकल विरोधी कानून (Anti-Cheating Law) और समान नागरिक संहिता (UCC) की दिशा में उठाए गए ऐतिहासिक कदमों की भी जमकर सराहना की। युवाओं का यह मानना था कि मुख्यमंत्री धामी ने जिस दृढ़ इच्छाशक्ति और पारदर्शिता के साथ कड़े फैसले लिए हैं, उसने पूरे देश के युवाओं के बीच एक बहुत ही सकारात्मक और प्रेरणादायक संदेश दिया है। आज उत्तराखंड को देश के सबसे शांत, सुरक्षित और तेजी से प्रगति करने वाले राज्यों में गिना जाता है, जहां कानून-व्यवस्था का राज सर्वोपरि है। हरियाणा के युवाओं ने यह भी कहा कि वे अपने राज्य लौटकर उत्तराखंड के इस बेहतरीन प्रशासनिक और सांस्कृतिक मॉडल के अनुभवों को अपने साथियों के साथ साझा करेंगे, ताकि आपसी राज्यों के बीच सांस्कृतिक और सामाजिक मेल-मिलाप और अधिक मजबूत हो सके।
भविष्य के भारत निर्माण में युवाओं की सहभागिता और राज्यों के बीच मजबूत होते आपसी रिश्ते
हरियाणा और उत्तराखंड के युवाओं की यह मुलाकात इस बात का सुंदर उदाहरण है कि कैसे आज का युवा अपनी क्षेत्रीय सीमाओं से बाहर निकलकर देश के अन्य राज्यों में हो रहे अच्छे कार्यों को सीखने और उन्हें अपने जीवन में उतारने के लिए उत्सुक रहता है। उत्तर भारत के इन दो प्रमुख राज्यों के बीच इस प्रकार का सांस्कृतिक और प्रशासनिक संवाद भविष्य में पर्यटन, शिक्षा और युवा कल्याण के क्षेत्रों में नए सहयोग के द्वार खोलेगा। जब हरियाणा के युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सादगी भरे स्वभाव और विकास के प्रति उनके समर्पण से प्रभावित होकर देवभूमि की तारीफ करते हैं, तो यह न केवल उत्तराखंड सरकार की बल्कि पूरे राज्य के नागरिकों की एक बड़ी उपलब्धि बन जाती है। आने वाले दिनों में इस प्रकार के युवा प्रतिनिधिमंडलों के दौरे और अधिक बढ़ने की उम्मीद है, जो देश की युवा शक्ति को एक सूत्र में पिरोने का काम करेंगे।