अंधाधुंध फायरिंग में 3 मासूम बच्चों समेत 5 की मौत, जवाबी कार्रवाई में हमलावर ढेर
दुनिया के सबसे ताकतवर और विकसित देश अमेरिका में गन कल्चर का नासूर एक बार फिर मासूम बच्चों के खून से लाल हो गया है। अमेरिका के ओरेगन (Oregon) राज्य के एक प्राइमरी स्कूल में उस वक्त कोहराम मच गया, जब एक हथियारबंद हमलावर ने स्कूल परिसर में घुसकर अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। इस बेहद खौफनाक और दिल दहला देने वाली गोलीबारी की घटना में तीन मासूम स्कूली बच्चों समेत पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य बच्चे और शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। स्थानीय पुलिस और सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में हमलावर को भी मौके पर ही मार गिराया गया है। आइए एक स्वतंत्र ग्राउंड रिपोर्टर की नजर से जानते हैं कि अमेरिकी इतिहास के इस नए काले दिन की पूरी और सच्ची दास्तान क्या है।
स्कूल की घंटियों के बीच गूंजी गोलियों की तड़तड़ाहट और मची चीख-पुकार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओरेगन के एक स्थानीय प्राइमरी स्कूल में रोजाना की तरह बच्चे अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे और खेल के मैदान में उनकी किलकारियां गूंज रही थीं। अचानक एक भारी हथियारों से लैस हमलावर स्कूल के मुख्य द्वार से जबरन अंदर घुस आया। स्कूल के गलियारों में पहुंचते ही उसने बिना किसी चेतावनी के अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
गोलियों की गड़गड़ाहट से पूरा स्कूल दहल उठा। छोटे-छोटे मासूम बच्चे जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन हमलावर जिस बेदर्दी से गोलियां बरसा रहा था, उसने कई कमरों को खून से रंग दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह मंजर इतना भयानक था कि बच्चे अपनी किताबों और बैग को छोड़कर बेंच के नीचे छिप गए, जबकि कई शिक्षक अपने छात्रों को बचाने के लिए ढाल बनकर सामने आ गए। देखते ही देखते स्कूल परिसर युद्ध के मैदान में तब्दील हो गया, जहां हर तरफ रोने-चीखने की आवाजें आ रही थीं।
पुलिस और SWAT टीम की त्वरित कार्रवाई, हमलावर ढेर
इस भीषण गोलीबारी की सूचना मिलते ही ओरेगन लोकल पुलिस और स्पेशल वेपन्स एंड टैक्टिक्स (SWAT) की टीमें कुछ ही मिनटों के भीतर सायरन बजाती हुई स्कूल परिसर में जा पहुंचीं। पुलिस ने तुरंत पूरे स्कूल को चारों तरफ से घेर लिया और ऑपरेशन शुरू कर दिया।
सुरक्षाबलों ने अपनी जान की परवाह किए बिना सीधे उस ब्लॉक की ओर रुख किया जहां से फायरिंग की आवाजें आ रही थीं। पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में हमलावर को घेर लिया गया और जवाबी कार्रवाई में उसे मार गिराया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यदि सुरक्षाबल थोड़ी भी देर करते, तो मरने वालों का आंकड़ा और भी ज्यादा बढ़ सकता था। हमलावर के पास से कई सेमी-ऑटोमेटिक हथियार और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि वह किसी बड़े और नरसंहार जैसे खौफनाक प्लान के साथ स्कूल में दाखिल हुआ था।
घायलों का अस्पताल में इलाज जारी, परिवारों में मातम और आक्रोश
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन ने तुरंत आपातकाल की घोषणा कर दी। घायल बच्चों और स्कूल स्टाफ को तुरंत नजदीकी बड़े अस्पतालों के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने के लिए दिन-रात जुटी हुई है। कई बच्चों की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।
अस्पताल के बाहर अपने कलेजे के टुकड़ों का इंतजार कर रहे माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। अपनों को खोने के बाद परिवारों के भीतर फैला आक्रोश अब अमेरिकी सरकार की नीतियों के खिलाफ फूट पड़ा है। एक तरफ जहां पूरा शहर मातम में डूबा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ इस घटना ने एक बार फिर अमेरिका की सुस्त गन कंट्रोल पॉलिसी (Gun Control Laws) पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अमेरिका में गन कल्चर का नासूर और बार-बार सुलगती सुरक्षा पर बहस
ओरेगन के इस प्राइमरी स्कूल में हुई खूनी वारदात ने एक बार फिर पूरे अमेरिका को झकझोर कर रख दिया है। यह कोई पहली बार नहीं है जब अमेरिकी स्कूलों में इस तरह की मास शूटिंग (Mass Shooting) की घटना सामने आई हो। इससे पहले भी सैंडी हुक, उवाल्डे और टेक्सास के कई स्कूलों में मासूमों का खून बह चुका है।
तमाम अंतरराष्ट्रीय बहसों, राजनीतिक भाषणों और मानवाधिकार संगठनों की लाख कोशिशों के बावजूद अमेरिकी कांग्रेस और लॉबी आज तक हथियारों की खुली बिक्री पर कोई कड़ा और ठोस प्रतिबंध नहीं लगा पाई है। राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी के कारण देश के आम नागरिक और उनके छोटे-छोटे बच्चे लगातार गन वायलेंस का शिकार बन रहे हैं। बहरहाल, ओरेगन की इस दर्दनाक घटना ने पूरी दुनिया के सामने एक बार फिर यह सवाल ला खड़ा किया है कि आखिर कब तक मासूम बच्चों को इस खूनी गन कल्चर की कीमत चुकानी पड़ती रहेगी।