मर्लिन मुनरो की फोटो पर कमेंट कर बुरी तरह घिरे पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ एक बार फिर अपनी विवादित बयानबाज़ी और सोशल मीडिया हरकतों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फजीहत का सामना कर रहे हैं। इस बार मामला किसी राजनीतिक बयान या सीमाई तनाव से जुड़ा नहीं है, बल्कि हॉलीवुड की दिवंगत और बेहद मशहूर अभिनेत्री मर्लिन मुनरो (Marilyn Monroe) की एक तस्वीर पर उनके द्वारा किए गए कमेंट से उपजा है। ख्वाजा आसिफ ने अभिनेत्री की एक वायरल फोटो पर अपनी प्रतिक्रिया दी, जिसके तुरंत बाद सोशल मीडिया यूज़र्स, राजनीतिक विरोधियों और आम पाकिस्तानी नागरिकों ने उन्हें आड़े हाथों ले लिया। देखते ही देखते यह पोस्ट इंटरनेट पर आग की तरह फैल गई और पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के इस कदम को बेहद गैर-जिम्मेदाराना, बचकाना और पद की मर्यादा के खिलाफ बताया जाने लगा।
'देश आर्थिक रूप से कंगाल है और मंत्री जी मुनरो की सुंदरता में खोए हैं'—सोशल मीडिया पर फूटा जनता का गुस्सा
ख्वाजा आसिफ के इस अजीबोगरीब कमेंट के सामने आते ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर नेटिज़न्स ने उनकी जमकर क्लास लगाई। लोगों ने उनके आधिकारिक पद और पाकिस्तान की मौजूदा बदहाल स्थिति का हवाला देते हुए तीखे सवाल पूछे। कई यूज़र्स ने गुस्सा जाहिर करते हुए लिखा, "ये बेशर्म इंसान उस देश का रक्षा मंत्री है जो खुद को इस्लामिक रिपब्लिक कहता है। देश में महंगाई, बेरोजगारी, आटा-दाल की किल्लत और आतंकवाद का साया है, जबकि हमारे रक्षा मंत्री हॉलीवुड अभिनेत्रियों की पुरानी तस्वीरों पर कमेंटबाजी करने में व्यस्त हैं।" जनता ने इस बात पर गहरा दुख और आक्रोश जताया कि जब देश की सीमाएं असुरक्षित हैं और रक्षा नीतियां पूरी तरह विफल साबित हो रही हैं, तब कैबिनेट के इतने जिम्मेदार पद पर बैठा व्यक्ति सोशल मीडिया पर ऐसी हरकतों में मशगूल है।
'इस्लामिक रिपब्लिक' के दावों की खुली पोल और शहबाज़ सरकार की किरकिरी
ख्वाजा आसिफ के इस कृत्य ने शहबाज़ शरीफ सरकार और सत्ताधारी पार्टी मुस्लिम लीग-नवाज (PML-N) को बेहद असहज स्थिति में डाल दिया है। पाकिस्तान हमेशा खुद को दुनिया के सामने इस्लामी मूल्यों और नैतिकता का सबसे बड़ा पैरोकार होने का दावा करता है। हालांकि, देश के शीर्ष रक्षा मंत्री द्वारा एक पश्चिमी पॉप-कल्चर आइकन की ग्लैमराइज्ड फोटो पर इस तरह का कमेंट करना धार्मिक कट्टरपंथियों और रूढ़िवादी तबके को भी रास नहीं आया है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेताओं और समर्थकों ने भी ख्वाजा आसिफ पर हमला बोलने में कोई कसर नहीं छोड़ी। विपक्षी नेताओं का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब ख्वाजा आसिफ ने गैर-संजिदा बयान या हरकत की हो; वे इससे पहले भी संसद और सार्वजनिक मंचों से महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करके विवाद बटोर चुके हैं।
पद की गरिमा और पाकिस्तान के प्रशासनिक नेतृत्व पर उठे गंभीर सवाल
इस विवादित घटनाक्रम ने पाकिस्तान के प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व के गिरते स्तर को एक बार फिर उजागर कर दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से कर्ज मांगने की कतार में खड़ा है और देश में आंतरिक असंतोष चरम पर है, शीर्ष नेताओं का यह गैर-जिम्मेदाराना रवैया देश की वैश्विक छवि को गहरा धक्का पहुंचाता है। ख्वाजा आसिफ का यह प्रकरण सिर्फ एक सोशल मीडिया ट्रोलिंग तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसने यह बहस छेड़ दी है कि क्या पाकिस्तान के हुक्मरान सचमुच राष्ट्रीय समस्याओं को सुलझाने के प्रति गंभीर हैं या फिर वे सिर्फ सत्ता और अपनी व्यक्तिगत सनकों का लुत्फ उठा रहे हैं। फिलहाल, चौतरफा थू-थू होने के बाद भी ख्वाजा आसिफ या शहबाज़ सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक सफाई सामने नहीं आई है।