UAE के मशहूर रणनीतिकार अमजद ताहा ने की भारत की जमकर तारीफ
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अक्सर भू-राजनीतिक समीकरणों और कूटनीति पर खुलकर बात करने वाले संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के जाने-माने रणनीतिकार और विश्लेषक अमजद ताहा ने एक बार फिर अपने बयानों से पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। हाल ही में दिए गए एक साक्षात्कार में अमजद ताहा ने जिस बेबाकी से भारत के प्रति अपने प्रेम और सम्मान को व्यक्त किया है, उसने दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आत्मीय रिश्तों को एक नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक अरब मुस्लिम होने के नाते उन्हें भारत से अगाध प्रेम है और वे भारतीय संस्कृति की गहराई से बेहद प्रभावित हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया से लेकर वैश्विक मीडिया गलियारों तक में इसकी चर्चा जोरों पर है और लोग इसे भारत की बढ़ती सॉफ्ट पावर की एक बड़ी जीत मान रहे हैं।
सनातन ग्रंथों के प्रति अगाध सम्मान: रामायण और महाभारत को बताया मानवता के लिए प्रेरणास्त्रोत
अमजद ताहा ने अपनी बातचीत के दौरान केवल भारत की आधुनिक प्रगति की ही सराहना नहीं की, बल्कि भारत के प्राचीन इतिहास, दर्शन और साहित्य की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि भारत के महान महाकाव्य रामायण और महाभारत केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि वे जीवन जीने की कला, नैतिकता, कर्तव्य और मानवता के सबसे बड़े मार्गदर्शक दस्तावेज हैं। उनका मानना है कि इन प्राचीन ग्रंथों में जो ज्ञान और संदेश निहित है, वह पूरी दुनिया के इंसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। एक अरब और मुस्लिम पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले विशेषज्ञ द्वारा इस प्रकार खुले तौर पर भारतीय महाकाव्यों की सराहना करना इस बात का जीता-जागता प्रमाण है कि ज्ञान और संस्कृति की कोई भौगोलिक या मजहबी सीमाएं नहीं होती हैं।
भारत और यूएई की गहरी दोस्ती: आतंकवाद के खिलाफ साझा रुख और मजबूत होते कूटनीतिक आयाम
भारत और यूएई के रिश्ते पिछले कुछ वर्षों में एक नए और ऐतिहासिक दौर में प्रवेश कर चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में और यूएई के नेतृत्व के साथ आपसी तालमेल ने दोनों देशों को रणनीतिक रूप से बेहद करीब ला दिया है। अमजद ताहा ने इस मजबूत होती साझेदारी का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूरी तरह से एकमत हैं। उन्होंने क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और तकनीकी आदान-प्रदान के क्षेत्र में भारत और यूएई के बीच बढ़ रहे भरोसे की जमकर सराहना की। आज के दौर में जब दुनिया के कई हिस्से संघर्ष और तनाव से जूझ रहे हैं, तब भारत और यूएई की यह दोस्ती क्षेत्रीय स्थिरता और शांति के लिए एक मजबूत स्तंभ के रूप में उभर कर सामने आई है।
वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती साख: अमजद ताहा के बयान के मायने और भविष्य की कूटनीति
विशेषज्ञों का मानना है कि अमजद ताहा जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली विचारकों का इस तरह भारत के पक्ष में मुखर होना इस बात को दर्शाता है कि वैश्विक मंच पर भारत की स्वीकार्यता और सम्मान में भारी वृद्धि हुई है। भारत अब केवल एक उभरती हुई आर्थिक महाशक्ति नहीं रहा, बल्कि वह शांति, विविधता और सांस्कृतिक सहअस्तित्व का एक वैश्विक केंद्र बन चुका है। अमजद ताहा का यह बयान उन तमाम संकीर्ण मानसिकता वाले लोगों के लिए भी एक करारा जवाब है जो धर्म या संस्कृति के आधार पर देशों के बीच दूरियां पैदा करने की कोशिश करते हैं। यह बयान साबित करता है कि सच्ची मानवता, आपसी सम्मान और सांस्कृतिक विविधता ही वह मजबूत धागा है जो पूरी दुनिया को एक सूत्र में पिरो सकता है।