आरोपी ओमानी को-पायलट ने घटना के कुछ घंटे बाद शेयर की तस्वीरें

आरोपी ओमानी को-पायलट ने घटना के कुछ घंटे बाद शेयर की तस्वीरें

फेमस अंतरराष्ट्रीय एयरलाइन फ्लाईदुबई (Flydubai) की उड़ान के दौरान कॉकपिट में हुए खतरनाक हमले और सनसनीखेज वाकये के बाद सुरक्षा एजेंसियों की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस सनसनीखेज घटना को अंजाम देने वाले आरोपी ओमानी सह-पायलट (Co-Pilot) हमाम अल-हम्मामी को लेकर एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। प्राप्त रिपोर्ट्स के मुताबिक, फ्लाइट के अंदर कैप्टन पर जानलेवा हमला करने और विमान को गंभीर खतरे में डालने के महज कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स से कुछ संदिग्ध पोस्ट साझा किए गए। इन सोशल मीडिया पोस्ट और लिंक्डइन प्रोफाइल पर अलकायदा से जुड़े पुराने और कुख्यात चेहरों की तस्वीरें तथा वीडियो फुटेज सामने आने के बाद अंतरराष्ट्रीय खुफिया और सुरक्षा महकमों में हड़कंप मच गया है।

कॉकपिट हमले के बाद सोशल मीडिया पर ऐक्टिव हुए आरोपी के अकाउंट्स

अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स और सीएनएन के खुलासे के अनुसार, फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 के कॉकपिट में हुई खौफनाक घटना के लगभग नौ घंटे बाद आरोपी पायलट के नाम से बने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दो संदेहास्पद पोस्ट पब्लिश किए गए। हालांकि इन पोस्ट को किसने शेड्यूल किया था या इन्हें किसने अपलोड किया, इस बात की पुष्टि अभी तक पूरी तरह से नहीं हो पाई है। सुरक्षा एजेंसियां इस तकनीकी पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं कि क्या यह किसी सुनियोजित साजिश का हिस्सा था या फिर किसी और ने इन अकाउंट्स का एक्सेस हासिल किया था। जैसे ही इन ऑनलाइन पोस्ट्स की भनक साइबर सेल और सुरक्षा एजेंसियों को लगी, फौरन कार्रवाई करते हुए उन प्रोफाइल्स और अकाउंट्स को डिलीट या डीएक्टिवेट करवा दिया गया।

क्या थी सोशल मीडिया पर शेयर की गई सामग्री में और अलकायदा कनेक्शन

सूत्रों के हवाले से सामने आया है कि आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर जो वीडियो और तस्वीरें शेयर की गई थीं, उनमें बोइंग विमान के कॉकपिट के अंदर का वीडियो फुटेज भी शामिल था। इसके अलावा दूसरे पोस्ट में इस्लाम के तीन सबसे पवित्र स्थलों मक्का, मदीना और यरुशलम को जोड़ने वाली एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जनरेटेड तस्वीर प्रदर्शित की गई थी। इन पोस्ट्स के बैकग्राउंड में एक विशेष कविता भी चलाई गई थी जिसमें कथित तौर पर मौत से न डरने और अपनी तथाकथित वैचारिक गरिमा की रक्षा करने जैसी बातें कहीं गई थीं। इजरायली और पश्चिमी मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था और उसके तार कुछ प्रतिबंधित संगठनों व अलकायदा के इतिहास से जुड़े हुए पाए गए हैं।

फ्लाईदुबई फ्लाइट की वह खौफनाक घटना और आपातकालीन लैंडिंग

यह पूरी घटना तब घटी जब फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट दुबई से उड़ान भरकर इजरायल के तेल अवीव शहर की ओर जा रही थी। उड़ान के दौरान अचानक सह-पायलट ने भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार पर कॉकपिट के भीतर अचानक हमला कर दिया। इस अचानक हुए हिंसक हमले के बाद विमान अचानक से काफी तेजी से नीचे की ओर गोता लगाने लगा, जिससे विमान में सवार सभी 174 यात्रियों की सांसें अटक गईं। हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने अदम्य साहस का परिचय दिया और हमलावर को रोकने का पूरा प्रयास किया। इसके बाद विमान में सवार यात्रियों, यूएई के क्रू मेंबर्स और अन्य सहयोगियों की सूझबूझ से आरोपी को किसी तरह काबू में किया गया। इस बड़ी दुर्घटना को टालने के बाद विमान को तुरंत सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित रूप से इमरजेंसी लैंड कराया गया।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों की उच्चस्तरीय जांच जारी

घटना के बाद से ही वैश्विक स्तर पर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और अन्य वैश्विक नेताओं ने भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की जमकर सराहना की है और उन्हें एक सच्चा नायक बताया है। वहीं दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), इजरायल और अन्य संबंधित देशों की खुफिया एजेंसियां संयुक्त रूप से इस बात की तह तक जाने का प्रयास कर रही हैं कि इस सुनियोजित हमले के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन था। जांच अधिकारी इस एंगल पर भी बारीकी से नजर रख रहे हैं कि आरोपी को पहले भी कट्टरपंथी गतिविधियों के चलते विमानन क्षेत्र में चेतावनी मिल चुकी थी, फिर भी वह सुरक्षा घेरे को भेदकर इस कॉकपिट तक कैसे पहुंचा। इस बहुआयामी जांच के पूरा होने के बाद ही इस अंतरराष्ट्रीय साजिश के तमाम पहलुओं से पूरी तरह पर्दा उठ सकेगा।